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Rohtak News: लोग बंदर पकड़ने की लगा रहे गुहार, प्रशासन कब सुनेगा पुकार
Thu, 09 Jul 2026 06:45 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Thu, 09 Jul 2026 06:45 AM IST
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02-बंदर पकड़ने की मांग लेकर लघु सचिवालय पहुंचे बोहर निवासी। संवाद
रोहतक। शहर में बंदरों के आतंक से स्थानीय निवासी परेशान हैं। प्रशासन की ओर से बंदरों को पकड़ने के लिए कोई लिखित निर्देश नहीं दिए गए हैं। पिछले दो साल से बंदर पकड़ने के लिए कोई टेंडर भी नहीं हुआ है। इससे बंदरों की संख्या बढ़ गई है और वे लोगों पर हमला कर उन्हें काट रहे हैं। प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई न होने से निवासियों में निराशा है।
वार्ड दस के बोहर निवासी कुलदीप नांदल, जोरा सिंह, दर्शन, अनिल, हवा सिंह, पवन, कृष्ण, रामेश्वर और बलवान ने बताया कि वे दो साल से प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशासन बंदरों के हमलों की गंभीर स्थिति के प्रति गंभीर नहीं है।
इस मामले में अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। बंदरों को पकड़ने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन, नगर निगम और पंचायत विभाग की होती है।
भालौठ गांव में भय
भालौठ गांव निवासी कृष्ण, अनु, सोनिया, बिमला, बबीता, कमला, मुन्नी, सावित्री और ओमपति ने बताया कि गांव में बंदरों का भय बना हुआ है। महिलाएं गलियों में डंडे लेकर जाती हैं क्योंकि उन्हें बंदरों के हमले का डर रहता है। उनका कहना है कि प्रशासन को गंभीरता दिखाते हुए बंदर पकड़वाने चाहिए।
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वर्जन
बंदर के काटने के मामले सामने आए हैं। बंदर पकड़ने के लिए 14 लाख रुपये का टेंडर लगाया गया है और इस पर गंभीरता दिखाई जा रही है। नमिता, संयुक्त नगर आयुक्त, नगर निगम
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वार्ड दस के बोहर निवासी कुलदीप नांदल, जोरा सिंह, दर्शन, अनिल, हवा सिंह, पवन, कृष्ण, रामेश्वर और बलवान ने बताया कि वे दो साल से प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशासन बंदरों के हमलों की गंभीर स्थिति के प्रति गंभीर नहीं है।
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इस मामले में अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। बंदरों को पकड़ने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन, नगर निगम और पंचायत विभाग की होती है।
भालौठ गांव में भय
भालौठ गांव निवासी कृष्ण, अनु, सोनिया, बिमला, बबीता, कमला, मुन्नी, सावित्री और ओमपति ने बताया कि गांव में बंदरों का भय बना हुआ है। महिलाएं गलियों में डंडे लेकर जाती हैं क्योंकि उन्हें बंदरों के हमले का डर रहता है। उनका कहना है कि प्रशासन को गंभीरता दिखाते हुए बंदर पकड़वाने चाहिए।
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बंदर के काटने के मामले सामने आए हैं। बंदर पकड़ने के लिए 14 लाख रुपये का टेंडर लगाया गया है और इस पर गंभीरता दिखाई जा रही है। नमिता, संयुक्त नगर आयुक्त, नगर निगम

02-बंदर पकड़ने की मांग लेकर लघु सचिवालय पहुंचे बोहर निवासी। संवाद