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पालिका कॉलोनी : खाली प्लॉट में जलभराव से पनप रहे मच्छर
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पालिका कॉलोनी के खाली प्लॉट में भरा दूषित पानी। संवाद
समस्याओं का निदान व विकास का दावा करने वाले नगर निगम की पालिका कॉलोनी के बाशिंदे 36 साल से समस्याओं से जूझ रहे हैं। यहां न सीवर लाइन बिछी है और न जलनिकासी के बंदोबस्त हैं। खाली प्लॉट में अभी तक बारिश का पानी भरा है, जिससे मच्छरों का प्रकोप है। लोगों की शिकायतें निगम अफसरों तक पहुंचती है, लेकिन परिणाम कुछ नहीं है। ये हालात तो तब हैं, जबकि 1985 में प्लॉट बेचते समय निगम ने दो साल के अंदर निर्माण कराने की शर्त रखी थी। निगम वादाखिलाफी करने वालों पर कार्रवाई करने की बजाय कभी-कभार नोटिस थमाकर महज दिखावा करता है।
वर्ष 1985 में रोहतक में नगर पालिका थी। 1990 में नगर परिषद बनी, फिर 2010 में नगर निगम बना। 1985 में निगम ने भिवानी रोड पर अपनी जमीन पर पालिका कॉलोनी बनाई, जिसमें रिहायशी प्लॉट के साथ 32 कॉमर्शियल प्लॉट बेचे। प्लॉट देते समय निगम ने शर्त रखी कि दो साल के अंदर निर्माण कराना ही होगा। हैरानी की बात है कि नगर पालिका से नगर निगम तक का सफर तय करने के दौरान तमाम अफसर आए, मगर किसी ने भी कॉलोनी की तरफ ध्यान नहीं दिया। कॉलोनी में अब भी खाली जमीन है, जिसमें जलभराव हो रहा है। इससे यहां मच्छर पनप रहे हैं। लोग डेंगू व मलेरिया की चपेट में आ रहे हैं, मगर निगम ने जलनिकासी की अभी तक कोई व्यवस्था नहीं की है। यही नहीं, कॉलोनी में अभी तक सीवर लाइन नहीं बिछाई गई है, जिसकी वजह से सीवर का दूषित पानी ओवरफ्लो होता रहता है। वहीं, नगर निगम अधिकारी 36 साल से खाली प्लॉट पर निर्माण नहीं कराने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। हां, इतना जरूर है कि खानापूरी के लिए नोटिस जरूर थमा देता है।
एक मजदूर डेंगू की चपेट में आया
पालिका कॉलोनी में एक मकान के निर्माण में जुटा श्रमिक डेंगू की चपेट में आ गया है। साथियों ने बताया कि काम करने के बाद सभी मजदूर करीब 15 दिन से यहीं रुक रहे थे। उनका एक साथी ओमप्रकाश डेंगू की चपेट में आ गया है। अब वह काम करके अपने घर जाने लगे हैं।
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निगम का दावा, वार्डों में करवा रहे फॉगिंग
निगम के मुख्य सफाई निरीक्षक सुंदर का कहना है कि मच्छर जनित बुखार का प्रकोप बढ़ने पर वार्डों में फॉगिंग कराई जा रही है। शनिवार को टीम ने वार्ड 10 में फॉगिंग की। इसके अलावा यदि कहीं से शिकायत आती है, तो वहां भी फॉगिंग करवाई जाती है।
जलभराव खत्म होने तक रहेगी समस्या
पॉलिका कॉलोनी के लोगों का कहना है कि कई जगह जलभराव है, जब तक इस समस्या का निदान नहीं होगा, तब तक मच्छरों से छुटकारा नहीं मिलेगा।
क्या कहते हैं कॉलोनी के बाशिंदे
जलभराव की वजह से मच्छरों का काफी प्रकोप बढ़ गया है, जिससे मच्छर जनित बुखार का डर सताता रहता है।
- सुमन गृहिणी
कॉलोनी में बुरे हालात हैं। खाली प्लॉट पर लोग गंदगी फैलाते हैं। इससे काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
- रामसामरी देवी, गृहिणी
जलनिकासी नहीं होने से बारिश में मंदिर के सामने कई-कई दिनों तक पानी भरा रहता है। बहुत दिक्कत होती है।
- सत्यप्रकाश दुबे, महंत
शिकायत करते-करते थक गए, मगर अधिकारी समस्याओं का निदान करने को तैयार नहीं हैं। लोग दिक्कत झेलते-झेलते तंग हो गए हैं।
