{"_id":"e35b08e454a6b03bb4c1e73040a961d1","slug":"milkha-singh-record-broker-dharmvir-help-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिल्खा का रिकॉर्ड तोड़ने वाले धर्मबीर की मदद को उमड़ पड़े लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिल्खा का रिकॉर्ड तोड़ने वाले धर्मबीर की मदद को उमड़ पड़े लोग
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Wed, 07 Oct 2015 01:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह का रिकॉर्ड तोड़ने वाले धावक धर्मबीर सिंह की आर्थिक तंगी अब रियो ओलंपिक की राह नहीं रोक सकती।
अमर उजाला की मुहिम पर धर्मबीर की आर्थिक मदद करने के लिए लोग आगे आए हैं। दरअसल अजायब गांव के धावक के सामने रियो ओलंपिक की ट्रेनिंग में गरीबी सबसे बड़ी परेशानी बनी है और इस दर्द को अमर उजाला ने सबके सामने रखा।
धर्मबीर की मदद को आगे आए लोग अब यही दुआ मांग रहे कि धर्मबीर को इस बार ओलंपिक की टिकट जरूर मिले।
धर्मबीर सिंह ने इस साल चाइना में हुई एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 200 मीटर दौड़ 20.6 सेकेंड में पूरा करते हुए मिल्खा सिंह के ओलंपिक रिकॉर्ड को तोड़ा था। मिल्खा सिंह ने इस दौड़ को 20.8 सेकेंड में पूरी की थी। उसके पिता किसान है और खेती से केवल परिवार का गुजारा हो पाता है।
जबकि धर्मबीर सिंह रियो ओलंपिक के टिकट का बड़ा दावेदार है, लेकिन ट्रेनिंग के लिए आर्थिक परेशानी आड़े आ रही है। इस गरीबी के कारण ही धर्मबीर के कदम चार साल पहले पीछे हट गये थे और उसके हाथों से ओलंपिक का टिकट छूट गया था।
विज्ञापन
हालांकि धर्मबीर का दर्द सामने आने पर उसकी मदद के लिए भाजपा नेता बलराज कुंडू अठगामा ने 1 लाख 51 हजार, सीलक राम अजायब ने 51 हजार, सतबीर ने 51 हजार, समुन्द्र सिंह पूर्व सरपंच ने 21 हजार, रामदिया राठी निन्डाना ने 21 हजार, धर्मेन्द्र सिंह ने 21 हजार, धर्मवीर सिंह ने 11 हजार रुपये दिए।
विज्ञापन
अमर उजाला की मुहिम पर धर्मबीर की आर्थिक मदद करने के लिए लोग आगे आए हैं। दरअसल अजायब गांव के धावक के सामने रियो ओलंपिक की ट्रेनिंग में गरीबी सबसे बड़ी परेशानी बनी है और इस दर्द को अमर उजाला ने सबके सामने रखा।
धर्मबीर की मदद को आगे आए लोग अब यही दुआ मांग रहे कि धर्मबीर को इस बार ओलंपिक की टिकट जरूर मिले।
धर्मबीर सिंह ने इस साल चाइना में हुई एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 200 मीटर दौड़ 20.6 सेकेंड में पूरा करते हुए मिल्खा सिंह के ओलंपिक रिकॉर्ड को तोड़ा था। मिल्खा सिंह ने इस दौड़ को 20.8 सेकेंड में पूरी की थी। उसके पिता किसान है और खेती से केवल परिवार का गुजारा हो पाता है।
विज्ञापन
जबकि धर्मबीर सिंह रियो ओलंपिक के टिकट का बड़ा दावेदार है, लेकिन ट्रेनिंग के लिए आर्थिक परेशानी आड़े आ रही है। इस गरीबी के कारण ही धर्मबीर के कदम चार साल पहले पीछे हट गये थे और उसके हाथों से ओलंपिक का टिकट छूट गया था।
विज्ञापन
हालांकि धर्मबीर का दर्द सामने आने पर उसकी मदद के लिए भाजपा नेता बलराज कुंडू अठगामा ने 1 लाख 51 हजार, सीलक राम अजायब ने 51 हजार, सतबीर ने 51 हजार, समुन्द्र सिंह पूर्व सरपंच ने 21 हजार, रामदिया राठी निन्डाना ने 21 हजार, धर्मेन्द्र सिंह ने 21 हजार, धर्मवीर सिंह ने 11 हजार रुपये दिए।