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Rohtak News: अब राजकीय स्कूलों के विद्यार्थी बनेंगे कुशल बिजनेसमैन
Fri, 22 Aug 2025 11:36 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Fri, 22 Aug 2025 11:36 PM IST
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रोहतक। शिक्षा विभाग की ओर से 12वीं के साथ 11वीं के विद्यार्थियों को भी कुशल बिजनेसमैन के लिए केबीसी (कुशल बिजनेस चैलेंज) कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा। वर्ष-2024 में केवल 12वीं के विद्यार्थियों के लिए कार्यक्रम शुरू किया गया था। शिक्षा विभाग ने इस साल से 11वीं व 12वीं दोनों कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए कुशल बिजनेस चैलेंज-2 कार्यक्रम में मौका दिया जाएगा।
राजकीय स्कूलों के विद्यार्थियों को पेशेवर व कुशल उत्पादक बनाने के लिए शिक्षा विभाग कुशल बिजनेस चैलेंज कार्यक्रम करवा रहा है। इसमें विभाग ने विद्यार्थियों के उत्पादक विचारों में वृद्धि करने, नौकरी की बजाय उच्च उद्यमी बनाने व आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य रखे हैं।
शिक्षा विभाग के सहायक परियोजना अधिकारी ने बताया कि पिछले साल 12वीं के विद्यार्थियों को इस चैलेंज में शामिल किया गया था। प्रतियोगिता के माध्यम से पहले सभी स्कूलों में बच्चों ने अपने उत्पाद को खुद से नए विचारों से तैयार किया।
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इनमें से 38 स्कूलों के विजेताओं को जिलास्तर पर बुलाया गया। जिलास्तर के लिए 5 उत्पाद व बेहतर विचार रखने वाले विद्यार्थियों का चयन किया गया। जिलास्तर के बाद एक टीम को राज्यस्तर पर भेजा गया जिसमें टीम को प्रदेश में पहला स्थान मिला है। विद्यार्थियों को कुशल पेशेवर बनाने के लिए प्रेरित किया गया और 10 हजार रुपये नकद इनाम दिया गया।
राज्यस्तर की विजेता टीम को मिलेंगे 75 हजार रुपये
शिक्षा विभाग के सहायक परियोजना अधिकारी ने बताया कि इस साल 11वीं व 12वीं के विद्यार्थी अपने उत्पाद को तैयार करेंगे। इस बार राज्यस्तर पर पहुंचने वाली टीम को 75 हजार रुपये इनाम में मिलेंगे। उन्होंने बताया कि स्कूल में कमेटियां विद्यार्थियों का ब्लॉकस्तर के लिए चयन करेंगी। ब्लॉकस्तर के बाद विजेता को जिलास्तर पर बुलाया जाएगा।
सभी स्कूलों का कुशल बिजनेस चैलेंज के लिए पत्र भेज दिया है। तिमाही छात्र मूल्यांकन परीक्षाओं के बाद स्कूलस्तर पर बच्चे उत्पाद तैयार करेंगे। ब्लॉक के विजेताओं को जिलास्तर पर बुलाया जाएगा। प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य युवाओं को पेशेवर बनाना है। -बिजेंद्र हुड्डा, जिला परियोजना अधिकारी, शिक्षा विभाग।
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राजकीय स्कूलों के विद्यार्थियों को पेशेवर व कुशल उत्पादक बनाने के लिए शिक्षा विभाग कुशल बिजनेस चैलेंज कार्यक्रम करवा रहा है। इसमें विभाग ने विद्यार्थियों के उत्पादक विचारों में वृद्धि करने, नौकरी की बजाय उच्च उद्यमी बनाने व आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य रखे हैं।
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शिक्षा विभाग के सहायक परियोजना अधिकारी ने बताया कि पिछले साल 12वीं के विद्यार्थियों को इस चैलेंज में शामिल किया गया था। प्रतियोगिता के माध्यम से पहले सभी स्कूलों में बच्चों ने अपने उत्पाद को खुद से नए विचारों से तैयार किया।
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इनमें से 38 स्कूलों के विजेताओं को जिलास्तर पर बुलाया गया। जिलास्तर के लिए 5 उत्पाद व बेहतर विचार रखने वाले विद्यार्थियों का चयन किया गया। जिलास्तर के बाद एक टीम को राज्यस्तर पर भेजा गया जिसमें टीम को प्रदेश में पहला स्थान मिला है। विद्यार्थियों को कुशल पेशेवर बनाने के लिए प्रेरित किया गया और 10 हजार रुपये नकद इनाम दिया गया।
राज्यस्तर की विजेता टीम को मिलेंगे 75 हजार रुपये
शिक्षा विभाग के सहायक परियोजना अधिकारी ने बताया कि इस साल 11वीं व 12वीं के विद्यार्थी अपने उत्पाद को तैयार करेंगे। इस बार राज्यस्तर पर पहुंचने वाली टीम को 75 हजार रुपये इनाम में मिलेंगे। उन्होंने बताया कि स्कूल में कमेटियां विद्यार्थियों का ब्लॉकस्तर के लिए चयन करेंगी। ब्लॉकस्तर के बाद विजेता को जिलास्तर पर बुलाया जाएगा।
सभी स्कूलों का कुशल बिजनेस चैलेंज के लिए पत्र भेज दिया है। तिमाही छात्र मूल्यांकन परीक्षाओं के बाद स्कूलस्तर पर बच्चे उत्पाद तैयार करेंगे। ब्लॉक के विजेताओं को जिलास्तर पर बुलाया जाएगा। प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य युवाओं को पेशेवर बनाना है। -बिजेंद्र हुड्डा, जिला परियोजना अधिकारी, शिक्षा विभाग।