{"_id":"60ff20fb8ebc3e57f55be71b","slug":"missing-law-student-s-body-found-in-jln-rohtak-news-rtk61905194","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेएलएन में मिला लापता लॉ के छात्र का शव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जेएलएन में मिला लापता लॉ के छात्र का शव
विज्ञापन
शहर के अर्जुन नगर के युवक अभिषेक का शव झज्जर में जेएलएन कैनाल में मिला है। वह तीन दिन से लापता था। मामले में झज्जर पुलिस कार्रवाई कर रही है। पुलिस के मुताबिक 2011 में उसकी मां वीना का निधन होने के बाद से अभिषेक अपने मामा के पास झज्जर में रह रहा था। 23 जुलाई को वह घर से घूमने के लिए कहकर गया था। उसके बाद से नहीं लौटा। उसकी परिजनों ने तलाश शुरू की। रविवार को अभिषेक का शव मातनहेल गांव के पास जवाहरलाल नेहरू कैनाल में मिला था। पुलिस ने इसकी सूचना अन्य थानों को दी। इसके बाद शव की पहचान अभिषेक परूथी के रूप में हुई।
पिता को नहीं मिला शव, पुलिस ने मामा को सौंपा
सोमवार को अभिषेक के पिता बेटे का शव लेने झज्जर पहुंचे, लेकिन अभिषेक के मामा व उसकी बहन सोनिया ने शव उसके पिता को सौंपने से इनकार कर दिया। शव लेने के लिए अभिषेक के पिता ने काफी प्रयास किए, लेकिन पुलिस ने शव उसके मामा को ही सौंपा।
लॉ तृतीय वर्ष का था छात्र
एमडीयू में लॉ की पढ़ाई करने वाला तृतीय वर्ष के छात्र अभिषेक 23 जुलाई को घर से गया था। बताया जा रहा है कि वह मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। रविवार को कैनाल में शव मिलने के बाद उसके मामा व अन्य परिजनों ने पहुंचकर अभिषेक की पहचान की थी।
विज्ञापन
पिछले 10 साल से अभिषेक और उसकी बहन सोनिया अपने मामा के उसके पास रह रहे थे। इसलिए अभिषेक का शव उसके मामा और बहन को सौंपा गया है।
- रामकरण, पुलिस थाना प्रभारी, साल्हावास
विज्ञापन
पिता को नहीं मिला शव, पुलिस ने मामा को सौंपा
सोमवार को अभिषेक के पिता बेटे का शव लेने झज्जर पहुंचे, लेकिन अभिषेक के मामा व उसकी बहन सोनिया ने शव उसके पिता को सौंपने से इनकार कर दिया। शव लेने के लिए अभिषेक के पिता ने काफी प्रयास किए, लेकिन पुलिस ने शव उसके मामा को ही सौंपा।
विज्ञापन
लॉ तृतीय वर्ष का था छात्र
एमडीयू में लॉ की पढ़ाई करने वाला तृतीय वर्ष के छात्र अभिषेक 23 जुलाई को घर से गया था। बताया जा रहा है कि वह मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। रविवार को कैनाल में शव मिलने के बाद उसके मामा व अन्य परिजनों ने पहुंचकर अभिषेक की पहचान की थी।
विज्ञापन
पिछले 10 साल से अभिषेक और उसकी बहन सोनिया अपने मामा के उसके पास रह रहे थे। इसलिए अभिषेक का शव उसके मामा और बहन को सौंपा गया है।
- रामकरण, पुलिस थाना प्रभारी, साल्हावास