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पैरा पावर लिफ्टर हत्याकांड : भिवानी पुलिस से लेकर रोहतक पुलिस को सौंपी जाए जांच
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16...रोहित धनखड़ हत्याकांड में डीजीपी से मिलने पहुंचे सर्वखाप पंचायत के सदस्य। स्रोत : पंचायत
माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। हुमायूंपुर के नेशनल पैरा पावर लिफ्टर रोहित धनखड़ की हत्या में न्याय की मांग को लेकर सोमवार को सर्वखाप पंचायत व पीड़ित परिवार पुलिस मुख्यालय पंचकूला पहुंचे। यहां पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रतिनिधिमंडल को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से मिलना था। उनकी किसी आवश्यक कार्य में व्यस्तता के कारण एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) कुलदीप सिंह ने प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की।
हत्या में 20 लोग थे शामिल, सिर्फ पांच आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
प्रतिनिधिमंडल ने एडीजीपी को अपना ज्ञापन सौंपा। इसमें लिखा कि 27 नवंबर को रोहित धनखड़ की हत्या हुई थी। इसमें करीब 20 लोग शामिल थे। घटना के एक माह बाद भी पांच आरोपियों की ही गिरफ्तारी हुई है। केवल चार अन्य व्यक्तियों के नाम और सामने आए हैं। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि वे भिवानी पुलिस की जांच से असंतुष्ट हैं, इसलिए इसकी जांच रोहतक की सीआईए या एसटीएफ को सौंपी जाए।
डीजीपी ने एक सप्ताह में सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने का दिया था आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल ने कहा, 9 दिसंबर को डीजीपी ने सार्वजनिक रूप से यह आश्वासन दिया था कि एक सप्ताह में सभी मुख्य एवं अन्य आरोपी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे। यही नहीं, इन्हें भगोड़ा घोषित कर इनकी संपत्ति कुर्क की जाएगी। दो सप्ताह बाद भी न तो सभी आरोपी पकड़े गए हैं, न किसी को भगोड़ा घोषित किया गया है। किसी आरोपी की संपत्ति कुर्क भी नहीं की गई है। इस मामले में स्थानीय प्रभाव, राजनीतिक दबाव आदि के चलते जांच धीमी है, इसीलिए यह मामला भिवानी पुलिस से लेकर रोहतक पुलिस को सौंपा जाए। एडीजीपी ने आश्वासन दिया कि केस की जांच ट्रांसफर के विषय में शीघ्र निर्णय लेकर सूचना दे दी जाएगी। भागे हुए अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी व कानूनी प्रक्रिया को तेज करने के लिए वरिष्ठ स्तर पर समीक्षा की जाएगी।
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यह है मामला
रोहित धनखड़ 27 नवंबर को अपने दोस्त चरखी दादरी के गांव बौंद कलां निवासी जतिन के पास गया था। वहां से जतिन की बहन की ननद की शादी में शामिल होने के लिए भिवानी जिले के गांव रेवाड़ी खेड़ा चला गया। वहां पर जतिन व रोहित का महिलाओं पर फब्तियां कसने को लेकर बरातियों के साथ झगड़ा हो गया था। शादी के बाद कार में सवार होकर जब वे बौंद कलां जा रहे थे। रास्ते में चार कारों में सवार बरातियों ने पीछा किया। आरोपियों ने हॉकी, डंडे व बिंडे मारकर रोहित धनखड़ को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। दो दिन बाद रोहित ने दम तोड़ दिया था।
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रोहतक। हुमायूंपुर के नेशनल पैरा पावर लिफ्टर रोहित धनखड़ की हत्या में न्याय की मांग को लेकर सोमवार को सर्वखाप पंचायत व पीड़ित परिवार पुलिस मुख्यालय पंचकूला पहुंचे। यहां पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रतिनिधिमंडल को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से मिलना था। उनकी किसी आवश्यक कार्य में व्यस्तता के कारण एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) कुलदीप सिंह ने प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की।
हत्या में 20 लोग थे शामिल, सिर्फ पांच आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
प्रतिनिधिमंडल ने एडीजीपी को अपना ज्ञापन सौंपा। इसमें लिखा कि 27 नवंबर को रोहित धनखड़ की हत्या हुई थी। इसमें करीब 20 लोग शामिल थे। घटना के एक माह बाद भी पांच आरोपियों की ही गिरफ्तारी हुई है। केवल चार अन्य व्यक्तियों के नाम और सामने आए हैं। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि वे भिवानी पुलिस की जांच से असंतुष्ट हैं, इसलिए इसकी जांच रोहतक की सीआईए या एसटीएफ को सौंपी जाए।
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डीजीपी ने एक सप्ताह में सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने का दिया था आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल ने कहा, 9 दिसंबर को डीजीपी ने सार्वजनिक रूप से यह आश्वासन दिया था कि एक सप्ताह में सभी मुख्य एवं अन्य आरोपी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे। यही नहीं, इन्हें भगोड़ा घोषित कर इनकी संपत्ति कुर्क की जाएगी। दो सप्ताह बाद भी न तो सभी आरोपी पकड़े गए हैं, न किसी को भगोड़ा घोषित किया गया है। किसी आरोपी की संपत्ति कुर्क भी नहीं की गई है। इस मामले में स्थानीय प्रभाव, राजनीतिक दबाव आदि के चलते जांच धीमी है, इसीलिए यह मामला भिवानी पुलिस से लेकर रोहतक पुलिस को सौंपा जाए। एडीजीपी ने आश्वासन दिया कि केस की जांच ट्रांसफर के विषय में शीघ्र निर्णय लेकर सूचना दे दी जाएगी। भागे हुए अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी व कानूनी प्रक्रिया को तेज करने के लिए वरिष्ठ स्तर पर समीक्षा की जाएगी।
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यह है मामला
रोहित धनखड़ 27 नवंबर को अपने दोस्त चरखी दादरी के गांव बौंद कलां निवासी जतिन के पास गया था। वहां से जतिन की बहन की ननद की शादी में शामिल होने के लिए भिवानी जिले के गांव रेवाड़ी खेड़ा चला गया। वहां पर जतिन व रोहित का महिलाओं पर फब्तियां कसने को लेकर बरातियों के साथ झगड़ा हो गया था। शादी के बाद कार में सवार होकर जब वे बौंद कलां जा रहे थे। रास्ते में चार कारों में सवार बरातियों ने पीछा किया। आरोपियों ने हॉकी, डंडे व बिंडे मारकर रोहित धनखड़ को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। दो दिन बाद रोहित ने दम तोड़ दिया था।