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बहन को मैसेज किया तो कर दी हत्या
रोहतक
Updated Tue, 13 May 2014 02:34 AM IST
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सुनारिया निवासी वैश्य कॉलेज के छात्र दीपक हत्याकांड की गुत्थी सुलझ गई है। दीपक को इसलिए मौत के घाट उतार दिया गया कि उसने गांव की एक लड़की के मोबाइल फोन पर मैसेज किया था। लड़की के भाई को यह बात नागवार गुजरी और उसने बदला लेने के लिए रविवार शाम को खेत से गांव की ओर लौट रहे दीपक की चाकू घोंपकर हत्या कर दी।
शहर से भागने की फिराक में रेलवे रोड पहुंचे तीन हत्यारोपियों को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। वैश्य कॉलेज में बीए सेकंड ईयर के छात्र सुनारिया खुर्द निवासी दीपक ने डेढ़ महीने पहले गांव के ही युवक सुमित की बहन को मोबाइल फोन पर मैसेज किया।
इसका पता सुमित को चला तो उसने दीपक को समझाया, लेकिन दीपक ने गलती नहीं मानी। दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। रविवार शाम को सुमित अपने साथी जगदीप और अजय के साथ नहर पर नहाने के लिए गया। इसी दौरान दीपक खेत से वापस घर आ रहा था।
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उसी बात को लेकर सुमित की दीपक के साथ फिर से कहासुनी हो गई। झगड़ा इतना बढ़ा कि दोनों के बीच हाथापाई हो गई। जगदीप व अजय भी सुमित के पक्ष में आ गए। जगदीप व अजय ने वहां पड़ी दीपक की कस्सी से दीपक के सिर पर वार कर दिए। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
इसके बाद सुमित ने चाकू से दीपक के सीने, बगल व छाती पर कई वार किए। दीपक की मौके पर ही मौत हो गई। दीपक अपने मां-बाप की इकलौती संतान था। दीपक के पिता रामपाल पीजीआई में बियरर हैं और मां गृहिणी। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया।
हत्या की गुत्थी को सुलझाने में मृतक के मोबाइल ने अहम भूमिका निभाई। शिवाजी कॉलोनी थाना पुलिस ने दीपक के मोबाइल की कॉल व एसएमएस डिटेल निकलवाई तो सामने आया कि करीब डेढ़ माह पहले उसने सुमित की बहन को एसएमएस किया था। उसके बाद पुलिस ने इसी एंगल से जांच की और 10 घंटे बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो गया। पीजीआई के शव गृह में दीपक के पोस्टमार्टम से पहले हंगामा हो गया।
एफएसएल टीम की इंचार्ज सरोज दहिया शव की जांच के लिए वहां पहुंच गई। लेकिन वहां पर चिकित्सकों ने उनको जांच करने देने से मना कर दिया। बताया जा रहा है कि जब पुलिस ने हस्तक्षेप किया तो चिकित्सक ने दुर्व्यवहार किय और शव को बाहर निकालने की धमकी दे डाली। इस पर शव के साथ आए लोग भड़क गए। लोगों को गुस्सा होते देख चिकित्सकों का पारा कम हुआ और उन्होंने एफएसएल टीम की इंचार्ज को शव की जांच करने दी।
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शहर से भागने की फिराक में रेलवे रोड पहुंचे तीन हत्यारोपियों को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। वैश्य कॉलेज में बीए सेकंड ईयर के छात्र सुनारिया खुर्द निवासी दीपक ने डेढ़ महीने पहले गांव के ही युवक सुमित की बहन को मोबाइल फोन पर मैसेज किया।
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इसका पता सुमित को चला तो उसने दीपक को समझाया, लेकिन दीपक ने गलती नहीं मानी। दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। रविवार शाम को सुमित अपने साथी जगदीप और अजय के साथ नहर पर नहाने के लिए गया। इसी दौरान दीपक खेत से वापस घर आ रहा था।
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उसी बात को लेकर सुमित की दीपक के साथ फिर से कहासुनी हो गई। झगड़ा इतना बढ़ा कि दोनों के बीच हाथापाई हो गई। जगदीप व अजय भी सुमित के पक्ष में आ गए। जगदीप व अजय ने वहां पड़ी दीपक की कस्सी से दीपक के सिर पर वार कर दिए। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
इसके बाद सुमित ने चाकू से दीपक के सीने, बगल व छाती पर कई वार किए। दीपक की मौके पर ही मौत हो गई। दीपक अपने मां-बाप की इकलौती संतान था। दीपक के पिता रामपाल पीजीआई में बियरर हैं और मां गृहिणी। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया।
हत्या की गुत्थी को सुलझाने में मृतक के मोबाइल ने अहम भूमिका निभाई। शिवाजी कॉलोनी थाना पुलिस ने दीपक के मोबाइल की कॉल व एसएमएस डिटेल निकलवाई तो सामने आया कि करीब डेढ़ माह पहले उसने सुमित की बहन को एसएमएस किया था। उसके बाद पुलिस ने इसी एंगल से जांच की और 10 घंटे बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो गया। पीजीआई के शव गृह में दीपक के पोस्टमार्टम से पहले हंगामा हो गया।
एफएसएल टीम की इंचार्ज सरोज दहिया शव की जांच के लिए वहां पहुंच गई। लेकिन वहां पर चिकित्सकों ने उनको जांच करने देने से मना कर दिया। बताया जा रहा है कि जब पुलिस ने हस्तक्षेप किया तो चिकित्सक ने दुर्व्यवहार किय और शव को बाहर निकालने की धमकी दे डाली। इस पर शव के साथ आए लोग भड़क गए। लोगों को गुस्सा होते देख चिकित्सकों का पारा कम हुआ और उन्होंने एफएसएल टीम की इंचार्ज को शव की जांच करने दी।