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Rohtak News: 183 बसों की सवारी 53 बसों के भरोसे, भटकते रहे लोग
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रोहतक। रोडवेज की बस सेवा सोमवार को चरमरा गई। लोगों को अपने गंतव्य पर पहुंचने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। नियमित यात्रियों के लिए 183 के बजाय महज 53 बसें ही उपलब्ध थी। नतीजन यात्रियों को 30 से 60 मिनट तक बसों का इंतजार करना पड़ा। यही नहीं, कुछ रूट पर केवल निजी बसें ही चली। यह अव्यवस्था सोमवार को पानीपत में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में बसें भेजने से हुई।
डिपो से अंतरराज्यीय रूट पर सभी बसें चली। महम रूट पर कोई बस नहीं चली। बसों की कमी के चलते विद्यार्थियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। सोमवार को स्नातक स्तर के विद्यार्थियों की प्रेक्टिकल परीक्षा का पहला दिन था। बसें नहीं मिलने के कारण इनको काफी परेशानी हुई। गुरुग्राम, हिसार, सिरसा, कोसली, बहुझोलरी, पानीपत, सोनीपत, जींद व भिवानी समेत अन्य रूट पर भी बस सेवा प्रभावित रही। सभी रूट पर तीन से चार बसें ही चलीं। निजी बसों में भी भीड़ के कारण यात्रियों को खड़े होकर सफर करना पड़ा। यात्रियों को कैब का रुख करना पड़ा। भीड़ के कारण बुजुर्ग और महिला यात्रियों को अधिक परेशानी हुई।
यात्रियों से बातचीत
आधे घंटे से बस का इंतजार कर रही हूं। एक भी बस नहीं आ रही है। निजी बसों में भीड़ बहुत ज्यादा जा रही है।
साक्षी, बालंद, छात्रा, राजकीय महिला महाविद्यालय।
25 मिनट से बस का इंतजार कर रही हूं। बसें आ ही नहीं रही हैं। निजी बसों में पैर रखने तक की जगह नहीं है।
प्रिया, खरखौदा।
आधे घंटे से बस का इंतजार कर रहा हूं। बसें मिल नहीं रही है। रोडवेज बसें तो दिख ही नहीं रही है।
मनीष, खरखौदा।
आधे घंटे से बस का इंतजार कर रही हूं। शादी में जाना है। बस मिल ही नहीं रही है।
गीता, सोनीपत।
पौने घंटे से बस का इंतजार कर रही हूं। अब तक एक भी रोडवेज बस नहीं मिली है। निजी बस वाले बस पास नहीं मान रहे है।
खुशी, गोहाना।
पिछली 45 मिनट से कोसली वाली बस का इंतजार कर रही हूं, गोच्छी जाना है। कोई बस ही नहीं आ रही है।
हर्ष, गोच्छी।
एक घंटे से बस का इंतजार कर रही हूं, जो भी बस आ रही है वह काउंटर पर लगने से पहले ही भर जाती है।
तनुजा, दुबलधन।
वर्जन
कुछ बसें वापस आई हैं, उन्हें रूट पर भेज दिया गया है। किलोमीटर स्कीम की और निजी बसें सुचारू रूप से चल रही है। दूसरे डिपो की बसें भी सही तरह से चल रही है। ट्रैफिक मैनेजर, स्टेशन सुपरवाइजर, वर्कशॉप मैनेजर और बाकी टीम ने बहुत ही अच्छे से व्यवस्था संभाली हुई है।
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भारत भूषण गोगिया, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो।
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डिपो से अंतरराज्यीय रूट पर सभी बसें चली। महम रूट पर कोई बस नहीं चली। बसों की कमी के चलते विद्यार्थियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। सोमवार को स्नातक स्तर के विद्यार्थियों की प्रेक्टिकल परीक्षा का पहला दिन था। बसें नहीं मिलने के कारण इनको काफी परेशानी हुई। गुरुग्राम, हिसार, सिरसा, कोसली, बहुझोलरी, पानीपत, सोनीपत, जींद व भिवानी समेत अन्य रूट पर भी बस सेवा प्रभावित रही। सभी रूट पर तीन से चार बसें ही चलीं। निजी बसों में भी भीड़ के कारण यात्रियों को खड़े होकर सफर करना पड़ा। यात्रियों को कैब का रुख करना पड़ा। भीड़ के कारण बुजुर्ग और महिला यात्रियों को अधिक परेशानी हुई।
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यात्रियों से बातचीत
आधे घंटे से बस का इंतजार कर रही हूं। एक भी बस नहीं आ रही है। निजी बसों में भीड़ बहुत ज्यादा जा रही है।
साक्षी, बालंद, छात्रा, राजकीय महिला महाविद्यालय।
25 मिनट से बस का इंतजार कर रही हूं। बसें आ ही नहीं रही हैं। निजी बसों में पैर रखने तक की जगह नहीं है।
प्रिया, खरखौदा।
आधे घंटे से बस का इंतजार कर रहा हूं। बसें मिल नहीं रही है। रोडवेज बसें तो दिख ही नहीं रही है।
मनीष, खरखौदा।
आधे घंटे से बस का इंतजार कर रही हूं। शादी में जाना है। बस मिल ही नहीं रही है।
गीता, सोनीपत।
पौने घंटे से बस का इंतजार कर रही हूं। अब तक एक भी रोडवेज बस नहीं मिली है। निजी बस वाले बस पास नहीं मान रहे है।
खुशी, गोहाना।
पिछली 45 मिनट से कोसली वाली बस का इंतजार कर रही हूं, गोच्छी जाना है। कोई बस ही नहीं आ रही है।
हर्ष, गोच्छी।
एक घंटे से बस का इंतजार कर रही हूं, जो भी बस आ रही है वह काउंटर पर लगने से पहले ही भर जाती है।
तनुजा, दुबलधन।
वर्जन
कुछ बसें वापस आई हैं, उन्हें रूट पर भेज दिया गया है। किलोमीटर स्कीम की और निजी बसें सुचारू रूप से चल रही है। दूसरे डिपो की बसें भी सही तरह से चल रही है। ट्रैफिक मैनेजर, स्टेशन सुपरवाइजर, वर्कशॉप मैनेजर और बाकी टीम ने बहुत ही अच्छे से व्यवस्था संभाली हुई है।
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भारत भूषण गोगिया, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो।