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दिल चोरी साडा हो गया... पर जमकर झूमे युवा
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sat, 14 Jan 2017 02:42 AM IST
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सूफी गायक हंसराज हंस
- फोटो : अमर उजाला
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शहर में आयोजित 21वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव में शुक्रवार की सांस्कृतिक संध्या सूफी गायक हंसराज हंस के नाम रही। हंस ने सूफियाना अंदाज में अपने लोकप्रिय गीतों को गाया तो युवा कुर्सियों पर चढ़कर नाचने लगे।
करीब दो घंटे तक सूफी से लेकर लोकप्रिय गीतों की सुर सरिता बहती रही और दर्शक उसमें गोते लगाते रहे। जोशीले संगीत की धुन पर निकले मधुर गीतों पर दर्शक जमकर थिरके। कई युवाओं ने तो कुर्सियों पर खड़े होकर डांस किया। धमाल मचाने में युवतियां भी पीछे नहीं थी। संगीत के तरानों से बेटी बचाओ के साथ देशभक्ति का पाठ भी पढ़ा गए सूफी गायक।
सूफी गायक हंसराज हंस शाम सात बजे से पहले खेल परिसर में बनाई गई मुख्य स्टेज पर पहुंच गए। स्टेज पर आते ही उन्होंने जनता का अभिवादन किया और खाली दिल नहीं जान भी मंगदा... की प्रस्तुति से सांस्कृतिक संध्या का आगाज किया। इसके बाद नित खैर मांगा सोणिया... ये जो सीली-सीली औंदी है हवा, कित्ते कोई रोंदा होवे गा... दिल चोरी साडा हो गया... और दिल टोटे-टोटे हो गया... गानों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
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स्थिति यह थी कि संगीत की धुन शुरू होते ही दर्शक थिरकने लग जाते थे। गायक के मुंह से बोल निकलते ही सभागार में धमाल मच जाता था।
सूफी गायक ने अपने गानों से जहां युवाओं को जमकर झुमाया वहीं बेटी बचाओ और देशभक्ति का संदेश भी गानों में ही दे गए। हमने दुनिया में नहीं ऐसा दिल देखा.. बेटियां कत्ल हुई माओ को कातिल देखा... की प्रस्तुति से माहौल को भावपूर्ण कर दिया। लेकिन चंद ही पलों में उन्होंने फिर से माहौल को जोश से भर दिया। युवाओं से आह्वान किया कि अगर इश्क करना है तो इस मातृभूमि को अपनी माशूका बनाओ। इनके अलावा भी मेरे दिल में आज क्या है... और दमादम मस्त कलंदर... आदि गानों पर दर्शकों को जमकर थिरकाया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने किया। उन्होंने लोगों को लोहड़ी और मकर संक्रांति की बधाई दी। कुलपति डा. बीके पूनिया ने कहा कि रोहतक में आए अतिथि इस आतिथ्य को हमेशा याद रखेंगे। उनकी स्वागत में एमडीयू प्रशासन हर समय तैयार है। राज्यमंत्री मनीष ग्रोवर, मंडलायुक्त चंद्रप्रकाश व अन्य अतिथियों ने हंसराज हंस को स्मृति चिह्न भेंट किया।
कुर्सियों के कवर उठाकर झूमने लगे युवा
सूफी गायक की प्रस्तुति के दौरान युवाओं पर ऐसा खुमार चढ़ा कि वह कुर्सियों पर चढ़कर नाचने लगे। युवाओं ने कुर्सी के कवर आसमान की तरफ उछाल दिए। इस बीच एक कुर्सी का कवर वहां पर सर्दी से बचाने के लिए रखी गई गैस पर गिर गया। हालांकि समय रहते उसे उठा लिया गया, अन्यथा अनहोनी हो सकती थी।
आयोजन सचिव डॉ. जगबीर राठी ने मंच से आह्वान किया कि ऐसे माहौल खराब न करें। सूफी गायक ने भी युवाओं से अपील की कि कार्यक्रम में मनोरंजन करें, न कि हुड़दंग। इसके बाद पुलिस ने हुड़दंग कर रहे कुछ युवाओं को डांट-फटकार कर बैठाया।
चुनाव की तरफ भी इशारा कर गए सूफी गायक
