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25 साल पहले ताऊ के बेटे की हत्या का बदला लेने को किया था मर्डर

Thu, 10 Feb 2022 01:12 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 10 Feb 2022 01:12 AM IST
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Murdered 25 years ago to avenge the murder of Tau's son
खिड़वाली निवासी रोहताश हत्याकांड का आरोपी सत्यवान। विज्ञप्ति
खिड़वाली में 7 दिन पूर्व हुई रोहताश की हत्या के मामले की गुत्थी सुलझ गई है। पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर केस के मुख्य आरोपी सत्यवान उर्फ सत्ते को गिरफ्तार कर लिया है। उसे अदालत में पेश किया गया। यहां उसे रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया गया। पूछताछ में आरोपी ने 25 साल पहले हुई ताऊ के बेटे संजय की हत्या का बदला लेने के लिए वारदात को अंजाम देने का खुलासा किया। उससे पूछताछ जारी है।
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पुलिस उप अधीक्षक मुख्यालय सज्जन कुमार ने बताया कि चार फरवरी को सूचना मिली थी कि अज्ञात युवकों ने खिड़वाली के रोहताश की गोली मारकर हत्या कर दी है। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस ने रोहताश के भाई वेदप्रकाश की शिकायत पर केस दर्ज किया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि रोहताश की पत्नी की करीब 20 साल पहले मौत हो चुकी है। वह चार फरवरी को सुबह करीब 7 बजे घर से घूमने के लिए बाहर निकला था। खिड़वाली के विक्रम के प्लॉट में उस पर अज्ञात युवकों ने गोलियां चलाकर हत्या कर दी थी।
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वारदात में शामिल दूसरा आरोपी फरार
पुलिस अधीक्षक उदय सिंह मीना ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केस जांच के लिए उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय सज्जन कुमार के नेतृत्व में प्रभारी सीआईए-1 एसआई अनेश कुमार को सौंपा। जांच के दौरान एएसआई विनोद दलाल के नेतृत्व में सीआईए-1 स्टाफ की टीम ने छापा मारा और खिड़वाली निवासी आरोपी सत्यवान उर्फ सत्ते को गांव की ड्रेन के पास से गिरफ्तार कर लिया। वारदात में शामिल दूसरा आरोपी दिनेश अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस कार्रवाई कर रही है।
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हत्या के मामले में अदालत ने कर दिया था बरी
पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि आरोपी सत्यवान उर्फ सत्ते के पिता रामेश्वर, रामप्रताप, रामचंद्र व भीम चार भाई हैं। रामचंद्र के दो बेटे वेदप्रकाश व संजय थे। संजय की करीब 25 साल पहले हत्या हुई थी। इसमें रोहताश व सत्यवान पर आरोप लगा था। इन दोनों को गिरफ्तार किया गया था। बाद में अदालत ने इन्हें बरी कर दिया था। गांव में सत्यवान का प्लॉट व रामनिवास का प्लॉट साथ में है। यहां करीब एक सप्ताह पहले सत्यवान के प्लॉट में दरवाजा लगाने को लेकर रामनिवास से झगड़ा हो गया। इसके बाद भी सत्यवान ने दो फरवरी को दरवाजा लगवाने के लिए दीवार की साइड में पिलर तैयार करा दिया। इस पर सत्यवान व रामनिवास के बीच फिर से विवाद हो गया। मामले में तीन फरवरी को पंचायत में सुलह हो गई।

सत्यवान को चुभ गई थी हत्या की बात
रात के समय रामनिवास ने सत्यवान उर्फ सत्ते का पिलर तोड़ दिया। इस बात पर रामनिवास व सत्यवान में झगड़ा हो गया। झगडे़ में रामनिवास ने सत्यवान से कहा था कि तुम्हारे भाई की हत्या हुई थी, तब तुमने क्या कर लिया था। यह बात सत्यवान को चुभ गई और उसने बदला लेने की ठान ली। सत्यवान ने साथी मदीना निवासी दिनेश उर्फ डिल्ला को तैयार किया और बदला लेने के लिए रात को रोहताश को मारने की साजिश रची। इन दोनों ने तीन फरवरी की रात रोहताश व रामनिवास को मारने के लिए ढूंढा, लेकिन वह नहीं मिला। इसके बाद चार फरवरी को दोनों ने मिलकर सुबह घूमने आए रोहताश की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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