{"_id":"69027e0248ed9567f302d432","slug":"pgi-opd-server-down-treatment-done-through-manual-card-rohtak-news-c-17-roh1020-753048-2025-10-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: पीजीआई ओपीडी का सर्वर ठप मैनुअल कार्ड से हो रहा इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: पीजीआई ओपीडी का सर्वर ठप मैनुअल कार्ड से हो रहा इलाज
विज्ञापन
16...पीजीआई ओपीडी में इलाज के लिए कतार में लगे मरीज। संवाद
रोहतक। पीजीआई ओपीडी में बुधवार को तीसरे दिन भी सर्वर ठप रहा। जांच मशीनेें व कंप्यूटर बंद पड़े हैं। इस कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मरीज बाहर से जांच कराने को मजबूर हैं।
पीजीआई में यूपीएस जलने की वजह से इलाज की ऑनलाइन व्यवस्था डगमगा गई है। ओपीडी काउंटरों पर मैनुअल ओपीडी कार्ड बनाकर मरीजों का इलाज किया जा रहा है। मरीजों को घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है। इसके बाद भी कुछ मरीज बिना इलाज के लौटने को मजबर हैं।
जांच के लिए बनने वाली पर्ची पर बारकोड लगता है। मशीनों में बार कोड स्कैन होने के बाद ही टेेस्ट या जांच हो पाती है। सर्वर ठप होने के कारण ये मशीनें बंद पड़ी हैं। इस कारण मरीजों को बाहर जांच करवानी पड़ रही है। हालांकि अंदर कुछ मशीनें हैं जो बिना बारकोड के जांच कर रही हैं। पीजीआई में दूर-दूर से मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं और उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
विज्ञापन
ओपीडी का अब तक का सारा डेटा एक ही सर्वर पर मैनेज होता है। पर्ची पर लगने वाले बारकोड पर ये संख्या लिखी रहती है। पिछले मरीजों का डेटा भी अलग से मैनेज नहीं होता है। इससे भी सर्वर पर लोड पड़ता है और सर्वर में दिक्कत आने की संभावना बढ़ जाती है।
संवाद
विज्ञापन
पीजीआई में यूपीएस जलने की वजह से इलाज की ऑनलाइन व्यवस्था डगमगा गई है। ओपीडी काउंटरों पर मैनुअल ओपीडी कार्ड बनाकर मरीजों का इलाज किया जा रहा है। मरीजों को घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है। इसके बाद भी कुछ मरीज बिना इलाज के लौटने को मजबर हैं।
विज्ञापन
जांच के लिए बनने वाली पर्ची पर बारकोड लगता है। मशीनों में बार कोड स्कैन होने के बाद ही टेेस्ट या जांच हो पाती है। सर्वर ठप होने के कारण ये मशीनें बंद पड़ी हैं। इस कारण मरीजों को बाहर जांच करवानी पड़ रही है। हालांकि अंदर कुछ मशीनें हैं जो बिना बारकोड के जांच कर रही हैं। पीजीआई में दूर-दूर से मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं और उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
विज्ञापन
ओपीडी का अब तक का सारा डेटा एक ही सर्वर पर मैनेज होता है। पर्ची पर लगने वाले बारकोड पर ये संख्या लिखी रहती है। पिछले मरीजों का डेटा भी अलग से मैनेज नहीं होता है। इससे भी सर्वर पर लोड पड़ता है और सर्वर में दिक्कत आने की संभावना बढ़ जाती है।
संवाद