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मेरी आवाज ही पहचान है: हंसता हुआ नूरानी चेहरा, काली जुल्फें रंग सुनहरा... अमर उजाला के कार्यक्रम में छाया सुरों का जादू
Sat, 14 May 2022 03:39 AM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sat, 14 May 2022 03:39 AM IST
सार
अमर उजाला व एलपीएस बोसार्ड की ओर से आयोजित कार्यक्रम मेरी आवाज ही पहचान है में सुरों का जादू छाया रहा। श्रीराम रंगशाला में शाम को हुए कार्यक्रम में गायक कलाकारों ने प्रस्तुतियों से श्रोताओं का मन मोहा।
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अमर उजाला के कार्यक्रम में छाया सुरों का जादू।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हंसता हुआ नूरानी चेहरा, काली जुल्फें रंग सुनहरा...सरीखे गीतों पर शुक्रवार शाम शहरवासी झूम उठे। कार्यक्रम मेरी आवाज ही पहचान है, में गायकों के सुरों का जादू श्रोताओं के सिर इस कदर चढ़ा कि वे खुद को थिरकने से नहीं रोक पाए। अमर उजाला व एलपीएस बोसार्ड की ओर से लता मंगेश्कर की स्मृति में सरगम म्यूजिकल ग्रुप के सहयोग से हरियाणा के रोहतक में श्रीराम रंगशाला में संगीत संध्या का आयोजन किया गया।
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यहां सुपवा के कुलपति गजेंद्र चौहान व एलपीएस बोसार्ड के एमडी राजेश जैन मुख्य अतिथि रहे। सीनियर डिप्टी मेयर राजकमल सहगल, भजन गायक कुमार विशु भटनागर, एसीपी प्रदीप खत्री, हरियाणा हित व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष अनिल भाटिया, पठानिया पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर अंशुल पठानिया, दा आर्यन ग्लोबल स्कूल के प्राचार्य आरके खन्ना विशेष रूप से उपस्थित रहे।
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शुक्रवार शाम को कुमार विशु ने मेरी आवाज ही पहचान है... की प्रस्तुति दी। बाद में अपना प्रसिद्ध भजन कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं, बाद मरने के अमृत पिलाने का क्या फायदा... सुनाया। इन पर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। चांदनी ने बेदर्दी बालमा तुझको मेरा मन याद करता है, विनय सैनी ने ए फूलों की रानी बहारों की मलिका तेरा मुस्कुराना गजब ढा गया, कैलाश वर्मा ने ये मेरा प्रेम पत्र पढ़ कर तुम नाराज न होना की प्रस्तुति दी।
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नाजिमा ने बिंदिया चमकेगी चूड़ी खनकेगी, विकास ने गुलाबी आंखें जो तेरी देखी गीत सुनाया। अंजलि ने मैं तेरे इश्क में मर न जाऊं कहीं, मधुर चौपड़ा ने लाखों हैं निगाह में, जिंदगी की राह में, सौरभ वर्मा ने बदन पे सितारे लपेटे हुए ओ जाने तमन्ना किधर जा रही हो, दीक्षा ने एक प्यार का नगमा है मोजों की रवानी है, पवन ने लिखे जो खत तुझे, अमित ने मैं जट यमला पगला दीवाना गीत प्रस्तुत किया। अंत में सभी कलाकारों ने रमैया वस्ता वैया, रमैया वस्ता वैया मैने दिल तुझको दिया, गीत सुनाकर कार्यक्रम का समापन किया। मंच संचालन सरगम थियेटर ग्रुप अध्यक्ष डॉ. आनंद शर्मा व भूमिका शर्मा ने किया।
होटल इंटर अर्बन संचालक रवि पराशर ने आतिथ्य सत्कार किया। कार्यक्रम में एलपीएस बोसार्ड के एमडी राजेश जैन मुख्य आयोजक रहे। इसके अलावा जेड ग्लोब स्कूल के संचालक डॉ. चंद्र गर्ग, हृदय निलायव के संस्थापक डॉ. विकास सरोहा, पठानिया पब्लिक स्कूल के निदेशक अंशुल पठानिया, आईएफबी प्वाइंट के संचालक अनिल भाटिया, दा आर्यन ग्लोबल के प्रबंधक सुरेश सिंगला का सहयोग रहा।
