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Rohtak News: ओपीएस तिरंगा मार्च की अनुमति रद्द, अदालत का दरवाजा खटखटाएगी संघर्ष समिति
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रोहतक। पेंशन बहाली संघर्ष समिति का 8 सितंबर को प्रस्तावित ओपीएस तिरंगा मार्च रद्द हो गया है। प्रशासन ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए आयोजन की अनुमति देने से इन्कार कर दिया है। इससे आहत पेंशन बहाली संघर्ष समिति ने मामले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाने का फैसला लिया है। 9 से 12 सितंबर तक प्रदेश के समस्त कर्मचारी काला बैज बांधकर विरोध जताएंगे। चुनावी माहौल में वोट फोर ओपीएस की मुहिम को और तेज करेंगे। यह जानकारी समिति के राज्य अध्यक्ष विजेंद्र धारीवाल के नेतृत्व में एमडीयू के गैर शिक्षक कर्मचारी संघ कार्यालय में हुई प्रेसवार्ता में दी गई।
प्रांतीय अध्यक्ष ने कहा कि 8 सितंबर को रोहतक में ओपीएस तिरंगा मार्च का आयोजन होना था। इसमें 10 जिलों के अधिकारी-कर्मचारियों को शामिल होना था। शहीदों को नमन कर तिरंगे के सम्मान में मार्च करते हुए प्रदेश में ओपीएस बहाली नहीं होने तक संघर्ष का संकल्प लेना था। राजनीतिक दबाव के चलते 6 सितंबर की शाम को जिला प्रशासन से प्रस्तावित ओपीएस तिरंगा मार्च की पूर्व अनुमति को रद्द कर दिया। इसी संदर्भ में राज्य कार्यकारिणी ने रोहतक पहुंचकर जिला प्रशासन से वार्ता की और उनसे इस शांतिपूर्ण मार्च निकाले जाने के संदर्भ में अनुमति के लिए आग्रह किया। जिला प्रशासन ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए मार्च की अनुमति देने से साफ इन्कार कर दिया।
समिति के जिला प्रधान अनिल स्वामी व जिला महासचिव संजय सिंहमार ने कहा कि कार्यक्रम की अनुमति 28 अगस्त को जारी हो चुकी थी। इसे 6 सितंबर को निरस्त करना कर्मचारियों के साथ अन्याय है। संघर्ष समिति ने प्रशासन से कार्यक्रम में कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी स्वयं लेने का भी वादा किया। इसके बावजूद अनुमति नहीं मिली। इसके बाद पेंशन बहाली संघर्ष समिति की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक हुई। यहां सभी पदाधिकारियों से विचार विमर्श के बाद अपनी अगली रणनीति पर चर्चा की। विजेंद्र धारीवाल ने सबसे प्रशासनिक कदम की निंदनीय करते हुए कहा कि पुरानी पेंशन बहाल नहीं होने तक पीबीएसएस हरियाणा पीछे नहीं हटेगी। संघर्ष सड़क से लेकर न्यायालय तक लड़ने का काम करेगें।
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राज्य महासचिव ऋषि नैन ने कहा कि नौ से 12 सितंबर तक प्रदेश के तमाम कर्मचारी अपने कार्यालय में काला बैज लगाकर विरोध जताएंगे। साथ ही वोट फॉर ऑफिस की मुहिम और तेज किया जाएगा। इस मौके पर राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनुप लाठर, राज्य ऑडिटर विजय भूना, देवराज बाल्यान, प्रदेश प्रवक्ता प्रवीण देशवाल, डाॅ. बलराम आर्य, अरविंद यादव, कुलदीप शर्मा, संदीप शर्मा, समंदर मोर, सुखबीर दूहन, अमर, सतपाल, जितेंद्र यादव समेत राज्य कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे।
प्रांतीय अध्यक्ष ने कहा कि 8 सितंबर को रोहतक में ओपीएस तिरंगा मार्च का आयोजन होना था। इसमें 10 जिलों के अधिकारी-कर्मचारियों को शामिल होना था। शहीदों को नमन कर तिरंगे के सम्मान में मार्च करते हुए प्रदेश में ओपीएस बहाली नहीं होने तक संघर्ष का संकल्प लेना था। राजनीतिक दबाव के चलते 6 सितंबर की शाम को जिला प्रशासन से प्रस्तावित ओपीएस तिरंगा मार्च की पूर्व अनुमति को रद्द कर दिया। इसी संदर्भ में राज्य कार्यकारिणी ने रोहतक पहुंचकर जिला प्रशासन से वार्ता की और उनसे इस शांतिपूर्ण मार्च निकाले जाने के संदर्भ में अनुमति के लिए आग्रह किया। जिला प्रशासन ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए मार्च की अनुमति देने से साफ इन्कार कर दिया।
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समिति के जिला प्रधान अनिल स्वामी व जिला महासचिव संजय सिंहमार ने कहा कि कार्यक्रम की अनुमति 28 अगस्त को जारी हो चुकी थी। इसे 6 सितंबर को निरस्त करना कर्मचारियों के साथ अन्याय है। संघर्ष समिति ने प्रशासन से कार्यक्रम में कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी स्वयं लेने का भी वादा किया। इसके बावजूद अनुमति नहीं मिली। इसके बाद पेंशन बहाली संघर्ष समिति की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक हुई। यहां सभी पदाधिकारियों से विचार विमर्श के बाद अपनी अगली रणनीति पर चर्चा की। विजेंद्र धारीवाल ने सबसे प्रशासनिक कदम की निंदनीय करते हुए कहा कि पुरानी पेंशन बहाल नहीं होने तक पीबीएसएस हरियाणा पीछे नहीं हटेगी। संघर्ष सड़क से लेकर न्यायालय तक लड़ने का काम करेगें।
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राज्य महासचिव ऋषि नैन ने कहा कि नौ से 12 सितंबर तक प्रदेश के तमाम कर्मचारी अपने कार्यालय में काला बैज लगाकर विरोध जताएंगे। साथ ही वोट फॉर ऑफिस की मुहिम और तेज किया जाएगा। इस मौके पर राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनुप लाठर, राज्य ऑडिटर विजय भूना, देवराज बाल्यान, प्रदेश प्रवक्ता प्रवीण देशवाल, डाॅ. बलराम आर्य, अरविंद यादव, कुलदीप शर्मा, संदीप शर्मा, समंदर मोर, सुखबीर दूहन, अमर, सतपाल, जितेंद्र यादव समेत राज्य कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे।