{"_id":"69efbb1b8fbb4fee7904afa1","slug":"pgi-issues-alert-on-fire-safety-amidst-extreme-heat-rohtak-news-c-17-roh1020-846670-2026-04-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: भीषण गर्मी में फायर सेफ्टी पर पीजीआई अलर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: भीषण गर्मी में फायर सेफ्टी पर पीजीआई अलर्ट
विज्ञापन
रोहतक। भीषण गर्मी में आग से घटनाओं की रोकथाम व प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए सोमवार शाम को पीजीआई के कुलपति कार्यालय में कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल की अध्यक्षता में बैठक बुलाई गई। इस दौरान आपदा प्रबंधन, अग्नि सुरक्षा, मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण रणनीतियों पर चर्चा हुई।
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि पीजीआई बड़ा संस्थान है। यहां हजारों मरीज, अटेंडेंट व स्टाफ है। एक छोटी सी चूक भी बड़ा हादसा बन सकती है। गर्मी में शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए पहले ही सारी तैयारियां कर रहे हैं।
कुलपति ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में फायर फाइटिंग अरेंजमेंट को दुरुस्त करवाएं। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई होगी। बैठक में कुलसचिव डॉ रूप सिंह, निदेशक डॉ. एसके सिंघल, डीन छात्र कल्याण डॉ. एमजी वशिष्ठ व अन्य उपस्थित रहे।
विज्ञापन
बॉक्स
इन बिंदुओं पर किया फोकस
गर्मी में कई कॉलेजों में हुई आग की घटनाओं को देखते हुए पीजीआईएमएस में एहतियात बरतना
विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करना
सभी फायर एग्जिट को पूरी तरह से खुला और सुगम रखना
फायर एक्सटिंग्विशर व अन्य अग्निशमन उपकरणों की कार्यशीलता सुनिश्चित करना।
आईसीयू सहित सभी वार्डों में इलेक्ट्रिक प्वाइंटों और वायरिंग की जांच
फायर फाइटिंग सिस्टम का एएमसी/सीएमसी कराना व आयोजनों के दौरान प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती करना।
विज्ञापन
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि पीजीआई बड़ा संस्थान है। यहां हजारों मरीज, अटेंडेंट व स्टाफ है। एक छोटी सी चूक भी बड़ा हादसा बन सकती है। गर्मी में शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए पहले ही सारी तैयारियां कर रहे हैं।
विज्ञापन
कुलपति ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में फायर फाइटिंग अरेंजमेंट को दुरुस्त करवाएं। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई होगी। बैठक में कुलसचिव डॉ रूप सिंह, निदेशक डॉ. एसके सिंघल, डीन छात्र कल्याण डॉ. एमजी वशिष्ठ व अन्य उपस्थित रहे।
विज्ञापन
बॉक्स
इन बिंदुओं पर किया फोकस
गर्मी में कई कॉलेजों में हुई आग की घटनाओं को देखते हुए पीजीआईएमएस में एहतियात बरतना
विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करना
सभी फायर एग्जिट को पूरी तरह से खुला और सुगम रखना
फायर एक्सटिंग्विशर व अन्य अग्निशमन उपकरणों की कार्यशीलता सुनिश्चित करना।
आईसीयू सहित सभी वार्डों में इलेक्ट्रिक प्वाइंटों और वायरिंग की जांच
फायर फाइटिंग सिस्टम का एएमसी/सीएमसी कराना व आयोजनों के दौरान प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती करना।