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Rohtak News: कन्हेली की पांच कैनाल जमीन का मालिक नगर निगम, किसान की अपील खारिज

Sat, 21 Mar 2026 11:32 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 21 Mar 2026 11:32 PM IST
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Municipal Corporation is the owner of five canal land of Kanheli, farmer's appeal rejected
रोहतक। एडीजे अनिल कौशिक की अदालत ने निर्णय दिया है कि नगर निगम ही कन्हेली गांव की पांच कैनाल जमीन का मालिक है क्योंकि गैर मौरूसी'' (बिना मालिकाना हक के काश्तकार) होने का मतलब किरायेदार नहीं है। याचिकाकर्ता कन्हेली निवासी रामफल मालिकाना हक के लिए अपने बयानों के अलावा अन्य ठोस सबूत नहीं पेश कर सके, इसलिए निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा जाता है।
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अदालत के मुताबिक, सितंबर 2023 में कन्हेली निवासी रामफल ने अदालत में अपील की थी कि गांव की शामलात-देह व आबादी-देह की पांच कैनाल जमीन पर उनके पिता का कब्जा था। 1997 में पिता का देहांत हो गया था। इसके बाद से वह जमीन पर काबिज हैं। वहां पर छह कमरों वाला एक घर व कार्यालय बनाया हुआ है। 20 साल पहले चहारदीवारी बनाकर बिजली मीटर तक लगाया हुआ है।
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जमीन पर 60 साल से उनका बिना किराया दिए हुए कब्जा है। इसके बावजूद निचली अदालत ने नगर निगम के हक में निर्णय दिया। दिए गए निर्णय को रद्द किया जाए।

नगर निगम ने कहा-लिपिकीय त्रुटि से 2007-2008 में ''गैर मौरूसी'' लिखा गया
अदालत के नोटिस पर नगर निगम ने जवाब दिया कि जमीन पर निगम का मालिकाना हक है। अपीलकर्ता या उनके परिवार का जमीन पर कोई अधिकार नहीं है। खेती वाले कॉलम में एक लिपिकीय त्रुटि के कारण 2007-2008 की जमाबंदी में ''गैर मौरूसी'' लिखा गया। हालांकि, 2012-2013 की जमाबंदी में ऐसी कोई प्रविष्टि नहीं है।
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कोर्ट ने कहा-बयानों के अलावा याचिकाकर्ता के पास कोई साक्ष्य नहीं
नगर निगम की पैरवी कर रहे वकील ने बताया, चूंकि याचिकाकर्ता पंजाब किरायेदारी अधिनियम, 1887 में परिभाषित किरायेदार की परिभाषा के अंतर्गत नहीं आता। ऐसे में पंजाब अधिभोग किरायेदार (स्वामित्व अधिकार निहित करना) अधिनियम, 1952 के प्रावधानों के तहत (जो कि किरायेदारों को भूमि का मालिक बनने का अधिकार देता है ) के अनुसार मालिक घोषित नहीं किया जा सकता है। ऐसे में एडीजे कोर्ट ने निचली अदालत का फैसला बरकरार रखा है।
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