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Rohtak News: अब नागरिक अस्पताल में एंबुलेंस के लिए नहीं करना पड़ेगा मरीजों को इंतजार
Tue, 09 Jan 2024 11:30 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 09 Jan 2024 11:30 PM IST
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नागरिक अस्पताल में खड़ी एंबुलेंस का फोटो। संवाद
जींद। स्वास्थ्य विभाग मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए अब प्राइवेट एंबुलेंस को अपने बेड़े में शामिल करेगा, ताकि विभाग के पास एक साथ ज्यादा मरीज होने पर किसी प्रकार की दिक्कत न हो। इसमें एंबुलेंस संचालक को सरकार द्वारा तय रेट का किराया दिया जाएगा। इसके लिए एंबुलेंस संचालकों को अपनी रजामंदी देनी और जीपीएस 24 घंटे ऑन रखना होगा। विभाग का मानना है कि ऐसा होने पर सड़क हादसों व दूसरे आपातकाल में नजदीकी एंबुलेंस को तुरंत भेजना आसान होगा। इससे घायलों को समय पर प्राथमिक इलाज मिलेगा और मृत्यु दर को भी कम किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इसको लेकर प्रदेश भर के सीएमओ के साथ वीडियो कांफें्रस पर चर्चा की है। उन्होंने सीएमओ से एंबुलेंस की संख्या के साथ इसके विकल्प के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की जरूरत है। अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं हैं और जरूरत पडऩे पर इसको पूरा भी किया जा सकता है। अब सड़क हादसों में घायलों और अन्य आपातकाल में मौके पर एंबुलेंस पहुंचाना जरूरी है। किसी जिले में एंबुलेंस पर्याप्त नहीं हैं तो वह प्राइवेट एंबुलेंस संचालकों से सहयोग ले सकते हैं। उनको मुख्यालय से कॉल कर हादसे की लोकेशन भेजी जाएं। इससे हादसों में घायलों को समय पर प्राथमिक उपचार मिलेगा और मृत्यु दर में कमी आएगी। एंबुलेंस संचालक को सरकार के तय रेट का किराया दिया जाए। स्वास्थ्य विभाग के पास जिला में अपनी 31 एंबुलेंस हैं। कई बार हादसों स्थल से सरकारी एंबुलेंस दूर होती है। ऐसे में आपातकाल सेवा पहुंचने में समय लगता है या फिर दूसरे विकल्प अपनाने पड़ते हैं। इन सबके चलते इलाज में देरी होने पर मामला गंभीर भी हो जाता है। अब नजदीकी लोकेशन पर खड़ी एंबुलेंस को मौके पर रवाना किया जाएगा।
वर्जन
प्राइवेट एंबुलेंस संचालकों की हादसों में घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने में मदद ली जाएगी। उनकी रजामंदी पर आपातकाल में सहयोग लिया जाएगा। मुख्यालय से जीपीएस पर नजदीकी एंबुलेंस को हादसा स्थल पर भेजा जाएगा। उनको सरकार के तय रेट के आधार पर किराया दिया जाएगा।-डॉ. गोपाल गोयल, सीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इसको लेकर प्रदेश भर के सीएमओ के साथ वीडियो कांफें्रस पर चर्चा की है। उन्होंने सीएमओ से एंबुलेंस की संख्या के साथ इसके विकल्प के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की जरूरत है। अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं हैं और जरूरत पडऩे पर इसको पूरा भी किया जा सकता है। अब सड़क हादसों में घायलों और अन्य आपातकाल में मौके पर एंबुलेंस पहुंचाना जरूरी है। किसी जिले में एंबुलेंस पर्याप्त नहीं हैं तो वह प्राइवेट एंबुलेंस संचालकों से सहयोग ले सकते हैं। उनको मुख्यालय से कॉल कर हादसे की लोकेशन भेजी जाएं। इससे हादसों में घायलों को समय पर प्राथमिक उपचार मिलेगा और मृत्यु दर में कमी आएगी। एंबुलेंस संचालक को सरकार के तय रेट का किराया दिया जाए। स्वास्थ्य विभाग के पास जिला में अपनी 31 एंबुलेंस हैं। कई बार हादसों स्थल से सरकारी एंबुलेंस दूर होती है। ऐसे में आपातकाल सेवा पहुंचने में समय लगता है या फिर दूसरे विकल्प अपनाने पड़ते हैं। इन सबके चलते इलाज में देरी होने पर मामला गंभीर भी हो जाता है। अब नजदीकी लोकेशन पर खड़ी एंबुलेंस को मौके पर रवाना किया जाएगा।
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प्राइवेट एंबुलेंस संचालकों की हादसों में घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने में मदद ली जाएगी। उनकी रजामंदी पर आपातकाल में सहयोग लिया जाएगा। मुख्यालय से जीपीएस पर नजदीकी एंबुलेंस को हादसा स्थल पर भेजा जाएगा। उनको सरकार के तय रेट के आधार पर किराया दिया जाएगा।-डॉ. गोपाल गोयल, सीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।
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