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बच्चों! अगर कोई डराये या धमकाये तो डायल करें 1098
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Fri, 11 Dec 2015 02:21 AM IST
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बच्चे का किसी भी स्तर पर शोषण हो या उस पर कोई अत्याचार कर रहा हो तो अब घबराने की जरूरत नहीं है।
उसकी मदद के लिए चाइल्ड लाइन शुरू कर दी गई। 1098 नंबर डायल करने पर उसकी हर संभव मदद की जाएगी। यह जानकारी डीसी डी. के. बेहरा ने कार्यक्रम के दौरान दी।
एमडीयू के राधा-कृष्णन सभागार में बृहस्पतिवार को पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, भारत ज्ञान-विज्ञान समिति और चाइल्ड लाइन रोहतक के संयुक्त तत्वावधान में बाल अधिकार, मीडिया तथा समाज विषयक संगोष्ठी हुई।
इसमें उपायुक्त डीके बेहरा ने जिले में पहली बार शुरू हुई रोहतक चाइल्ड लाइन का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि समाज में बच्चों के लिए भयमुक्त वातावरण देना सभी का दायित्व है।
उन्होंने कहा कि इस कार्य को पूरा करने के लिए सामाजिक-धार्मिक संगठनों, महिला-बाल संगठनों, नागरिक समाज और मीडिया को साथ मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने बताया कि 1098 नंबर पर कॉल कर चाइल्ड लाइन पर मदद मांगी जा सकती है। उन्होंने बताया कि बचपन में कई बार वे जरूरत मंद की आवश्यकता से अधिक सहायता भी कर देते थे जिसके लिए उन्हें मां की डांट भी सहनी पड़ती थी, लेकिन उन्होंने यह काम जारी रखा।
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विशिष्ट अतिथि रजिस्ट्रार जितेंद्र भारद्वाज ने कहा कि जीवन में बच्चे खुशी की अभिव्यक्ति का स्वरूप हैं। उन्होंने लोकप्रिय गीत के बोल बच्चे मन के सच्चे, सारी जग के आंख के तारे...आदि सुनाकर बच्चों के समाज में महत्व को रेखांकित किया। चाइल्ड राइट्स एंड यू संस्थान के वरिष्ठ प्रबंधक प्रमोद कुमार प्रधान ने कहा कि बच्चों को अच्छा स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षित जीवन मुहैया कराने के लिए संकल्प लेना होगा। इससे पूर्व पत्रकारिता एवं जनसंचार विभागाध्यक्ष प्रो. हरीश कुमार ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने कहा कि संचार माध्यमों का व्यापक प्रभाव बच्चों के मन-मस्तिष्क पर पड़ता है। नागरिक समाज में बाल अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता की जरूरत है। पीजीआईएमएस के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. रणबीर सिंह दहिया ने समाज में बाल अधिकारों तथा बेहतर बाल्य जीवन के लिए नवजागरण का आह्वान किया। भारत ज्ञान विज्ञान समिति के सचिव तथा निदेशक चाइल्ड हैल्प लाइन प्रमोद गौरी ने कहा कि मानवाधिकारों की शुरुआत बाल अधिकारों से होती है। संचालन मनीषा ने किया। इस मौके पर प्रो. सरोजनी नांदल, सुमेधा धनी, सुनित मुखर्जी, डॉ. जसमेर हुड्डा, डॉ. अजय घनघस और मडूटा प्रधान डॉ. अश्वनी ढींगड़ा आदि मौजूद रहे।
पोस्टर में प्रिया तो स्लोगन में शशि ने मारी बाजी
कार्यक्रम में एमएफटीसी तथा गांधी स्कूल के बच्चों ने शानदार नाटक बच्चे कहां हैं... के जरिए वर्तमान समय की बच्चों की स्थिति का सजीव चित्रण प्रस्तुत किया। इसके अलावा पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में एमडीएन पब्लिक स्कूल की प्रिया सैनी को प्रथम तथा मॉडल स्कूलकी कृतिका को दूसरा स्थान मिला। स्लोगन राइटिंग में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खेड़ी साध की छात्रा शशि को प्रथम और एमडीएन पब्लिक स्कूल की सुनैना राठी को द्वितीय पुरस्कार मिला।
