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Rohtak News: बंदरों के आतंक से लोग परेशान, गलियों में निकलना मुश्किल
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29jjrp13- बेरी में घर की दीवार पर बैठे बंदर। संवाद
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बेरी। कस्बे में बंदरों के बढ़ते आतंक से लोग परेशान हैं। रिहायशी इलाकों से लेकर बाजार और गलियों तक बंदरों के झुंड घूमते नजर आ रहे हैं। बंदरों के अचानक लोगों के सामने आने और घरों की छतों पर पहुंचने से खासकर बच्चों और बुजुर्गों में डर का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से बंदरों की समस्या बनी हुई है, लेकिन इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। बंदर घरों की छतों पर रखे सामान को नुकसान पहुंचाने के साथ कपड़े, खाने-पीने की वस्तुएं और अन्य सामान उठाकर ले जाते हैं। कई बार बंदर घरों के अंदर तक पहुंच जाते हैं। गलियों में झुंड होने के कारण अभिभावक बच्चों को अकेले बाहर भेजने से भी डरते हैं।
बेरी निवासी संदीप, मनीष, सुनील, राजू और पंकज ने बताया कि बंदर कई बार राहगीरों की ओर झपटते हैं। अचानक बंदरों के पीछे दौड़ने से लोग घबरा जाते हैं। लोगों ने आशंका जताई कि समय रहते बंदरों को नहीं पकड़ा गया तो किसी दिन बड़ी घटना हो सकती है। उन्होंने नगरपालिका प्रशासन से विशेष अभियान चलाकर बंदरों को पकड़ने और सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अधिक बंदरों वाले क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर टीम भेजी जाए तथा नियमित निगरानी की जाए। नगर पालिका बेरी के कनिष्ठ अभियंता रोहित लोहचब ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। बंदरों को पकड़ने के लिए पालिका की ओर से जल्द टेंडर लगाया जाएगा। करीब दो साल पहले भी बंदरों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया गया था।
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बेरी निवासी संदीप, मनीष, सुनील, राजू और पंकज ने बताया कि बंदर कई बार राहगीरों की ओर झपटते हैं। अचानक बंदरों के पीछे दौड़ने से लोग घबरा जाते हैं। लोगों ने आशंका जताई कि समय रहते बंदरों को नहीं पकड़ा गया तो किसी दिन बड़ी घटना हो सकती है। उन्होंने नगरपालिका प्रशासन से विशेष अभियान चलाकर बंदरों को पकड़ने और सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अधिक बंदरों वाले क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर टीम भेजी जाए तथा नियमित निगरानी की जाए। नगर पालिका बेरी के कनिष्ठ अभियंता रोहित लोहचब ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। बंदरों को पकड़ने के लिए पालिका की ओर से जल्द टेंडर लगाया जाएगा। करीब दो साल पहले भी बंदरों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया गया था।
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