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मां का दूध शिशु के लिए जीवन रक्षक : डॉ. अशोक
Tue, 05 Aug 2025 12:16 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 05 Aug 2025 12:16 AM IST
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फोटो : 31पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आयोजित बैठक में विमर्श करते। स्रोत : विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत सोमवार को महिला एवं बाल विकास विभाग की तरफ से गढ़ी बोलनी रोड स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में एक जागरूकता बैठक का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता जिला कार्यक्रम अधिकारी शालू यादव ने की।
बैठक में बड़ी संख्या में स्तनपान कराने वाली माताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पर्यवेक्षकों तथा अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सीमा मित्तल ने स्तनपान के शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक लाभों पर प्रकाश डाला। डॉ. अशोक ने कहा कि जन्म के पहले घंटे में स्तनपान शुरू करना नवजात शिशु के लिए जीवन रक्षक होता है। मां का दूध संक्रमण से बचाता है और शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
शालू यादव ने अधिकारियों व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि वे गांव-स्तर तक पहुंचकर स्तनपान से जुड़ी जानकारी प्रसारित करें। उन्होंने कहा कि पोस्टर, बैनर, वीडियो संदेश, जनसभाएं और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि हर लाभार्थी तक यह अमूल्य जानकारी पहुंच सके।
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बैठक में माताओं के पोषण, स्वच्छता, नियमित स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण की आवश्यकता पर भी बल दिया गया। चिकित्सकों ने माताओं से संवाद करते हुए कहा कि स्तनपान सिर्फ बच्चे के लिए ही नहीं, बल्कि मां के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है।
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रेवाड़ी। विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत सोमवार को महिला एवं बाल विकास विभाग की तरफ से गढ़ी बोलनी रोड स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में एक जागरूकता बैठक का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता जिला कार्यक्रम अधिकारी शालू यादव ने की।
बैठक में बड़ी संख्या में स्तनपान कराने वाली माताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पर्यवेक्षकों तथा अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सीमा मित्तल ने स्तनपान के शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक लाभों पर प्रकाश डाला। डॉ. अशोक ने कहा कि जन्म के पहले घंटे में स्तनपान शुरू करना नवजात शिशु के लिए जीवन रक्षक होता है। मां का दूध संक्रमण से बचाता है और शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
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शालू यादव ने अधिकारियों व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि वे गांव-स्तर तक पहुंचकर स्तनपान से जुड़ी जानकारी प्रसारित करें। उन्होंने कहा कि पोस्टर, बैनर, वीडियो संदेश, जनसभाएं और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि हर लाभार्थी तक यह अमूल्य जानकारी पहुंच सके।
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बैठक में माताओं के पोषण, स्वच्छता, नियमित स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण की आवश्यकता पर भी बल दिया गया। चिकित्सकों ने माताओं से संवाद करते हुए कहा कि स्तनपान सिर्फ बच्चे के लिए ही नहीं, बल्कि मां के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है।