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Rohtak News: जिप की सियासत में नया मोड़, अब मंजू के खिलाफ नहीं आएगा अविश्वास प्रस्ताव

Tue, 26 Nov 2024 11:16 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 26 Nov 2024 11:16 PM IST
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New turn in Zila Parishad politics, now no no-confidence motion will be brought against Manju
26सीटीके14..अविश्वास प्रस्ताव की कार्यवाही से अपना नाम वापस लेते वार्ड नं. 3 पार्षद के मांगे रा
रोहतक। जिला परिषद की सियासत नए मोड़ पर पहुंच गई है। अब जिला परिषद की चेयरपर्सन मंजू हुड्डा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं आएगा। खुद बागवती 9 पार्षदों ने जिप के वाइस चेयरमैन अनिल हुड्डा के आवास पर एकत्रित होकर मंथन किया, साथ ही जिला परिषद में बैठक की। अगले सप्ताह मुख्यमंत्री नायब सैनी भी 9 पार्षदों से मिलेंगे। इसके लिए राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा ने मुख्यमंत्री से समय लिया है। वहीं, डिबार केस में 26 नवंबर को विकास व पंचायत के आयुक्त की कोर्ट में मंगलवार को विपक्ष के पार्षदों का वकील पेश नहीं हुआ। अब अंतिम बहस व निर्णय के लिए 3 दिसंबर की तिथि तय हुई है।
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2022 में हुए जिला परिषद के चुनाव में 14 पार्षद चुनकर आए। दिसंबर में वार्ड-5 से पार्षद मंजू हुड्डा को सर्वसम्मति से चेयरपर्सन चुना गया। वार्ड-4 से पार्षद अनिल हुड्डा वाइस चेयरमैन बने। डेढ़ साल बाद ही पार्षदों के दो गुट बन गए। जुलाई 2024 में जिला परिषद की बैठक में हंगामा हुआ। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सितंबर में 10 पार्षदों ने डीसी को शपथ पत्र देकर चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग रखी। हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर डीसी को अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की। विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर भाजपा तीसरी बार सत्ता में आ गई। इसका असर जिप की सियासत पर भी पड़ा। हाईकोर्ट ने 17 दिसंबर तक अविश्वास प्रस्ताव लाने पर रोक लगा दी।
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सोनू पिलाना के झटके से उभर नहीं पाए पार्षद
चेयरपर्सन मंजू हुड्डा को कुर्सी से हटाने के लिए 10 पार्षदों का एकजुट रहना जरूरी था, लेकिन 15 नवंबर को पार्षद सोनू पिलाना ने साथियों को झटका देते हुए डीसी को लिखित पत्र देकर शपथ पत्र वापस ले लिया। शेष 9 पार्षदों ने मिलकर मंथन किया, क्योंकि वे संख्याबल के दम पर चेयरपर्सन को नहीं हटा सकते थे। वाइस चेयरमैन अनिल हुड्डा के आवास पर 9 में से 8 पार्षद एकत्रित हुए। तय हुआ कि वार्डों में विकास कार्य करवाने के लिए सरकार का सहयोग चाहिए। इसके लिए रास्ता निकालने पर मंथन हुआ।
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बड़ौली से लेकर रामचंद्र जांगड़ा तक हुई बात
मुख्यमंत्री नायब सैनी से मिलने के लिए पार्षदों ने प्रयास शुरू किए। इसके लिए पार्टी नेता सतीश नांदल से लेकर प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली से बात हुई। तय हुआ कि अगर सरकार हर वार्ड में बराबर फंड देने व विकास कार्य करने का भरोसा देती हैं तो पार्षद चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं लेकर आएंगे। रामचंद्र जांगड़ा ने मुख्यमंत्री से समय लेने का भरोसा दिया। मंगलवार को चंडीगढ़ से संदेश आया कि 9 पार्षद अगले सप्ताह मुख्यमंत्री से मिल सकते हैं।

वर्जन
चेयरपर्सन मंजू हुड्डा से उनकी कोई व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है। सरकार ने हर वार्ड में बराबर के विकास कार्य कराने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री नायब सैनी से मिलने का समय भी मिल गया है। इसलिए सभी पार्षद एक-एक कर अपने शपथ पत्र वापस लेंगे। मांगेराम चिड़ी ने उनसे बात कर ही शपथ पत्र वापस लिया है।
अनिल हुड्डा, वाइस चेयरमैन जिला परिषद
वार्ड-3 के पार्षद मांगेराम के अविश्वास प्रस्ताव की कार्यवाही से अपना नाम वापस लेने के निर्णय का स्वागत करती हूं। जिला परिषद के पार्षद एक परिवार की तरह हैं। सभी वार्ड में निष्पक्ष तरीके से विकास कार्य करवाए जाएंगे। डिबार केस में अब 3 दिसंबर को सुनवाई होगी।
मंजू हुड्डा, चेयरपर्सन जिला परिषद

यूं चला अब तक घटनाक्रम
21 अक्तूबर : जिला परिषद की वार्ड-9 की महिला पार्षद नीलम के बेटे का गांव से अपहरण, चेयरपर्सन व उसके पति राजेश सरकारी पर लगा आरोप, केस दर्ज, लेकिन अभी तक खुलासा नहीं।


23 अक्तूबर : अविश्वास प्रस्ताव को लेकर जिला परिषद की बैठक, डीसी के बीमार होने पर टली।
30 अक्तूबर : अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बैठक पांच पार्षदों का डिबार पर फैसला न आने पर स्थगित।

6 नवंबर : हाईकोर्ट के आदेश पर डीसी ने 12 नवंबर के लिए बैठक आयोजित करने का पत्र जारी किया।
8 नवंबर : हाईकोर्ट की डबल बेंच ने प्रक्रिया पर लगाई रोक, अब 17 दिसंबर को होगी सुनवाई।
15 नवंबर : पार्षद सोनू पिलाना ने डीसी को लिखित में पत्र देकर लिया अविश्वास प्रस्ताव का शपथ पत्र।
25 नवंबर : पार्षद मांगेराम चिड़ी ने लिया डीसी को पत्र देकर अविश्वास के लिए दिया शपथ पत्र।
26 नवंबर : पार्षदों ने की घोषणा, अब वे नहीं लेकर आएंगे अविश्वास प्रस्ताव, सरकार से मिला बराबर विकास कार्य कराने का आश्वासन।

26सीटीके14..अविश्वास प्रस्ताव की कार्यवाही से अपना नाम वापस लेते वार्ड नं. 3 पार्षद के मांगे रा

26सीटीके14..अविश्वास प्रस्ताव की कार्यवाही से अपना नाम वापस लेते वार्ड नं. 3 पार्षद के मांगे रा

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