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साक्षी की मासिक डाइट में आता है 35 से 40 हजार रुपये का खर्च
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Fri, 19 Aug 2016 02:26 AM IST
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साक्षी मलिक
- फोटो : getty
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पहलवान साक्षी मलिक को कुश्ती के अलावा टीवी देखना बेहद पसंद है। उनके बेड रूम मेें खास तौर पर एलईडी टीवी लगा है। साक्षी को प्रेक्टिस के बाद आराम करने में कोई व्यवधान न हो, इसका भी खासा ध्यान रखा जाता है।
साक्षी की मां सुदेश ने बताया कि वे गांव मोखरा की तुलना में शहर में अधिक रहे।
इसलिए बेटी के पहलवान बनने में किसी ने कोई आपत्ति नहीं उठाई। वे स्वयं उसकी प्रेक्टिस के दौरान हर संभव मदद करती थी। जब सरकार बेटियों को आगे बढ़ा रही है तो माता-पिता और समाज को भी बेटियों को आगे निकलने में मदद करनी चाहिए। सुदेश ने बताया कि साक्षी सुबह नाश्ते में फल, बादाम, जूस, गाय का दूध लेती है। वह प्राय: लंच नहीं लेती और शाम को घर में बना साधारण खाना ही खा लेती है। उसे नानवेज, सोयाबीन, तोरी, कड़ी पकौड़ा भी काफी पसंद है। एक खिलाड़ी की मासिक डाइट में करीब 35 से 40 हजार रुपये का खर्च आता है। पिछले काफी समय से ओलंपिक की तैयारी में साक्षी की डाइट की गुणवत्ता को और बढ़ाया गया था।
बेटी से नहीं करती थी टोका-टाकी
सुदेश ने बताया कि जब बेटी प्रेक्टिस करके आती थी तो उसे आराम करने के दौरान कोई टोका टाकी नहीं करते थे। इसके अलावा जब फाइट होनी होती है उससे दो दिन पहले हम बेवजह बात भी नहीं करते। यहां जरूरी होता है कि पहलवान अपना वजन कम रखे।
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ओलंपिक 2020 में गोल्ड की उम्मीद
मां सुदेश ने कहा कि अब उन्हें ओलंपिक 2020 में बेटी के गोल्ड मेडल की उम्मीद है। सरकार की तरफ से बहुत सहयोग मिला है। परिवार की स्थिति सही होने से भी साक्षी को कभी किसी चीज की समस्या नहीं हुई।
मेरे लिए लकी है साक्षी
सुदेश ने बताया कि साक्षी के पैदा होते ही स्वास्थ्य विभाग में मुझे सुपरवाइजर की नौकरी मिली। इसके बाद बेटी ने हर कदम पर कामयाबी हासिल की है। लोगों को अपनी बेटियों को बेटों की तरह आगे बढ़ाने चाहिए, इससे वे भी कामयाब होंगी।
साक्षी की मां सुदेश ने बताया कि वे गांव मोखरा की तुलना में शहर में अधिक रहे।
इसलिए बेटी के पहलवान बनने में किसी ने कोई आपत्ति नहीं उठाई। वे स्वयं उसकी प्रेक्टिस के दौरान हर संभव मदद करती थी। जब सरकार बेटियों को आगे बढ़ा रही है तो माता-पिता और समाज को भी बेटियों को आगे निकलने में मदद करनी चाहिए। सुदेश ने बताया कि साक्षी सुबह नाश्ते में फल, बादाम, जूस, गाय का दूध लेती है। वह प्राय: लंच नहीं लेती और शाम को घर में बना साधारण खाना ही खा लेती है। उसे नानवेज, सोयाबीन, तोरी, कड़ी पकौड़ा भी काफी पसंद है। एक खिलाड़ी की मासिक डाइट में करीब 35 से 40 हजार रुपये का खर्च आता है। पिछले काफी समय से ओलंपिक की तैयारी में साक्षी की डाइट की गुणवत्ता को और बढ़ाया गया था।
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बेटी से नहीं करती थी टोका-टाकी
सुदेश ने बताया कि जब बेटी प्रेक्टिस करके आती थी तो उसे आराम करने के दौरान कोई टोका टाकी नहीं करते थे। इसके अलावा जब फाइट होनी होती है उससे दो दिन पहले हम बेवजह बात भी नहीं करते। यहां जरूरी होता है कि पहलवान अपना वजन कम रखे।
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ओलंपिक 2020 में गोल्ड की उम्मीद
मां सुदेश ने कहा कि अब उन्हें ओलंपिक 2020 में बेटी के गोल्ड मेडल की उम्मीद है। सरकार की तरफ से बहुत सहयोग मिला है। परिवार की स्थिति सही होने से भी साक्षी को कभी किसी चीज की समस्या नहीं हुई।
मेरे लिए लकी है साक्षी
सुदेश ने बताया कि साक्षी के पैदा होते ही स्वास्थ्य विभाग में मुझे सुपरवाइजर की नौकरी मिली। इसके बाद बेटी ने हर कदम पर कामयाबी हासिल की है। लोगों को अपनी बेटियों को बेटों की तरह आगे बढ़ाने चाहिए, इससे वे भी कामयाब होंगी।