- सुरेंद्र, दुकानदार
वर्जन
नगर निगम की पालिका कॉलोनी के बारे में जानकारी नहीं है। सोमवार को जानकारी करने के बाद खाली प्लॉट मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जलनिकासी भी करवाई जाएगी, ताकि मच्छरों के प्रकोप से लोगों को राहत मिल सके।
- डॉ. नरहरि बांगड़, नगर निगम आयुक्त
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वर्ष 1985 में रोहतक में नगर पालिका थी। 1990 में नगर परिषद बनी, फिर 2010 में नगर निगम बना। 1985 में निगम ने भिवानी रोड पर अपनी जमीन पर पालिका कॉलोनी बनाई, जिसमें रिहायशी प्लॉट के साथ 32 कॉमर्शियल प्लॉट बेचे। प्लॉट देते समय निगम ने शर्त रखी कि दो साल के अंदर निर्माण कराना ही होगा। हैरानी की बात है कि नगर पालिका से नगर निगम तक का सफर तय करने के दौरान तमाम अफसर आए, मगर किसी ने भी कॉलोनी की तरफ ध्यान नहीं दिया। कॉलोनी में अब भी खाली जमीन है, जिसमें जलभराव हो रहा है। इससे यहां मच्छर पनप रहे हैं। लोग डेंगू व मलेरिया की चपेट में आ रहे हैं, मगर निगम ने जलनिकासी की अभी तक कोई व्यवस्था नहीं की है। यही नहीं, कॉलोनी में अभी तक सीवर लाइन नहीं बिछाई गई है, जिसकी वजह से सीवर का दूषित पानी ओवरफ्लो होता रहता है। वहीं, नगर निगम अधिकारी 36 साल से खाली प्लॉट पर निर्माण नहीं कराने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। हां, इतना जरूर है कि खानापूरी के लिए नोटिस जरूर थमा देता है।
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एक मजदूर डेंगू की चपेट में आया
पालिका कॉलोनी में एक मकान के निर्माण में जुटा श्रमिक डेंगू की चपेट में आ गया है। साथियों ने बताया कि काम करने के बाद सभी मजदूर करीब 15 दिन से यहीं रुक रहे थे। उनका एक साथी ओमप्रकाश डेंगू की चपेट में आ गया है। अब वह काम करके अपने घर जाने लगे हैं।
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निगम का दावा, वार्डों में करवा रहे फॉगिंग
निगम के मुख्य सफाई निरीक्षक सुंदर का कहना है कि मच्छर जनित बुखार का प्रकोप बढ़ने पर वार्डों में फॉगिंग कराई जा रही है। शनिवार को टीम ने वार्ड 10 में फॉगिंग की। इसके अलावा यदि कहीं से शिकायत आती है, तो वहां भी फॉगिंग करवाई जाती है।
जलभराव खत्म होने तक रहेगी समस्या
पॉलिका कॉलोनी के लोगों का कहना है कि कई जगह जलभराव है, जब तक इस समस्या का निदान नहीं होगा, तब तक मच्छरों से छुटकारा नहीं मिलेगा।
क्या कहते हैं कॉलोनी के बाशिंदे
जलभराव की वजह से मच्छरों का काफी प्रकोप बढ़ गया है, जिससे मच्छर जनित बुखार का डर सताता रहता है।
- सुमन गृहिणी
कॉलोनी में बुरे हालात हैं। खाली प्लॉट पर लोग गंदगी फैलाते हैं। इससे काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
- रामसामरी देवी, गृहिणी
जलनिकासी नहीं होने से बारिश में मंदिर के सामने कई-कई दिनों तक पानी भरा रहता है। बहुत दिक्कत होती है।
- सत्यप्रकाश दुबे, महंत
शिकायत करते-करते थक गए, मगर अधिकारी समस्याओं का निदान करने को तैयार नहीं हैं। लोग दिक्कत झेलते-झेलते तंग हो गए हैं।
- सुरेंद्र, दुकानदार
वर्जन
नगर निगम की पालिका कॉलोनी के बारे में जानकारी नहीं है। सोमवार को जानकारी करने के बाद खाली प्लॉट मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जलनिकासी भी करवाई जाएगी, ताकि मच्छरों के प्रकोप से लोगों को राहत मिल सके।
- डॉ. नरहरि बांगड़, नगर निगम आयुक्त