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मोहिनी एकादशी व्रत आज सुबह 11:22 बजे से अगले दिन दोपहर 1:50 तक

Sat, 18 May 2024 12:23 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 18 May 2024 12:23 AM IST
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Mohini Ekadashi fast from 11:22 am today till 1:50 pm the next day.
रोहतक। वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी रविवार के दिन मनाई जाएगी। इस एकादशी को मोहिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस एकादशी का व्रत और एकादशी कथा का विशेष महत्व होता है। मोहिनी एकादशी व्रत करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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एकादशी व्रत करने से दूर होते हैं पाप और दुख

मोहिनी एकादशी व्रत रखने से भगवान विष्णु अति प्रसन्न होते हैं। यह हिंदू धर्म में एक पूजनीय दिन माना जाता है। पंडित सुनील शास्त्री सामड़ ने बताया कि एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति के सभी पाप और दुख दूर हो जाते हैं। मोह और माया के बंधन से मुक्त हो जाता है।
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मोहिनी भगवान विष्णु का एकमात्र स्त्री अवतार

मोहिनी भगवान विष्णु का एकमात्र स्त्री अवतार है। इसमें उन्हें ऐसी स्त्री के रूप में दिखाया गया है, जो सभी को मोहित कर ले। उसके मोह में वशीभूत होकर कोई भी सब कुछ भूल जाता है। इस अवतार का उल्लेख महाभारत में भी आता है।
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एकादशी उपवास में यह कार्य नहीं करना चाहिए
इस दिन झूठ नहीं बोलना चाहिए। मांस और मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। साथ ही प्याज और लहसुन का सेवन नहीं करना चाहिए। मोहिनी एकादशी के दिन गंदे कपड़े व बिना धुले कपड़े नहीं पहनने चाहिए।

एकादशी के दिन क्या खाना है और क्या नहीं खाना चाहिए
एकादशी के दिन व्रती को गोभी, पालक, गाजर, शलगम आदि का सेवन नहीं करना चाहिए। एकादशी के दिन विष्णु की पूजा में मीठा पान का भोग लगाना चाहिए, लेकिन इस दिन पान का सेवन नहीं करना चाहिए। फलों में केला, आम, अंगूर, बादाम व पिस्ता आदि अमृत फलों का सेवन करना चाहिए।


भगवान विष्णु की पूजा से मिलती है शाश्वत शक्ति
भगवान विष्णु की आराधना करने से सुख-समृद्धि बढ़ती है। भगवान विष्णु के मोहिनी रूप की पूजा करने से शाश्वत शक्ति प्राप्त होती है। साथ ही भगवान विष्णु को चंदन और जौ चढ़ाने चाहिए। यह व्रत परम सात्विक और आचरण की शुद्धि का होता है।




शुभ मुहूर्तसुबह 11:22 बजे से अगले दिन दोपहर 1:50 तक
-एकादशी का आरंभ 18 मई सुबह 11:22 बजे।
- एकादशी का समापन 19 मई दोपहर 1:50 बजे।
- एकादशी का पारण 20 मई सुबह 5:28 से सुबह 8:12 बजे तक।
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