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पीजीआई को मिली डीएम कोर्स की मंजूरी
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रोहतक। पीजीआईएमएस के कार्डियोलॉजी विभाग में अब मरीजों को बेहतर उपचार देने के साथ नए स्पेशलिस्ट भी तैयार किए जाएंगे। इसके लिए केंद्र सरकार ने कार्डियोलॉजी विभाग में डीएम (डॉक्टर ऑफ मेडिसिन) की दो सीटें मंजूर की हैं। विभाग की इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो. अनीता सक्सेना ने डॉ. कुलदीप लालड़ व उनकी टीम को सराहा।
कुलपति ने कहा कि करीब 20 साल पहले वर्ष 1988 में हरियाणा सरकार ने पीजीआईएमएस में कार्डियोलॉजी विभाग को मंजूरी प्रदान की गई थी। इसके बाद वर्ष 1999 में यह विभाग शुरू हुआ। वर्ष 2003 में पहली बार संस्थान में कैथ लैब शुरू हुई। अब यहां डीएम की दो सीटें मंजूर हुई हैं। यह सराहनीय फैसला है। डॉ. कुलदीप लालर ने कहा कि वर्ष 2017 में उनके साथ डॉ. अश्विनी ने कार्यभार संभाला। वर्ष 2019 में सरकार ने विभाग को अतिरिक्त 6 पदों की मंजूरी प्रदान की। इसके बाद डीएम कार्डियोलॉजी शुरू करने की कार्रवाई की गई। नेशनल मेडिकल कमीशन भारत सरकार ने 27 जुलाई 2021 को कार्डियोलॉजी विभाग का निरीक्षण कराया। निरीक्षण में व्यवस्था बेहतर मिलने के चलते अब कुलपति की देखरेख में संस्थान में डीएम कार्डियोलॉजी शुरू करने की अनुमति मिली है। इसका सीधा फायदा संस्थान में आने वाले मरीजों को मिलेगा। कार्डियोलॉजी के क्षेत्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों की प्रदेश में वृद्धि होगी। प्रदेश में पीजीआईएमएस एकमात्र ऐसा मेडिकल कॉलेज है, जिसमें यह डीएम कार्डियोलॉजी शुरू की गई है। इसके लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल, स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, एसीएस डॉ. जी. अनुपमा, कुलपति डॉ. अनीता सक्सेना, कुलसचिव डॉ. एचके अग्रवाल को श्रेय देते हुए उन्होंने कहा कि यह कोर्स शुरू होने से रोगियों को बेहतर इलाज मिलेगा।
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कुलपति ने कहा कि करीब 20 साल पहले वर्ष 1988 में हरियाणा सरकार ने पीजीआईएमएस में कार्डियोलॉजी विभाग को मंजूरी प्रदान की गई थी। इसके बाद वर्ष 1999 में यह विभाग शुरू हुआ। वर्ष 2003 में पहली बार संस्थान में कैथ लैब शुरू हुई। अब यहां डीएम की दो सीटें मंजूर हुई हैं। यह सराहनीय फैसला है। डॉ. कुलदीप लालर ने कहा कि वर्ष 2017 में उनके साथ डॉ. अश्विनी ने कार्यभार संभाला। वर्ष 2019 में सरकार ने विभाग को अतिरिक्त 6 पदों की मंजूरी प्रदान की। इसके बाद डीएम कार्डियोलॉजी शुरू करने की कार्रवाई की गई। नेशनल मेडिकल कमीशन भारत सरकार ने 27 जुलाई 2021 को कार्डियोलॉजी विभाग का निरीक्षण कराया। निरीक्षण में व्यवस्था बेहतर मिलने के चलते अब कुलपति की देखरेख में संस्थान में डीएम कार्डियोलॉजी शुरू करने की अनुमति मिली है। इसका सीधा फायदा संस्थान में आने वाले मरीजों को मिलेगा। कार्डियोलॉजी के क्षेत्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों की प्रदेश में वृद्धि होगी। प्रदेश में पीजीआईएमएस एकमात्र ऐसा मेडिकल कॉलेज है, जिसमें यह डीएम कार्डियोलॉजी शुरू की गई है। इसके लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल, स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, एसीएस डॉ. जी. अनुपमा, कुलपति डॉ. अनीता सक्सेना, कुलसचिव डॉ. एचके अग्रवाल को श्रेय देते हुए उन्होंने कहा कि यह कोर्स शुरू होने से रोगियों को बेहतर इलाज मिलेगा।
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