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पीजीआई से अपहरण की पानीपत के युवक ने रची थी फर्जी कहानी...
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पानीपत के युवक का पीजीआई से अपहरण, मारपीट व जबरन कागजात पर हस्ताक्षर कराने का मामला फर्जी साबित हुआ। पुलिस ने जांच के बाद अदालत में रिपोर्ट दाखिल की, जिसके बाद एफआईआर को रद्द कर दिया गया। पीजीआईएमएस थाना प्रभारी का कहना है कि शिकायतकर्ता के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराने पर कार्रवाई के लिए अधिकारियों से अनुमति मांगी है। पुलिस के मुताबिक 15 जुलाई को पानीपत जिले के गांव नरायणा की एक महिला ने दी शिकायत में आरोप लगाया था कि उसका बेटा दिनेश भाली आनंदपुर गांव में पिछले सात माह से रह रहा है। 10 जुलाई को दिनेश पीजीआई में परिचित का उपचार कराने आया था। दोपहर करीब एक बजे इमरजेंसी वार्ड के डॉक्टर ने दिनेश को ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टर को पास रिपोर्ट चेक करवाने व ऑपरेशन के लिए दवाइयां लेने के लिए भेजा था। जब दिनेश ट्रॉमा सेंटर के गेट की तरफ जा रहा था तो मोड़ पर एक क्रेटा गाड़ी आई, उसमें तीन आदमी थे। उन्होंने दिनेश को कहा कि वे पुलिस वाले हैं और दिनेश को गाड़ी में बैठा लिया। उनके पास दिनेश का फोटो था। वे दिनेश को राजीव गांधी स्टेडियम के पीछे लाढ़ौत रोड पर ले गए। वहां उन्होंने शराब पी और दिनेश को गाड़ी में बंधक बनाकर रखा। इसके बाद पानीपत में एक कोठी पर ले गए। वहां पर कपड़े उतार कर उसे जमकर पीटा। दिनेश के मुंह पर पेशाब कर दिया। साथ ही कोरे कागजात पर हस्ताक्षर करवा लिए। इसके बाद वापस लेकर आते समय गोहाना के पास उसके सिर के बाल काट दिए। साथ ही धमकी देकर पुराने बस स्टैंड के पास छोड़कर चले गए। पुलिस ने अपहरण, झीनाझपटी, मारपीट व जान से मारने की धमकी का केस दर्ज कर जांच पड़ताल की। पुलिस का कहना है कि जांच में मामला पूरी तरह फर्जी निकला।
पुलिस की एक टीम पानीपत पहुंची और गांव में जाकर जांच पड़ताल की। जांच में पता चला कि युवक का गांव के ही कुछ लोगों से विवाद चल रहा था। विवाद को नया मोड़ देने के लिए उसने अपहरण की कहानी बनाई। मामले की रिपोर्ट बनाकर अदालत में दाखिल कर दी। इसके बाद एफआईआर रद्द कर दी गई है। झूठी कहानी बनाने के लिए कार्रवाई के लिए आला अधिकारियों से अनुमति मांगी गई है।
- इंस्पेक्टर शमशेर सिंह, थाना प्रभारी, पीजीआईएमएस
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पुलिस की एक टीम पानीपत पहुंची और गांव में जाकर जांच पड़ताल की। जांच में पता चला कि युवक का गांव के ही कुछ लोगों से विवाद चल रहा था। विवाद को नया मोड़ देने के लिए उसने अपहरण की कहानी बनाई। मामले की रिपोर्ट बनाकर अदालत में दाखिल कर दी। इसके बाद एफआईआर रद्द कर दी गई है। झूठी कहानी बनाने के लिए कार्रवाई के लिए आला अधिकारियों से अनुमति मांगी गई है।
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- इंस्पेक्टर शमशेर सिंह, थाना प्रभारी, पीजीआईएमएस