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विद्यार्थियों को बोझिल पढ़ाई से राहत देगा वैकल्पिक शैक्षणिक कैलेंडर, एनसीईआरटी ने किया तैयार
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रोहतक। लॉकडाउन में घर पर रहकर ऑनलाइन शिक्षा का अधिक उपयोग बच्चों को परेशान नहीं करेेगा। बच्चों को बोझिल पढ़ाई से राहत पहुंचाने के लिए एनसीईआरटी (नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग) ने वैकल्पिक शैक्षणिक कैलेंडर तैयार किया है। कक्षा पहली से दसवीं तक के विद्यार्थियों के लिए पहला कैलेंडर चार सप्ताह के लिए बनाया गया है। इससे आगे विस्तार जारी है। इस कैलेंडर के तहत बच्चों को पाठ्यक्रम की थीम लेकर रुचिकर गतिविधियों के जरिये बच्चों को सिखाने का प्रयास किया जाएगा। इसमें ई-लर्निंग उपकरणों व इंटरनेट सुविधा नहीं रखने वाले विद्यार्थियों का ध्यान रखा गया है।
सोशल मीडिया के उपयोग के साथ दूर करेगा तनाव
एनसीईआरटी का वैकल्पिक कैलेंडर विभिन्न तकनीकी व सोशल मीडिया उपकरणों के उपयोग संबंधी व तनाव और चिंता दूर करने के तरीकों के विषय में भी बताएगा। कला, स्वास्थ्य व शारीरिक शिक्षा को इसमें शामिल किया गया है। अध्यापकों तक ई-संचार माध्यमों से यह कैलेंडर भेजते हुए इसे संपूर्णत से अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। यह तीन स्तर पर बनाया गया है। पहला प्राथमिक स्तर, दूसरा उच्च प्राथमिक स्तर व तीसरा माध्यमिक स्तर का कैलेंडर है।
शिक्षा विभाग की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि अध्यापक स्वेच्छा से ही विद्यार्थियों को पठन पाठन करा रहे हैं। इसका एनसीईआरटी की मासिक बांट से कोई संबंध नहीं है। इस प्रकार की गतिविधि अध्यापकों व विद्यार्थियों के लिए असमंजस की स्थिति पैदा करती है। हर दिन गृह कार्य व पठन पाठन पूरे प्रदेश में एक हो। इसके लिए जरूरी कदम उठाना जरूरी है।
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-कृष्णा फौगाट, नोडल अधिकारी, ई-लर्निंग एवं डिप्टी डीईओ
शिक्षा विभाग महामारी व लॉकडाउन में भी बच्चों की पढ़ाई को लेकर पूरी तरह गंभीर है। विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए नए प्रयास व सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। इसी कड़ी में एनसीईआरटी ने वैकल्पिक कैलेंडर जारी किया है। इसके तहत थीम के आधार पर विभिन्न गतिविधियों के साथ बच्चों को पढ़ाया जाएगा।
-विजय लक्ष्मी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
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सोशल मीडिया के उपयोग के साथ दूर करेगा तनाव
एनसीईआरटी का वैकल्पिक कैलेंडर विभिन्न तकनीकी व सोशल मीडिया उपकरणों के उपयोग संबंधी व तनाव और चिंता दूर करने के तरीकों के विषय में भी बताएगा। कला, स्वास्थ्य व शारीरिक शिक्षा को इसमें शामिल किया गया है। अध्यापकों तक ई-संचार माध्यमों से यह कैलेंडर भेजते हुए इसे संपूर्णत से अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। यह तीन स्तर पर बनाया गया है। पहला प्राथमिक स्तर, दूसरा उच्च प्राथमिक स्तर व तीसरा माध्यमिक स्तर का कैलेंडर है।
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शिक्षा विभाग की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि अध्यापक स्वेच्छा से ही विद्यार्थियों को पठन पाठन करा रहे हैं। इसका एनसीईआरटी की मासिक बांट से कोई संबंध नहीं है। इस प्रकार की गतिविधि अध्यापकों व विद्यार्थियों के लिए असमंजस की स्थिति पैदा करती है। हर दिन गृह कार्य व पठन पाठन पूरे प्रदेश में एक हो। इसके लिए जरूरी कदम उठाना जरूरी है।
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-कृष्णा फौगाट, नोडल अधिकारी, ई-लर्निंग एवं डिप्टी डीईओ
शिक्षा विभाग महामारी व लॉकडाउन में भी बच्चों की पढ़ाई को लेकर पूरी तरह गंभीर है। विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए नए प्रयास व सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। इसी कड़ी में एनसीईआरटी ने वैकल्पिक कैलेंडर जारी किया है। इसके तहत थीम के आधार पर विभिन्न गतिविधियों के साथ बच्चों को पढ़ाया जाएगा।
-विजय लक्ष्मी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।