इनका रहा विशेष योगदान
सेक्सोफोन मास्टर कुकु, गिटार तिलकराज शर्मा, कीबोर्ड विनय कालिया व गुरविंदर लवली, ड्रम विनोद शर्मा, ऑक्टो पैड मदन, कांगो प्रकाश नायक, तबला प्रवीण राठी, ढोलक अनिल मस्ताना, टीम लीडर सुरेश नायक रहे।
कला मंच व कलाकारों के बीच आकर लगता है अपने घर आ गया हूं। फिल्म इंडस्ट्री से चार दशक से जुड़ा हूं। मेरे जीवन में अमर उजाला ने अहम योगदान दिया है। इसके लिए आभारी हूं। मुंबई कला का सागर है। लता मंगेश्कर मां का रूप है। उन्होंने सभी को अपनाया है। मुंबई भी कुछ इसी तरह है। यह सब कलाकारों को अपने समेट लेती है। अपनी पहचान के लिए मैं भी मुंबई में पहचान के लिए भटका हूं। अब तक 1200 नाटक, 500 सीरियल कर चुका हूं। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन भाग्य से मिलता है। कलाकार जीवन सौभाग्य से मिलता है। इस पर गर्व है। हरियाणा कला का भंडार है। उन्होंने कहा कि महाभारत हरियाणा में हुई। सारी दुनिया इसे जानती है। इस एतिहासिक स्थल को यादगार बनाने की जरूरत है। इसके लिए कुरुक्षेत्र में ऐसा कोई स्मारक बनाया जाए, जिसे सदियों तक याद रखा जाए। सरकार ने मुझे सुपवा की जिम्मेदारी दी है। मेरा प्रयास रहेगा, जिस तरह खेल जगत में हरियाणा का नाम है। इसी तरह हरियाणा के कलाकारों को भी पहचान दिलाना है। - गजेंद्र चौहान, कुलपति, सुपवा।
महिला सुरक्षा जरूरी है। खुद महिला होने के नाते महिलाओं की यह समस्या समझती हूं। देश ने मुझे स्ट्रोंग लेडी का नाम दिया है। यह मेरे लिए सम्मानजनक है। मेर प्रयास बेटियों को सबल बनाने का है। इसके लिए मिशन रानी लक्ष्मीबाई शुरु करूंगी। इसकी तैयारी जोरों पर है। इसके तहत बेटियों को सशक्त बनने के लिए प्रेरित करने के साथ उन्हें आत्मरक्षा के गुर सिखाऊंगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के साथ हमें समाज में दूषित मानसिकता वाले लोगों की मानसिकता बदलनी होगी। इसी से समस्या समाप्त होगी। यह शुरुआत हमें अपने घर से करनी होगी। -कविता दलाल, महिला रेसलर
बनना चाहता था प्लेबैक सिंगर
शुरु से ही ईश्वर भक्ति में मन रमता था। जीवन में प्ले बैक सिंग बनना चाहता था। पहली बार रामायण की चौपाई गाने का मौका मिला। यह मेरा पहला एलबम था। इसने खूब नाम कमाया। इसके बाद एक बड़ी कंपनी से आठ साल का अनुबंध किया। इस दौरान अनेक भजन गाए। इनसे पहचान मिली। सोशल मीडिया पर साढ़े चार लाख से भी अधिक फॉलोअर हैं। सिलवर बटन भी मिला है। भजन गायन में युवाओं के लिए असीम संभावनाएं हैं। अच्छे भजन गाने वाले कम हैं। गायक भजनों को प्रयोगशाला न बनाएं। भजन में भक्ति भाव, श्रद्धा व सुरीलापन बना रहे। आंनद, अर्थ व जीवन बदलने का सामर्थ्य अच्छे भजन के गुण हैं। चंद रुपये के लिए कलाकार कुछ भी न परोसें। गायक की जिम्मेदारी है कि वह क्या और कैसा गाए। भजनों में किसी तरह का फूहडपन न हो। एमडीयू से वर्ष 1986 में संगीत से स्नातक की पढ़ाई की। इस दौरान वर्ष 1985 में राष्ट्रीय युवा महोत्सव में गजल में गोल्ड मेडल पाया। अब तक यह रिकार्ड कोई नहीं तोड़ पाया है। यह गौरांवित करता है। - कुमार विशु, भजन गायक
अमर उजाला की 75वीं वर्षगांठ की बधाई दी। संस्थान लगातार जन सरोकार, जागरूकता व शिक्षा की अलख जगाने का कार्य करता है। इस तरह के पुनीत कार्य में लोगों को आगे बढ़ कर आहुति देनी चाहिए। -राजेश जैन, एमडी, एलपीएस बोसार्ड।