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Rohtak News: यात्रियों की तकलीफ नजरअंदाज, डिपो में बिना चालक-परिचालक खड़ी 30 बसें
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रोहतक बस स्टैंड पर रविवार को बसों का इंतजार करते रोडवेज यात्री । संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। परिवहन विभाग की ओर से रोडवेज यात्रियों की तकलीफ को नजरअंदाज किया जा रहा है। रोडवेज डिपो में कर्मचारियों की कमी होने से प्रतिदिन औसतन 30 बसें अतिरिक्त रूप से कर्मशाला में खड़ी रहती हैं। स्टैंड पर प्रतिदिन यात्रियों को बसें न मिलने पर परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। राज्यस्तरीय कार्यक्रमों में अधिकतर बसें लगाए जाने से परेशानी और अधिक बढ़ जाती है।
डिपो में करीब 90 से रोडवेज कर्मचारियों की कमी खल रही है। डिपो में रोडवेज और किलोमीटर स्कीम (लीज) की कुल 190 बसें हैं। इनके लिए डिपो के चालक-परिचालक कम पड़ रहे हैं। कर्मशाला में औसतन 30 से 40 बसें खड़ी रहती हैं।
स्टैंड से सोनीपत, जींद, महम, हांसी व दादरी मार्गों पर यात्रियों को सबसे अधिक दिक्कत
रहती है। रोडवेज के अनुसार, डिपो में चालक-परिचालक उपलब्ध हैं लेकिन अवकाश, मेडिकल और अन्य शाखाओं में कर्मचारी लगाने से बसों के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
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रोडवेज अधिकारियों का कहना कि डिपो के ड्यूटी सेक्शन, निरीक्षक ब्रांच, बुकिंग ब्रांच, स्टैंड इंचार्ज, सब इंस्पेक्टर, ट्रैफिक ब्रांच व अलग शाखाओं में कर्मचारियों की कमी है। यहां पर पूर्ति करने के लिए चालक-परिचालक को लगाया गया है। यह भी कहना कि डिपो में करीब 224 चालक व 266 परिचालक हैं लेकिन ये कर्मचारी पूरी तरह ऑन रूट नहीं हैं।
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रोडवेज व लीज की कुल बसें : 190
बस संचालन में चालक : 154
बस संचालन में परिचालक : 195
वर्जन
कर्मचारियों की डिमांड मुख्यालय भेजी गई है। यात्रियों की सुविधा के लिए 80 चालकों का मांग पत्र भेजा गया है। यात्रियों की जरूरत के अनुसार डिपो की बसों का संचालन किया जा रहा है। - विपिन कुमार, महाप्रबंधक, रोडवेज
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रोहतक। परिवहन विभाग की ओर से रोडवेज यात्रियों की तकलीफ को नजरअंदाज किया जा रहा है। रोडवेज डिपो में कर्मचारियों की कमी होने से प्रतिदिन औसतन 30 बसें अतिरिक्त रूप से कर्मशाला में खड़ी रहती हैं। स्टैंड पर प्रतिदिन यात्रियों को बसें न मिलने पर परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। राज्यस्तरीय कार्यक्रमों में अधिकतर बसें लगाए जाने से परेशानी और अधिक बढ़ जाती है।
डिपो में करीब 90 से रोडवेज कर्मचारियों की कमी खल रही है। डिपो में रोडवेज और किलोमीटर स्कीम (लीज) की कुल 190 बसें हैं। इनके लिए डिपो के चालक-परिचालक कम पड़ रहे हैं। कर्मशाला में औसतन 30 से 40 बसें खड़ी रहती हैं।
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स्टैंड से सोनीपत, जींद, महम, हांसी व दादरी मार्गों पर यात्रियों को सबसे अधिक दिक्कत
रहती है। रोडवेज के अनुसार, डिपो में चालक-परिचालक उपलब्ध हैं लेकिन अवकाश, मेडिकल और अन्य शाखाओं में कर्मचारी लगाने से बसों के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
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रोडवेज अधिकारियों का कहना कि डिपो के ड्यूटी सेक्शन, निरीक्षक ब्रांच, बुकिंग ब्रांच, स्टैंड इंचार्ज, सब इंस्पेक्टर, ट्रैफिक ब्रांच व अलग शाखाओं में कर्मचारियों की कमी है। यहां पर पूर्ति करने के लिए चालक-परिचालक को लगाया गया है। यह भी कहना कि डिपो में करीब 224 चालक व 266 परिचालक हैं लेकिन ये कर्मचारी पूरी तरह ऑन रूट नहीं हैं।
रोडवेज व लीज की कुल बसें : 190
बस संचालन में चालक : 154
बस संचालन में परिचालक : 195
वर्जन
कर्मचारियों की डिमांड मुख्यालय भेजी गई है। यात्रियों की सुविधा के लिए 80 चालकों का मांग पत्र भेजा गया है। यात्रियों की जरूरत के अनुसार डिपो की बसों का संचालन किया जा रहा है। - विपिन कुमार, महाप्रबंधक, रोडवेज