कोरोना महामारी से परेशान व्यापारियों को थोड़ी राहत मिली है। नगर निगम अपने करीब 700 किरायेदारों से 15 मार्च से 15 मई तक का किराया नहीं लेगा। इस आशय का पत्र मुख्यालय से निगम आयुक्त के पास पहुंच गया है। शनिवार को रोहतक व्यापार मंडल का एक प्रतिनिधिमंडल पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर से मिला और उन्हें सीएम के नाम पत्र देकर बिजली बिल को माफ करने की मांग रखी। पूर्व मंत्री ने उनकी मांग सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। मुख्यालय की तरफ से नगर निगम प्रशासन को पत्र भेजा गया है कि लॉकडाउन की अवधि में प्रदेश सरकार ने नगर निकाय, पंचायती राज समेत दूसरे बोर्डों की दुकानों का दो से ढाई माह का किराया माफ करने का फैसला किया है। यह छूट उन दुकानदारों को नहीं मिलेगी, जिनका समय पर पहले किराया नहीं आता रहा है। इससे शहर के पालिका बाजार, इंदिरा मार्केट, हिसार रोड, पुरानी सब्जी मंडी रोड, शिवाजी कॉलोनी, गांधी कैंप, सिविल रोड सहित दूसरे बाजारों में स्थित निगम के करीब 700 किरायेदारों को राहत मिलेगी। क्योंकि लॉकडाउन में करीब दो माह दुकानें बंद रही हैं। अब मई माह में नियमों के दायरे में सुबह 10 से शाम 5 बजे तक बाजार खोले गए हैं। दोपहर पूर्व मंत्री ग्रोवर से मिलने पहुंचे। इसमें रोहतक व्यापार मंडल के महासचिव गुलशन निझावन, संजय सिक्का, विजय परुथी ,बिट्टू टक्कर, श्याम सचदेवा, देवराज अनेजा, अजय निझावन, सोम पाहवा, मनीष नारंग, बंटी अहुजा,अशोक गुलाटी, राजू भूटानी, मनु शर्मा व राकेश सचदेवा समेत कई व्यापारी नेता शामिल रहे। उन्होंने निगम की दुकानों का किराया माफ करने पर सीएम, गृहमंत्री अनिल विज व ग्रोवर का धन्यवाद किया और मांग की कि दुकान, गोदाम व स्मॉल स्केल पर काम करने वाले दुकानदारों का इस अवधि का बिजली का बिल भी माफ करवाया जाए। पूर्व मंत्री ने कहा कि व्यापारी सरकार की रीढ़ की हड्डी हैं। लॉकडाउन की अवधि के दौरान जितना सहयोग प्रदेश के व्यापारियों ने दिया, वह सराहनीय है। व्यापारियों की जो जायज मांगे होंगी, सरकार उन्हें हर हाल में पूरा करेगी।