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इनफ्लूएंजा व कोरोना के समान लक्षण से मरीज असमंजस में
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सामान्य अस्पताल में बुधवार को टीका लगवाती किशोरी। अमर उजाला
कोरोना संक्रमणकाल की तीसरी लहर में इंफ्लूएंजा वायरस भी असर दिखा रहा है। कोरोना व इंफ्लूएंजा के एक समान लक्षण मरीजों में असमंजस उत्पन्न कर रहे हैं। अधिकतर मरीज कोरोना की जांच तक नहीं करवा रहे हैं। यही वजह है कि बुखार के मरीजों की संख्या प्रतिदिन की ओपीडी में हजारों में है और जिले में स्वास्थ्य विभाग 100 के करीब ही कोरोना संक्रमितों की पहचान कर पा रहा है। इसका असर यह है कि बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
ओमिक्रॉन वैरिएंट का असर जिले में दिखाई दे रहा है। रोजाना कोरोना के मरीजों का आंकड़ा शतक पार कर रहा है। 30 जनवरी को 101, 31 जनवरी को 107, एक फरवरी को 105 तो दो फरवरी को कोरोना के 102 नए मरीज मिले हैं। जिले में अभी तक 30992 मरीज कोरोना संक्रमित मिले हैं। फिलहाल 661 मरीज होम आइसोलेशन में हैं और अभी तक 574 की उपचार के दौरान मौत हो चुकी है। वहीं कोरोना के साथ-साथ इंफ्लूएंजा वायरस का भी प्रकोप बढ़ रहा है। सामान्य सर्दी, जुकाम व बुखार के मामले इन दिनों बढ़ रहे हैं। पीजीआईएमएस, जिला अस्पताल, पॉली क्लीनिक व निजी अस्पतालों एवं निजी क्लीनिकों की बात करें तो रोजाना बुखार के हजारों मरीज उपचार ले रहे हैं। जबकि बुखार के मरीजों की जांच सैंपल की संख्या 1500 के आसपास ही चल रही है। इनमें वे व्यक्ति भी शामिल हैं, जिनको अपनी निगेटिव रिपोर्ट विभिन्न कार्यों के लिए अनिवार्य होती है।
निजी क्लीनिक और फार्मासिस्ट से ले रहे दवा
निजी क्लीनिक व फार्मासिस्ट से बुखार के मरीज दवा ले रहे हैं और बुखार होने के बावजूद जांच करवाने से बच रहे हैं। अधिकांश मरीजों का मानना है कि कोरोना जांच करवाने का कोई लाभ नहीं है, उपचार तो वही चलना है। वहीं हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो यदि बुखार के सभी मरीजों की जांच करवाई जाए तो कोरोना संक्रमितों की संख्या में इजाफा होगा।
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तीन से छह दिन चल रहा है बुखार : डॉ. अरविंदम राय
स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर डॉ. अरविंदम राय ने बताया कि इस समय कोरोना व इंफ्लूएंजा दोनों एक साथ चल रहे हैं। इस समय तीन से छह दिन बुखार चल रहा है। इसमें कमजोरी भी रहती है। इंफ्लूएंजा पहले भी था, लेकिन इस साल यह अधिक तेज है। पॉली क्लीनिक की हर ओपीडी में 30 से अधिक मरीज इसके मिल रहे हैं। इसके अलावा कोरोना के मरीजों की भी पुष्टि हो रही है। इसलिए सभी के लिए जरूरी है कि वह मास्क पहनें व सामाजिक दूरी का पालन करें।
वर्जन
किसी भी कोरोना या सामान्य बुखार के लक्षण वाले मरीज को अपनी जांच करवानी चाहिए। इससे परिवार व अन्य लोगों में संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है। निजी अस्पतालों को भी ऐसे मरीजों की पहचान कर जांच करवानी चाहिए। फार्मासिस्ट कोई भी बगैर डॉक्टर के ओपीडी कार्ड किसी मरीज को दवा नहीं दे सकता। हमें कोरोना से घबराने की नहीं जागरूक होने की जरूरत है। बुधवार को 115 मरीज ठीक हो गए हैं।
- डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन
32876 का हो चुका टीकाकरण
स्वास्थ्य विभाग ने 15 से 17 आयु वर्ग में अभी तक 32876 किशोर-किशोरियों को कोरोना से बचाव का टीका लगा दिया है। वहीं विभाग ने जिले में 15 लाख के करीब लोगों का टीकाकरण कर उन्हें सुरक्षा चक्र में ला दिया है।
पीजीआईएमएस में कोरोना के 48 मरीज भर्ती, दो की मौत
पीजीआईएमएस में कोरोना के 48 मरीज भर्ती हैं। इसमें सात आक्सीजन पर, एक हाई फ्लो ऑक्सीजन पर और 11 वेंटिलेटर पर हैं। साथ ही दो मरीजों की मौत हुई है। शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। संस्थान में ऑर्थो का सीनियर रेजिडेंट, नर्सिंग कॉलेज में लेक्चरर, गायनी की प्रोफेसर, दंत विभाग में सहायक प्रोफेसर, रेडियोलॉजी में सीनियर रेजिडेंट, एमबीबीएस के तीन इंटर्न व ट्रामा सेंटर, ब्लड बैंक, लेबर रूम व नीकू चार की चार स्टाफ नर्स भी कोरोना संक्रमित मिली हैं।
