Rohtak: चेयरपर्सन मंजू हुड्डा के समर्थकों के साथ मारपीट में एक घायल, विरोधियों पर लगाया पथराव करने का आरोप
घायल युवक ने आरोप लगाया है कि यह हमला योजनाबद्ध तरीके से किया गया था और मंजू हुड्डा के विरोधियों ने ही उसे निशाना बनाया। हमले में युवक के सिर पर ईंट से चोट लगी, जिससे वह घायल हो गया। साथ ही उसकी गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई।
विस्तार
रोहतक में जिला परिषद की बैठक में शामिल होने आईं चेयरपर्सन मंजू हुड्डा के समर्थकों पर बुधवार को कुछ लोगों ने हमला कर दिया। इस दौरान पत्थरबाजी भी की गई, जिसमें एक युवक को गंभीर चोटें आईं। घायल युवक ने आरोप लगाया है कि हमला मंजू हुड्डा के विरोधियों द्वारा किया गया। इस घटना की शिकायत सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई गई है, और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, बुधवार को जिला परिषद की बैठक होनी थी, जिसमें मंजू हुड्डा के खिलाफ कुछ जिला परिषद पार्षदों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी थी। हालांकि, जिला उपायुक्त के बीमार होने के कारण बैठक को स्थगित कर दिया गया। बैठक स्थगित होने के बाद जब मंजू हुड्डा के समर्थक बाहर निकले, तो कुछ लोगों ने एक स्कॉर्पियो में सवार युवक पर हमला कर दिया। हमले में युवक के सिर पर ईंट से चोट लगी, जिससे वह घायल हो गया। साथ ही उसकी गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई।
घायल युवक ने आरोप लगाया है कि यह हमला योजनाबद्ध तरीके से किया गया था और मंजू हुड्डा के विरोधियों ने ही उसे निशाना बनाया। फिलहाल, सिविल लाइन पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि वे घटनास्थल पर मौजूद गवाहों और अन्य सबूतों के आधार पर जांच कर रहे हैं और जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी।
जिप चेरपर्सन मंजू हुड्डा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव रखे बगैर ही बैठक रद
बुधवार को जिला परिषद चेयरमैन का विरोध कर रहे दस पार्षद जिला विकास भवन पहुंचे। यहां बैठक की तैयारी के साथ ही महज चंद मिनटों में यह रद कर दी गई। अब यह बैठक शनिवार को होने की उम्मीद है। बुधवार को उपायुक्त स्वास्थ्य खराब होने के चलते बैठक में उपस्थित नहीं हो सके। इसके चलते बैठक बगैर किसी अविश्वास प्रस्ताव रखे ही समाप्त हो गई। इससे आहत पार्षदों ने विकास भवन के बाहर धरना देने की तैयारी की। इसी दौरान धामड़ गांव की पंचायत विकास भवन पहुंची।
ग्रामीणों ने यहां पार्षद सतबीर को लेकर पंचायत की। इसमें पार्षद को बीच में न पड़ने की सलाह देते हुए पार्षद पुत्र के अपहरण मामले में सरकार को कार्रवाई करने व फैसला लेने का अधिकारी बताया। इसमें पार्षद को खुद न पड़ने व आपस में बातचीत कर इस बारे में फैसला लेने की बात कही गई। इस पर पार्षद सतबीर ने साफ कहा कि सबने देख लिया है कि कैसे बच्चे का अपहरण हुआ है। अब बचा क्या है। आज ये बच्चा अगवा हुआ है, कल आपका हो सकता है। इसलिए यह कदम उठाना पड़ रहा है। पंचायत काफी बहस के बाद बनेतीजा संपन्न हुई और ग्रामीण अपने घरों को लौटने लगे।
इधर, विकास भवन में जमा भीड़ व इसमें शामिल संदिग्ध चेहरों को देखकर अनहोनी का खतरा भांपते हुए पुलिस हरकत में आई। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया। जबकि उनके वाहनों को खंगाला तो छह हथियार बरामद हुए। इसके बाद विकास भवन में हड़कंप मच गया। ये हथियार विरोध करने वाले पार्षद पक्ष से बताए जा रहे हैं। ऐसे में पुलिस ने हथियार व आरोपी दोनों को अपने कब्जे में ले लिया है।
अधिकारी के अनुसार
विकास भवन में पार्षदों की बैठक बुलाई गई थी। यह कुछ ही देर में रद हो गई। यहां भीड़ में कुछ संदिग्ध नजर आए। पड़ताल करने पर इन वाहनों से हथियार बरामद हुए हैं। इनमें पिस्तौल, डोगा व राइफल शामिल है। मामले की जांच की जा रही है। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। -रोशन लाल, प्रभारी, आर्य नगर थाना।