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Haryana: पूर्व CM ने सरकार पर बोला हमला, कहा- केंद्र सरकार एजेंसियों का कर रही दुरुपयोग

Sun, 21 Aug 2022 03:40 AM IST
रोहतक ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा) Published by: रोहतक ब्यूरो Updated Sun, 21 Aug 2022 03:40 AM IST
सार

इनकी विश्वसनीयता नहीं रहने से प्रजातंत्र कमजोर हो जाएगा। भाजपा-जजपा सरकार प्रदेश के शिक्षा तंत्र और बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेल रही है।

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Misusing Central Government Agencies: Bhupendra Hooda
पत्रकारों से वार्ता करते पूर्व मुख्य मंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा साथ में विधायक बीबी बतरा। अमर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्र सरकार एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। एजेंसियों को राजनीतिक हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए। इससे एजेंसी की विश्वसनीयता खत्म होती है। इनकी विश्वसनीयता नहीं रहने से प्रजातंत्र कमजोर हो जाएगा। भाजपा-जजपा सरकार प्रदेश के शिक्षा तंत्र और बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेल रही है। रेशनलाइजेशन और चिराग योजना के जरिए सरकार समस्त शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करना चाहती है। यह कहना है पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा का। वे शनिवार को डी-पार्क स्थित निवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

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उन्होंने कहा कि टीचर्स की नई ट्रांसफर पॉलिसी के चलते प्रदेश के अनेक स्कूलों में स्टाफ की भारी किल्लत हो गई है। खाली पदों को भरने की बजाय सरकार उन पदों और स्कूलों से उनके विषयों को ही खत्म कर रही है। इस तरह सरकार अब तक करीब 20,000 टीचर्स के पदों को खत्म कर चुकी है। जबकि सच्चाई यह है कि स्कूलों में लगभग 38,000 टीचर्स के पद खाली पड़े हैं। हजारों युवा भर्ती का इंतजार कर रहे हैं।
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यह सरकार बिना भर्ती के ही खाली पदों को खत्म करती जा रही है। आरटीआई का हवाला देते हुए उन्होंने कांग्रेस कार्यकाल और मौजूदा सरकार के कामों की तुलना की। उन्होंने कहा कि नवंबर 2014 से अप्रैल 2022 तक इस सरकार ने प्रदेश में सिर्फ 8 नए स्कूल खोले हैं। सिर्फ 463 स्कूलों को अपग्रेड किया है। जबकि सरकार अब तक कुल 196 स्कूल बंद कर चुकी है। हाल में तीन दिन पहले ही सरकार ने 105 और स्कूलों को बंद कर दिया। कांग्रेस ने हरियाणा को शिक्षा का हब बनाया था।
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उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकाल में प्रदेश में आईआईएम, आईआईआईटी, एफडीडीआई, एनआईएफटी, एनआईएफडी, एनआईडी, एम्स, पांच मेडिकल कॉलेज, केंद्रीय विश्वविद्यालय, डिफेंस यूनिवर्सिटी जैसे अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के संस्थान व कैंपस स्थापित हुए। साथ ही करीब साढ़े पांच हजार स्कूल खोले गए और 1313 स्कूलों को अपग्रेड किया गया।

प्रदेश में दर्जनों मॉडल स्कूल, आरोही मॉडल स्कूल, किसान मॉडल स्कूल खोले गए। कांग्रेस सरकार के दौरान सिर्फ शिक्षा के क्षेत्र में एक लाख से ज्यादा नौकरियां दी गई। इतनी बड़ी तादाद में शिक्षण संस्थानों की स्थापना से लाखों अन्य रोजगार सृजित हुए। मौजूदा सरकार नौकरी देने की बजाय छीनने का काम कर रही है। पिछले आठ साल के दौरान इस सरकार में एक भी जेबीटी की भर्ती नहीं निकाली गई।

सरकार की कुनीतियों के चलते प्रदेश में शिक्षा का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। एनआईआरएफ रैंकिंग का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश की यूनिवर्सिटी लगातार पिछड़ती जा रही हैं। केयूके और जीजेयू यूनिवर्सिटीज टॉप 100 में भी जगह नहीं बना पाई हैं। एमडीयू की रैंकिंग भी गिरकर 94 पर पहुंच गया है। जबकि 2016-17 तक ये यूनिवर्सिटी टॉप 30-50 में जगह बनाती थीं।

भाजपा-जजपा सरकार के सिर से पैर तक भ्रष्टाचार में डूबे होने का आरोप लगाते हुए पूर्व सीएम ने कहा कि खुद सरकार के मंत्री भ्रष्टाचार की बात कबूल कर रहे हैं। इस सरकार में शराब, रजिस्ट्री, भर्ती, पेपर लीक, धान खरीद, बिजली मीटर, खनन समेत अनगिनत घोटाले हो चुके हैं। सरकार जांच के नाम पर सिर्फ एसआईटी का ऐलान कर देती है।

न उसकी कोई रिपोर्ट सामने आती और न ही किसी पर कार्रवाई की जाती है। कांग्रेस में गुटबाजी से इनकार करते हुए उन्होंने आदमपुर उपचुनाव में जीत का दावा किया। साथ ही अगला विपक्ष आपके द्वार कार्यक्रम 11 सितंबर को यमुनानगर में किए जाने की बात कही।
प्रॉपर्टी आईडी को दुरुस्त करने के लिए 5000 रुपये फीस वसूली के सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार ने जनता को लूटने और परेशान करने के लिए प्रॉपर्टी आईडी के झमेले शुरू किए हैं। कांग्रेस सरकार आने पर इसे खत्म किया जाएगा। लघु सचिवालय और न्यायिक परिसर को शिफ्ट करने पर सरकार ने यू टर्न ले लिया है।


विधानसभा में विधायक बीबी बतरा के पूछे गए सवाल के जवाब में खुद मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायिक परिसर और लघु सचिवालय को शिफ्ट करने की कोई योजना नहीं है। पूर्व सीएम ने कहा कि किसी भी कीमत पर इन परिसरों को यहां से बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। इस मौके पर पार्टी के अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

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