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Rohtak News: पीजी छात्र ने डेंटल कॉलेज के प्रोफेसर पर लगाया उत्पीड़न का आरोप
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03सीटीके31-पीजीआईडीएस के प्रोफेसर की मार से पीजी छात्र की कमर पर बना निशान। यूडीएफ
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रोहतक। पीजीआईडीएस में पीजी छात्र के उत्पीड़न का मामला सामने आया है। छात्र ने कॉलेज के एक प्रोफेसर पर मारपीट व अभद्रता करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस बारे में यूनाइटेड डाॅक्टर्स फ्रंट (यूडीएफ) ने मुख्यमंत्री नायब सैनी से शिकायत कर प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। यह मामला ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग के पीजी डॉ. जिष्णु मोहन के साथ जुड़ा है।
यूडीएफ प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अमित व्यास ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। पीड़ित पीजी छात्र को न्याय दिलाने के लिए मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, साथ ही पीजी छात्र की सुरक्षा व मानसिक स्वास्थ्य के लिए पुलिस मुहैया कराई जाए। उन्होंने कहा कि प्रोफेसर खुद को राजनीतिक पहुंच व पुलिस से संबंध रखने वाला बताते हैं। इसकी आड़ में वे सभी से दुर्व्यवहार करते हैं व धमकी भरे शब्द बोलते हैं। इस बार पीजी छात्र पर कुर्सी से हमला कर उसे घायल किया है। यह अकेली घटना नहीं है, बल्कि ऐसा कई बार हो चुका है। ऐसी घटनाओं पर तत्काल अंकुश के लिए कठोर कार्रवाई की जाए। इस मामले में संगठन ने कुछ मांगें रखी हैं। इन्हें पूरा किया जाए।
यूडीएफ की ये हैं मांगें
1. आरोपी प्रोफेसर पीड़ित छात्र से सार्वजनिक रूप से लिखित माफी मांगें।
2. पीजी छात्र की सुरक्षा व मानसिक स्वास्थ्य के लिए पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए।
3. आंतरिक शिकायत समिति का पुनर्गठन किया जाए, जिसमें निष्पक्ष सदस्य शामिल हों।
4. अंतिम वर्ष की एमडीएस परीक्षा में उन्हें परीक्षक के रूप में नियुक्त न किया जाए।
5. भविष्य में उन्हें पीजी गाइड के रूप में नियुक्त न किया जाए।
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यूडीएफ प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अमित व्यास ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। पीड़ित पीजी छात्र को न्याय दिलाने के लिए मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, साथ ही पीजी छात्र की सुरक्षा व मानसिक स्वास्थ्य के लिए पुलिस मुहैया कराई जाए। उन्होंने कहा कि प्रोफेसर खुद को राजनीतिक पहुंच व पुलिस से संबंध रखने वाला बताते हैं। इसकी आड़ में वे सभी से दुर्व्यवहार करते हैं व धमकी भरे शब्द बोलते हैं। इस बार पीजी छात्र पर कुर्सी से हमला कर उसे घायल किया है। यह अकेली घटना नहीं है, बल्कि ऐसा कई बार हो चुका है। ऐसी घटनाओं पर तत्काल अंकुश के लिए कठोर कार्रवाई की जाए। इस मामले में संगठन ने कुछ मांगें रखी हैं। इन्हें पूरा किया जाए।
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यूडीएफ की ये हैं मांगें
1. आरोपी प्रोफेसर पीड़ित छात्र से सार्वजनिक रूप से लिखित माफी मांगें।
2. पीजी छात्र की सुरक्षा व मानसिक स्वास्थ्य के लिए पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए।
3. आंतरिक शिकायत समिति का पुनर्गठन किया जाए, जिसमें निष्पक्ष सदस्य शामिल हों।
4. अंतिम वर्ष की एमडीएस परीक्षा में उन्हें परीक्षक के रूप में नियुक्त न किया जाए।
5. भविष्य में उन्हें पीजी गाइड के रूप में नियुक्त न किया जाए।