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Rohtak News: महम में आढ़तियों की हड़ताल से सरसों खरीद प्रभावित, आज सीएम से मिलेंगे
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महम। अनाज मंडी के आढ़तियों ने जीएसटी भरवाने पर रोष जताते हुए सोमवार को भी हड़ताल रखी। इस कारण सरसों खरीद प्रभावित रही। समस्या को लेकर आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान अतर सिंह रापड़िया के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मार्केट कमेटी के सचिव रामनिवास से भी मुलाकात की। आढ़तियों का कहना है कि वह इस समस्या को लेकर मंगलवार को सीएम नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर समाधान की गुहार लगाएंगे।
आढ़ती धर्मवीर सिवाच, रामनिवास, सुनील रांगी आदि ने बताया कि सरकार द्वारा सरसों खरीद के लिए उनको 70 रुपए प्रति क्विंटल का कमीशन दिया जाता है। उनको इसकी एवज में जीएसटी देने के लिए कहा जाता है। 5 प्रतिशत जीएसटी अदा करनी पड़ती है। जो प्रति क्विंटल 282 रुपए बनती है। 70 रुपये की आमदनी पर 282 रुपए जीएसटी भरनी पड़ती है जबकि वे न तो विक्रेता हैं न ही क्रेता हैं। फसल बेचता किसान है तथा खरीदती एजेंसी हैं। उनको सिर्फ सर्विस प्रोवाइडर के रूप में कमीशन मिलता है। ऐसे में उनसे जीएसटी भरवाना गलत है।उन्होंने बताया कि जीएसटी के रूप में उनको बड़ी रकम अदा करनी पड़ रही है अगर रिफंड मिलती है तो भी उसमें डेढ़ साल का समय लग जाता है। ऐसे में अगर ब्याज की बात की जाए तो प्रति क्विंटल 90 रुपए ब्याज हो जाता है। ऐसे में उनके लिए सरसों खरीदना बहुत घाटे का सौदा है। इस बारे में सचिव रामनिवास का कहना है कि आढ़तियों की समस्या को उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया गया है। उच्च स्तर पर ही समाधान हो सकता है।
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आढ़ती धर्मवीर सिवाच, रामनिवास, सुनील रांगी आदि ने बताया कि सरकार द्वारा सरसों खरीद के लिए उनको 70 रुपए प्रति क्विंटल का कमीशन दिया जाता है। उनको इसकी एवज में जीएसटी देने के लिए कहा जाता है। 5 प्रतिशत जीएसटी अदा करनी पड़ती है। जो प्रति क्विंटल 282 रुपए बनती है। 70 रुपये की आमदनी पर 282 रुपए जीएसटी भरनी पड़ती है जबकि वे न तो विक्रेता हैं न ही क्रेता हैं। फसल बेचता किसान है तथा खरीदती एजेंसी हैं। उनको सिर्फ सर्विस प्रोवाइडर के रूप में कमीशन मिलता है। ऐसे में उनसे जीएसटी भरवाना गलत है।उन्होंने बताया कि जीएसटी के रूप में उनको बड़ी रकम अदा करनी पड़ रही है अगर रिफंड मिलती है तो भी उसमें डेढ़ साल का समय लग जाता है। ऐसे में अगर ब्याज की बात की जाए तो प्रति क्विंटल 90 रुपए ब्याज हो जाता है। ऐसे में उनके लिए सरसों खरीदना बहुत घाटे का सौदा है। इस बारे में सचिव रामनिवास का कहना है कि आढ़तियों की समस्या को उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया गया है। उच्च स्तर पर ही समाधान हो सकता है।
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