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Rohtak News: शोधार्थी से यौन उत्पीड़न पर एमडीयू का असिस्टेंट प्रोफेसर बर्खास्त

Tue, 01 Jul 2025 02:43 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक Updated Tue, 01 Jul 2025 02:43 AM IST
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MDU's assistant professor dismissed for sexually harassing a research scholar
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) ने शोधार्थी से इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज एंड रिसर्च (इमसॉर) में असिस्टेंट प्रोफेसर डाॅ. अशोक कुमार को शोधार्थी से यौन उत्पीड़न के मामले में बर्खास्त कर दिया है। सोमवार को कार्यकारी परिषद ने यह सख्त फैसला लिया। आरोपी के संस्थान में प्रवेश पर 30 जनवरी-25 से ही पाबंदी थी।
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शहर की शिवाजी कॉलोनी में रहने वाले इमसॉर के फाइनेंस, अकाउंट एंड आईटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार के खिलाफ उन्हीं की एक शोध छात्रा ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। अक्तूबर-24 को शिकायत करने के बाद छात्रा ने एमडीयू की आंतरिक जांच कमेटी के आगे भी आपबीती सुनाई थी। गुनाहों की रिकॉर्डिंग भी दी।
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अनैतिक संबंध के लिए बनाया दबाव
छात्रा ने कहा कि शिक्षक उससे अनैतिक संबंध बनाने के लिए दबाव डाल रहा था। कई बार अभद्रता की। गलत नीयत से देखा। यही नहीं, डॉ. अशोक पेपर जांचने व अन्य काम भी उनसे कराते थे। आंतरिक जांच कमेटी ने रिपोर्ट अधिकारियों को साैंपी। इसमें डॉ. अशोक के संस्थान में प्रवेश पर प्रतिबंध और उनसे अन्य शोधार्थी हटाने की सिफारिश की गई।
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विवि प्रशासन की कार्यकारी परिषद ने 30 जनवरी 2025 को बैठक कर कमेटी की सिफारिशों के मुताबिक डॉ. अशोक को संस्थान में प्रवेश से प्रतिबंधित कर दिया। उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया। सोमवार को यह कार्रवाई हुई। हालांकि, आरोप सिद्ध होने के बावजूद कार्रवाई में पांच महीने लगना भी कोई कम हैरान नहीं करता।
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एमडीयू से ही पढ़े...यहीं से बेआबरू होकर बर्खास्त
यौन उत्पीड़न के दोषी डॉ. अशोक कुमार एमडीयू से ही पढ़े-लिखे और यहीं से बेआबरू होकर बर्खास्त किए गए। उन्होंने एमडीयू से एमकॉम किया। इमसॉर से ही 1996-98 बैच में एमबीए की डिग्री ली। कुछ संस्थानों में पढ़ाने के बाद वर्ष 2014 में इमसॉर में ही फाइनेंस, अकाउंट एंड आईटी के असिस्टेंट प्रोफेसर चुने गए। कोई सोच नहीं सकता कि विभिन्न जर्नल में 28 शोध पत्र, चार किताबों का संपादन और एक किताब लिखने वाला कोई असिस्टेंट प्रोफेसर ऐसा कृत्य भी कर सकता है।


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विवि की कार्यकारी परिषद ने असिस्टेंट प्रोफेसर को नौकरी से बर्खास्त करने का फैसला लिया है। शोध छात्रा के यौन उत्पीड़न के मामले में यह सख्त कार्रवाई की गई है। ऐसे मामलों में विवि जीरो टॉलरेंस को प्राथमिकता देता है।
- प्रो. आशीष दहिया, जनसंपर्क निदेशक, एमडीयू।
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