निजी संस्थान की 30 वर्षीय महिला ने तोड़ा दम
जिले में निजी संस्थान की 30 वर्षीय महिला ने कोरोना से उपचार के दौरान दम तोड़ दिया है। साथ ही जिले में कोरोना से मरने वालों की संख्या 574 हो गई है।
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ओमिक्रॉन वैरिएंट का असर जिले में दिखाई दे रहा है। रोजाना कोरोना के मरीजों का आंकड़ा शतक पार कर रहा है। 30 जनवरी को 101, 31 जनवरी को 107, एक फरवरी को 105 तो दो फरवरी को कोरोना के 102 नए मरीज मिले हैं। जिले में अभी तक 30992 मरीज कोरोना संक्रमित मिले हैं। फिलहाल 661 मरीज होम आइसोलेशन में हैं और अभी तक 574 की उपचार के दौरान मौत हो चुकी है। वहीं कोरोना के साथ-साथ इंफ्लूएंजा वायरस का भी प्रकोप बढ़ रहा है। सामान्य सर्दी, जुकाम व बुखार के मामले इन दिनों बढ़ रहे हैं। पीजीआईएमएस, जिला अस्पताल, पॉली क्लीनिक व निजी अस्पतालों एवं निजी क्लीनिकों की बात करें तो रोजाना बुखार के हजारों मरीज उपचार ले रहे हैं। जबकि बुखार के मरीजों की जांच सैंपल की संख्या 1500 के आसपास ही चल रही है। इनमें वे व्यक्ति भी शामिल हैं, जिनको अपनी निगेटिव रिपोर्ट विभिन्न कार्यों के लिए अनिवार्य होती है।
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निजी क्लीनिक और फार्मासिस्ट से ले रहे दवा
निजी क्लीनिक व फार्मासिस्ट से बुखार के मरीज दवा ले रहे हैं और बुखार होने के बावजूद जांच करवाने से बच रहे हैं। अधिकांश मरीजों का मानना है कि कोरोना जांच करवाने का कोई लाभ नहीं है, उपचार तो वही चलना है। वहीं हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो यदि बुखार के सभी मरीजों की जांच करवाई जाए तो कोरोना संक्रमितों की संख्या में इजाफा होगा।
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तीन से छह दिन चल रहा है बुखार : डॉ. अरविंदम राय
स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर डॉ. अरविंदम राय ने बताया कि इस समय कोरोना व इंफ्लूएंजा दोनों एक साथ चल रहे हैं। इस समय तीन से छह दिन बुखार चल रहा है। इसमें कमजोरी भी रहती है। इंफ्लूएंजा पहले भी था, लेकिन इस साल यह अधिक तेज है। पॉली क्लीनिक की हर ओपीडी में 30 से अधिक मरीज इसके मिल रहे हैं। इसके अलावा कोरोना के मरीजों की भी पुष्टि हो रही है। इसलिए सभी के लिए जरूरी है कि वह मास्क पहनें व सामाजिक दूरी का पालन करें।
वर्जन
किसी भी कोरोना या सामान्य बुखार के लक्षण वाले मरीज को अपनी जांच करवानी चाहिए। इससे परिवार व अन्य लोगों में संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है। निजी अस्पतालों को भी ऐसे मरीजों की पहचान कर जांच करवानी चाहिए। फार्मासिस्ट कोई भी बगैर डॉक्टर के ओपीडी कार्ड किसी मरीज को दवा नहीं दे सकता। हमें कोरोना से घबराने की नहीं जागरूक होने की जरूरत है। बुधवार को 115 मरीज ठीक हो गए हैं।
- डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन
32876 का हो चुका टीकाकरण
स्वास्थ्य विभाग ने 15 से 17 आयु वर्ग में अभी तक 32876 किशोर-किशोरियों को कोरोना से बचाव का टीका लगा दिया है। वहीं विभाग ने जिले में 15 लाख के करीब लोगों का टीकाकरण कर उन्हें सुरक्षा चक्र में ला दिया है।
पीजीआईएमएस में कोरोना के 48 मरीज भर्ती, दो की मौत
पीजीआईएमएस में कोरोना के 48 मरीज भर्ती हैं। इसमें सात आक्सीजन पर, एक हाई फ्लो ऑक्सीजन पर और 11 वेंटिलेटर पर हैं। साथ ही दो मरीजों की मौत हुई है। शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। संस्थान में ऑर्थो का सीनियर रेजिडेंट, नर्सिंग कॉलेज में लेक्चरर, गायनी की प्रोफेसर, दंत विभाग में सहायक प्रोफेसर, रेडियोलॉजी में सीनियर रेजिडेंट, एमबीबीएस के तीन इंटर्न व ट्रामा सेंटर, ब्लड बैंक, लेबर रूम व नीकू चार की चार स्टाफ नर्स भी कोरोना संक्रमित मिली हैं।
निजी संस्थान की 30 वर्षीय महिला ने तोड़ा दम
जिले में निजी संस्थान की 30 वर्षीय महिला ने कोरोना से उपचार के दौरान दम तोड़ दिया है। साथ ही जिले में कोरोना से मरने वालों की संख्या 574 हो गई है।