स्टेज पर प्रस्तुति के दौरान सूफी गायक ने बातों ही बातों में चुनाव की तरफ भी इशारा कर दिया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वह ऐसी ताकत हैं कि कुछ भी कर सकते हैं। आने वाले चुनावों में ऐसे लोगों को रास्ता दिखाना होगा जो रुपयों के बदले वोट लेते हैं। उन्हें बताना होगा कि हर गरीब बिकाऊ नहीं है।
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करीब दो घंटे तक सूफी से लेकर लोकप्रिय गीतों की सुर सरिता बहती रही और दर्शक उसमें गोते लगाते रहे। जोशीले संगीत की धुन पर निकले मधुर गीतों पर दर्शक जमकर थिरके। कई युवाओं ने तो कुर्सियों पर खड़े होकर डांस किया। धमाल मचाने में युवतियां भी पीछे नहीं थी। संगीत के तरानों से बेटी बचाओ के साथ देशभक्ति का पाठ भी पढ़ा गए सूफी गायक।
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सूफी गायक हंसराज हंस शाम सात बजे से पहले खेल परिसर में बनाई गई मुख्य स्टेज पर पहुंच गए। स्टेज पर आते ही उन्होंने जनता का अभिवादन किया और खाली दिल नहीं जान भी मंगदा... की प्रस्तुति से सांस्कृतिक संध्या का आगाज किया। इसके बाद नित खैर मांगा सोणिया... ये जो सीली-सीली औंदी है हवा, कित्ते कोई रोंदा होवे गा... दिल चोरी साडा हो गया... और दिल टोटे-टोटे हो गया... गानों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
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स्थिति यह थी कि संगीत की धुन शुरू होते ही दर्शक थिरकने लग जाते थे। गायक के मुंह से बोल निकलते ही सभागार में धमाल मच जाता था।
सूफी गायक ने अपने गानों से जहां युवाओं को जमकर झुमाया वहीं बेटी बचाओ और देशभक्ति का संदेश भी गानों में ही दे गए। हमने दुनिया में नहीं ऐसा दिल देखा.. बेटियां कत्ल हुई माओ को कातिल देखा... की प्रस्तुति से माहौल को भावपूर्ण कर दिया। लेकिन चंद ही पलों में उन्होंने फिर से माहौल को जोश से भर दिया। युवाओं से आह्वान किया कि अगर इश्क करना है तो इस मातृभूमि को अपनी माशूका बनाओ। इनके अलावा भी मेरे दिल में आज क्या है... और दमादम मस्त कलंदर... आदि गानों पर दर्शकों को जमकर थिरकाया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने किया। उन्होंने लोगों को लोहड़ी और मकर संक्रांति की बधाई दी। कुलपति डा. बीके पूनिया ने कहा कि रोहतक में आए अतिथि इस आतिथ्य को हमेशा याद रखेंगे। उनकी स्वागत में एमडीयू प्रशासन हर समय तैयार है। राज्यमंत्री मनीष ग्रोवर, मंडलायुक्त चंद्रप्रकाश व अन्य अतिथियों ने हंसराज हंस को स्मृति चिह्न भेंट किया।
कुर्सियों के कवर उठाकर झूमने लगे युवा
सूफी गायक की प्रस्तुति के दौरान युवाओं पर ऐसा खुमार चढ़ा कि वह कुर्सियों पर चढ़कर नाचने लगे। युवाओं ने कुर्सी के कवर आसमान की तरफ उछाल दिए। इस बीच एक कुर्सी का कवर वहां पर सर्दी से बचाने के लिए रखी गई गैस पर गिर गया। हालांकि समय रहते उसे उठा लिया गया, अन्यथा अनहोनी हो सकती थी।
आयोजन सचिव डॉ. जगबीर राठी ने मंच से आह्वान किया कि ऐसे माहौल खराब न करें। सूफी गायक ने भी युवाओं से अपील की कि कार्यक्रम में मनोरंजन करें, न कि हुड़दंग। इसके बाद पुलिस ने हुड़दंग कर रहे कुछ युवाओं को डांट-फटकार कर बैठाया।
चुनाव की तरफ भी इशारा कर गए सूफी गायक
स्टेज पर प्रस्तुति के दौरान सूफी गायक ने बातों ही बातों में चुनाव की तरफ भी इशारा कर दिया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वह ऐसी ताकत हैं कि कुछ भी कर सकते हैं। आने वाले चुनावों में ऐसे लोगों को रास्ता दिखाना होगा जो रुपयों के बदले वोट लेते हैं। उन्हें बताना होगा कि हर गरीब बिकाऊ नहीं है।