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उसकी मदद के लिए चाइल्ड लाइन शुरू कर दी गई। 1098 नंबर डायल करने पर उसकी हर संभव मदद की जाएगी। यह जानकारी डीसी डी. के. बेहरा ने कार्यक्रम के दौरान दी।
एमडीयू के राधा-कृष्णन सभागार में बृहस्पतिवार को पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, भारत ज्ञान-विज्ञान समिति और चाइल्ड लाइन रोहतक के संयुक्त तत्वावधान में बाल अधिकार, मीडिया तथा समाज विषयक संगोष्ठी हुई।
इसमें उपायुक्त डीके बेहरा ने जिले में पहली बार शुरू हुई रोहतक चाइल्ड लाइन का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि समाज में बच्चों के लिए भयमुक्त वातावरण देना सभी का दायित्व है।
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उन्होंने कहा कि इस कार्य को पूरा करने के लिए सामाजिक-धार्मिक संगठनों, महिला-बाल संगठनों, नागरिक समाज और मीडिया को साथ मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने बताया कि 1098 नंबर पर कॉल कर चाइल्ड लाइन पर मदद मांगी जा सकती है। उन्होंने बताया कि बचपन में कई बार वे जरूरत मंद की आवश्यकता से अधिक सहायता भी कर देते थे जिसके लिए उन्हें मां की डांट भी सहनी पड़ती थी, लेकिन उन्होंने यह काम जारी रखा।
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विशिष्ट अतिथि रजिस्ट्रार जितेंद्र भारद्वाज ने कहा कि जीवन में बच्चे खुशी की अभिव्यक्ति का स्वरूप हैं। उन्होंने लोकप्रिय गीत के बोल बच्चे मन के सच्चे, सारी जग के आंख के तारे...आदि सुनाकर बच्चों के समाज में महत्व को रेखांकित किया। चाइल्ड राइट्स एंड यू संस्थान के वरिष्ठ प्रबंधक प्रमोद कुमार प्रधान ने कहा कि बच्चों को अच्छा स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षित जीवन मुहैया कराने के लिए संकल्प लेना होगा। इससे पूर्व पत्रकारिता एवं जनसंचार विभागाध्यक्ष प्रो. हरीश कुमार ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने कहा कि संचार माध्यमों का व्यापक प्रभाव बच्चों के मन-मस्तिष्क पर पड़ता है। नागरिक समाज में बाल अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता की जरूरत है। पीजीआईएमएस के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. रणबीर सिंह दहिया ने समाज में बाल अधिकारों तथा बेहतर बाल्य जीवन के लिए नवजागरण का आह्वान किया। भारत ज्ञान विज्ञान समिति के सचिव तथा निदेशक चाइल्ड हैल्प लाइन प्रमोद गौरी ने कहा कि मानवाधिकारों की शुरुआत बाल अधिकारों से होती है। संचालन मनीषा ने किया। इस मौके पर प्रो. सरोजनी नांदल, सुमेधा धनी, सुनित मुखर्जी, डॉ. जसमेर हुड्डा, डॉ. अजय घनघस और मडूटा प्रधान डॉ. अश्वनी ढींगड़ा आदि मौजूद रहे।
पोस्टर में प्रिया तो स्लोगन में शशि ने मारी बाजी
कार्यक्रम में एमएफटीसी तथा गांधी स्कूल के बच्चों ने शानदार नाटक बच्चे कहां हैं... के जरिए वर्तमान समय की बच्चों की स्थिति का सजीव चित्रण प्रस्तुत किया। इसके अलावा पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में एमडीएन पब्लिक स्कूल की प्रिया सैनी को प्रथम तथा मॉडल स्कूलकी कृतिका को दूसरा स्थान मिला। स्लोगन राइटिंग में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खेड़ी साध की छात्रा शशि को प्रथम और एमडीएन पब्लिक स्कूल की सुनैना राठी को द्वितीय पुरस्कार मिला।