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Rohtak News: कोलकाता के गोटे से बनी माता की पोशाक
Sun, 14 Apr 2024 04:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sun, 14 Apr 2024 04:02 AM IST
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बेरी। बेरी स्थित मां भीमेश्वरी देवी के मंदिर में माथा टेकने व मन्नत मांगने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार उमड़ रही है। शनिवार को पांचवें नवरात्र को श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा।
सप्तमी व अष्टमी के दिन यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन को पहुंचते हैं। रविवार को छुट्टी का होने के कारण इस बार श्रद्धालुओं की भीड़ काफी अधिक रहने की संभावना है।
मां के पांचवें रूप का हुआ पूजन : कुलदीप वशिष्ठ : मंदिर के पुजारी कुलदीप वशिष्ठ ने बताया कि कलकत्ता में कारीगरों से मां की नौ दिनों की पोशाक सच्चे गोटे से तैयार करवाई है।
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नवरात्र में मां का खास श्रृंगार होता है। मां की प्रतिमा का सुबह-शाम अलग-अलग मंदिर में श्रृंगार होता है जबकि महाआरती दोनों की मंदिरों में सुबह एवं सायं के समय में होती है।
हर गतिविधि पर कैमरों की नजर :
सुरक्षा एवं व्यवस्था बनाए रखने के दृष्टिगत पुलिस प्रशासन की ओर से बाहरी क्षेत्र स्थित मंदिर में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। जहां पर पुलिस अधिकारी बैठकर हर गतिविधि पर नजर रखते है। दोनों मंदिरों के अलावा मुख्य मार्ग पर पार्किंग, बस स्टैड़, बेरी चौक सहित अन्य क्षेत्रों को कैमरों की जद में लिया गया है बेरी को जोड़ने वाले मुख्य मार्गों से भीतरी मार्ग तक ओवरलोड वाहनों किसी भी वाहन को आने की इजाजत नहीं है।
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सप्तमी व अष्टमी के दिन यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन को पहुंचते हैं। रविवार को छुट्टी का होने के कारण इस बार श्रद्धालुओं की भीड़ काफी अधिक रहने की संभावना है।
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मां के पांचवें रूप का हुआ पूजन : कुलदीप वशिष्ठ : मंदिर के पुजारी कुलदीप वशिष्ठ ने बताया कि कलकत्ता में कारीगरों से मां की नौ दिनों की पोशाक सच्चे गोटे से तैयार करवाई है।
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नवरात्र में मां का खास श्रृंगार होता है। मां की प्रतिमा का सुबह-शाम अलग-अलग मंदिर में श्रृंगार होता है जबकि महाआरती दोनों की मंदिरों में सुबह एवं सायं के समय में होती है।
हर गतिविधि पर कैमरों की नजर :
सुरक्षा एवं व्यवस्था बनाए रखने के दृष्टिगत पुलिस प्रशासन की ओर से बाहरी क्षेत्र स्थित मंदिर में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। जहां पर पुलिस अधिकारी बैठकर हर गतिविधि पर नजर रखते है। दोनों मंदिरों के अलावा मुख्य मार्ग पर पार्किंग, बस स्टैड़, बेरी चौक सहित अन्य क्षेत्रों को कैमरों की जद में लिया गया है बेरी को जोड़ने वाले मुख्य मार्गों से भीतरी मार्ग तक ओवरलोड वाहनों किसी भी वाहन को आने की इजाजत नहीं है।