फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   More than half of the industries are in rural areas: MDU Vice Chancellor Prof. Rajbir Singh

ग्रामीण क्षेत्र में हैं आधे से अधिक उद्योग : एमडीयू कुलपति प्रो. राजबीर सिंह

Fri, 19 Sep 2025 12:13 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 19 Sep 2025 12:13 AM IST
विज्ञापन
More than half of the industries are in rural areas: MDU Vice Chancellor Prof. Rajbir Singh
रोहतक। एमडीयू कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में 50 प्रतिशत से अधिक उद्योग स्थापित हैं। एमएसएमई को इन्हें और बढ़ावा देना चाहिए। उद्योगों में श्रमिकों की अहम भूमिका है। यह क्षेत्र युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार दे सकता है।
विज्ञापन

उद्योग और शिक्षण संस्थान मिलकर काम करें तो कुशल श्रमिकों की कमी दूर हो जाएगी। वर्तमान में निवेशक तो मिल जाते हैं, लेकिन प्रशिक्षित कारीगरों की कमी है। इसी को ध्यान में रखते हुए एमडीयू ने उद्यमशीलता कार्यक्रम शुरू किया है। एमडीयू में दो वर्ष पहले सेंटर फॉर इनोवेशन, इन्क्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप की स्थापना की गई थी। विश्वविद्यालय की अपनी इनोवेशन एंड स्टार्टअप पॉलिसी है।
विज्ञापन

एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने विश्व बैंक समर्थित आरएएमपी कार्यक्रम शुरू किया है। इसके तहत उद्यमियों के बाजार और ऋण तक पहुंच आसान बनाना, संस्थानों और शासन को मजबूत करना, केंद्र-राज्य साझेदारी में सुधार, विलंबित भुगतानों का समाधान और हरित एमएसएमई को प्रोत्साहन शामिल है।
विज्ञापन
विज्ञापन



एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने नया विश्व बैंक समर्थित कार्यक्रम शुरू किया है। सरकार आरएएमपी के तहत उद्यमियों की बाजार तक पहुंच बढ़ाने, ऋण तक पहुंच को सुगम बनाने, संस्थानों व शासन को मजबूत बनाने, केंद्र-राज्य भागीदारी में सुधार, विलंबित भुगतानों के मुद्दों का समाधान, एमएसएमई के हरितकरण को उत्प्रेरित करने का काम कर रही है। वहीं, सरकार संगम पोर्टल व वैश्विक सूचना एवं बाजार सुविधा टीम के साथ एमएसएमई विकास को बढ़ावा देने के लिए अग्रसर है। -पावन शर्मा, स्टेट टेक्निकल हेड, एमएसएमई।

एमएसएमई कार्यक्रम काबिलेतारीफ है। एचएसआईआईडीसी उद्यमी की सुविधा में हरसंभव प्रयास कर रहा है। संरचनात्मक ढांचे में काम चल रहा है। कुछ कार्य बारिश के कारण नहीं हो सके। इसके इंफ्रा में थोड़ी कमी आई है। स्टाफ काम कर रहे हैं। उद्यमी की ओर से सुविधा मांगें जाने पर उपलब्ध कराई जाएगी। -संदीप कुमार, एसडीओ, एचएसआईआईडीसी।

हरियाणा व केंद्र सरकार की ओर से हीप-2020, पदमा, हरियाणा आत्मनिर्भर टेक्सटाइल पॉलिसी, पीएम ईजीपी और पीएमएफएमई योजनाएं उद्यमियों के चलाई जा रही हैं। साथ ही उद्यमियों के उद्यम स्थापित करने से लेकर एक्सपोर्ट करने तक योजनाएं है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत हरियाणा सरकार के विभिन्न कदम उठाए जा रहे हैं। अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए ज्यादा उद्योग स्थापित किए जाएं। इससे बेरोजगारी की समस्या को दूर किया जा सकेगा। -कपिल मित्तल, उपनिदेशक, एमएसएमई मुख्यालय हरियाणा।

एक्सपर्ट बोले
एमडीयू ने बनाई है अपनी इनोवेशन एवं स्टार्टअप पॉलिसी

एमडीयू में सेंटर फॉर इनोवेशन, इन्क्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप की स्थापना दो वर्ष पहले हो चुकी है। विवि की अपनी इनोवेशन एंड स्टार्टअप पॉलिसी है। इसके तहत हम यहां के छात्रों व फैकल्टी सदस्यों को सुविधा दे रहे हैं। स्टार्टअप में मेंटोर करने पर मेंटरशिप का भी सर्टिफिकेट विवि की ओर दिया जाता है। उद्योग जगत के संबंध में विश्वविद्यालय इंडस्ट्री से जुड़ने का काम कर रहा है। कई विभाग इसके लिए काम कर रहे हैं। विश्वविद्यालय कई इंडस्ट्री के साथ एमओयू को लेकर भी काम कर रहा है। - प्रो. सोनिया, निदेशक, सेंटर फॉर इनोवेशन, एमडीयू।



एमएसएमई के लिए सुविधा प्रदाता व उद्योग संघों के समाधान की योजना है। इसमें निर्यात अभियान है। इसे गिफ्ट का नाम दिया है। यह मूलरूप से वैश्विक खुफिया विपणन व सुविधा टीम है। इसमें हमारा प्रयास एमएसएमई को एक्सपोर्ट रेडी करने का है। -प्रशांत कुमार सक्सेना, प्रमुख व्यवसाय विकास एवं कौशल परियोजनाएं।








विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed