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Rohtak News: नगर निगम में अब कमेटी की रिपोर्ट पर ही होगा बिल पास
Sun, 01 Jun 2025 02:39 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sun, 01 Jun 2025 02:39 AM IST
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रोहतक। नगर निगम में अब इंजीनियरिंग व सफाई ब्रांच का बिल कमेटी की रिपोर्ट पर ही पास होगा। इसके लिए आयुक्त ने संयुक्त आयुक्त को एक लाख तो एक्सईएन को 75 हजार तक का बिल पास करने का अधिकार दिया है।
आयुक्त की तरफ से निगम में वित्तीय गड़बड़ियां खत्म करने के लिए विशेष कदम उठाया गया है। बिल पास करने का अधिकारी एक अधिकारी से लेकर निचले स्तर पर कमेटी बनाकर सौंपा है। बिल पास करने से पहले संयुक्त कमेटी जांच करेंगी। इसके बाद तर्क देकर बिल को आगे संबंधित अधिकारी के पास भेजेगी।
कमेटी तैयार करेगी सफाई ब्रांच के बिल, साथ में कारण भी बताना होगा
इंजीनियरिंग ब्रांच के अलावा सफाई ब्रांच के बिलों को पास करने के लिए आयुक्त ने बदलाव किया है। डीएमसी की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है, जिसमें एसएसआई, एसआई व एएसआई भी शामिल होंगे। कमेटी सफाई से संबंधित शिकायतों को न केवल देखेगी, बल्कि सफाई कार्यों का बिल भी तैयार करेगी। उसे आगे संयुक्त आयुक्त तक पहुंचाया जाएगा। साथ में लिखित में बताना होगा कि बिल क्यों पास किए गए।
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निगम आयुक्त ने इंजीनियरिंग ब्रांच में कार्यकारी अभियंता को प्रति केस 75 हजार रुपये के बिल पास करने की अनुमति दी है। साथ ही संयुक्त आयुक्त 90 हजार प्रति केस का बिल पास कर सकेगा। सभी की मासिक सीमा एक लाख रुपये रहेगी।
निगम में वित्तीय गड़बड़ियां रोकने व पारदर्शिता लाने के लिए शक्तियों का विकेंद्रीयकरण किया गया है। इसके लिए बिल पास करने के लिए कमेटियां बनाई गई हैं। कमेटी की रिपोर्ट पर ही अधिकारी बिल पास कर सकेगा। साथ ही, इसके लिए लिखित में बिल पास करने का कारण भी देना होगा।
-डाॅ. आनंद शर्मा, आयुक्त नगर निगम
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आयुक्त की तरफ से निगम में वित्तीय गड़बड़ियां खत्म करने के लिए विशेष कदम उठाया गया है। बिल पास करने का अधिकारी एक अधिकारी से लेकर निचले स्तर पर कमेटी बनाकर सौंपा है। बिल पास करने से पहले संयुक्त कमेटी जांच करेंगी। इसके बाद तर्क देकर बिल को आगे संबंधित अधिकारी के पास भेजेगी।
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कमेटी तैयार करेगी सफाई ब्रांच के बिल, साथ में कारण भी बताना होगा
इंजीनियरिंग ब्रांच के अलावा सफाई ब्रांच के बिलों को पास करने के लिए आयुक्त ने बदलाव किया है। डीएमसी की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है, जिसमें एसएसआई, एसआई व एएसआई भी शामिल होंगे। कमेटी सफाई से संबंधित शिकायतों को न केवल देखेगी, बल्कि सफाई कार्यों का बिल भी तैयार करेगी। उसे आगे संयुक्त आयुक्त तक पहुंचाया जाएगा। साथ में लिखित में बताना होगा कि बिल क्यों पास किए गए।
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निगम आयुक्त ने इंजीनियरिंग ब्रांच में कार्यकारी अभियंता को प्रति केस 75 हजार रुपये के बिल पास करने की अनुमति दी है। साथ ही संयुक्त आयुक्त 90 हजार प्रति केस का बिल पास कर सकेगा। सभी की मासिक सीमा एक लाख रुपये रहेगी।
निगम में वित्तीय गड़बड़ियां रोकने व पारदर्शिता लाने के लिए शक्तियों का विकेंद्रीयकरण किया गया है। इसके लिए बिल पास करने के लिए कमेटियां बनाई गई हैं। कमेटी की रिपोर्ट पर ही अधिकारी बिल पास कर सकेगा। साथ ही, इसके लिए लिखित में बिल पास करने का कारण भी देना होगा।
-डाॅ. आनंद शर्मा, आयुक्त नगर निगम