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Rohtak News: कहीं से भी होगी अब जीरो एफआईआर, 18 साल से कम उम्र की पत्नी का यौन उत्पीड़न माना जाएगा दुष्कर्म
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रोहतक। एक जुलाई से देश में तीन नए कानून लागू होंगे। आम आदमी कहीं से भी जीरो एफआईआर दर्ज करवा सकेगा। अब तक महिलाओं को ऐसी सुविधा थी। इतना ही नहीं, 18 साल से कम उम्र की पत्नी का यौन उत्पीड़न भी दुष्कर्म माना जाएगा। मुख्यालय की तरफ से रोहतक व झज्जर पुलिस को नए कानूनों के बारे में प्रशिक्षण देने के लिए उप जिला न्यायवादी अनुज दहिया की ड्यूटी तय की गई है। अभी दहिया पीटीसी सुनारिया में पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं।
उप जिला न्यायवादी अनुज दहिया ने बताया कि संसद ने साल 2023 में कानून में संशोधन किया किया है। 511 आईपीसी को खत्म करके 358 भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में बांटा गया है। इसमें धाराओं को व्यवस्थित किया गया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के दिए गए फैसलों का भी नए कानून में प्रभाव है। इसके अलावा सीआरपीसी की 484 धाराओं को नए कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की 531 धाराओं में विस्तार से बताया गया है जबकि एविडेंस एक्ट की 167 धाराओं को भारतीय सुरक्षा अधिनियम (बीएसए) की 170 धाराओं में दिया गया है।
ये मुख्य बदलाव
- महिलाओं के प्रति अपराध के अलावा अब अन्य अपराध की कहीं भी जीरो एफआईआर करवाई जा सकेगी। अब ई-मेल, व्हाट्सअप व दूसरे डिजिटल माध्यम से एफआईआर दर्ज कराई जा सकेगी। साथ ही तीन दिन के अंदर संबंधित थाने में पहुंचकर शिकायत पर हस्ताक्षर करने होंगे।
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- 18 साल से कम उम्र की पत्नी से यौन उत्पीड़न पर पहले 376 बी के तहत केस दर्ज होता था, इसमें कम से कम 5 साल तक की सजा का प्रावधान था। अब नाबालिग पत्नी से दुष्कर्म को भी मूल धारा 376 के तहत ही माना जाएगा, इसके तहत कम से कम 10 साल की सजा का प्रावधान है।
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उप जिला न्यायवादी अनुज दहिया ने बताया कि संसद ने साल 2023 में कानून में संशोधन किया किया है। 511 आईपीसी को खत्म करके 358 भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में बांटा गया है। इसमें धाराओं को व्यवस्थित किया गया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के दिए गए फैसलों का भी नए कानून में प्रभाव है। इसके अलावा सीआरपीसी की 484 धाराओं को नए कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की 531 धाराओं में विस्तार से बताया गया है जबकि एविडेंस एक्ट की 167 धाराओं को भारतीय सुरक्षा अधिनियम (बीएसए) की 170 धाराओं में दिया गया है।
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ये मुख्य बदलाव
- महिलाओं के प्रति अपराध के अलावा अब अन्य अपराध की कहीं भी जीरो एफआईआर करवाई जा सकेगी। अब ई-मेल, व्हाट्सअप व दूसरे डिजिटल माध्यम से एफआईआर दर्ज कराई जा सकेगी। साथ ही तीन दिन के अंदर संबंधित थाने में पहुंचकर शिकायत पर हस्ताक्षर करने होंगे।
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- 18 साल से कम उम्र की पत्नी से यौन उत्पीड़न पर पहले 376 बी के तहत केस दर्ज होता था, इसमें कम से कम 5 साल तक की सजा का प्रावधान था। अब नाबालिग पत्नी से दुष्कर्म को भी मूल धारा 376 के तहत ही माना जाएगा, इसके तहत कम से कम 10 साल की सजा का प्रावधान है।