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Rohtak News: कोदो मिलेट सलाद और बाजरा चूरमा में एमडीयू की टीम देश में अव्वल
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रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के इंस्टीट्यूट ऑफ होटल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट (आईएचटीएम) ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय जीत हासिल की है। एमडीयू की दो टीमों ने ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) की ओर से आयोजित (एएमआरयूटी) मिलेट रेसिपी अनलीशिंग टैलेंट ग्रैंड फिनाले में एक लाख रुपये के दो राष्ट्रीय पुरस्कार जीते हैं। प्रतियोगिता एआईसीटीई ऑडिटोरियम नई दिल्ली में आयोजित की गई थी। एमडीयू की टीम 94 ने कोदो मिलेट सलाद के लिए और टीम 205 ने बाजरा चूरमा के लिए प्रो. आशीष दहिया के नेतृत्व में पुरस्कार जीता।
यह प्रतियोगिता देशभर के छात्रों के लिए एक मंच था, जहां उन्होंने बाजरे से बने स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन पेश किए। एमडीयू की टीमों ने अपनी रचनात्मकता और पाक कौशल से सभी को प्रभावित किया। स्पर्धा में 1,298 टीमों ने भाग लिया, जिन्होंने तीन मुख्य श्रेणियों- स्टार्टर्स (नाश्ता और स्नैक्स), मेन कोर्स (दोपहर का भोजन और रात का खाना) और डेसर्ट और कन्फेक्शनरी में व्यंजनों का प्रदर्शन किया। प्रत्येक श्रेणी में बाजरे की संरचना के आधार पर तीन उप-श्रेणियां शामिल थीं।
एएमआरयूटी पहल का उद्देश्य बाजरे जैसे प्राचीन अनाज को फिर से लोकप्रिय बनाना है। बाजरा पोषक तत्वों से भरपूर होता है और कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है। एआईसीटीई ने इस प्रतियोगिता के माध्यम से युवाओं को बाजरे के बारे में जागरूक करने और उन्हें बाजरे से बने नए व्यंजन बनाने के लिए प्रेरित किया। एमडीयू के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि यह जीत विश्वविद्यालय के लिए गौरव का क्षण है। एमडीयू की टीम में प्रो. आशीष दहिया, प्रो. संदीप मलिक, डॉ. गौरव त्यागी, छात्र शेफ हिमानी (डेफ शेफ), अर्पित और नवनीत शामिल थे, जिन्हें साहिल सहारन और सांकेतिक भाषा दुभाषिया रणदीप का सहयोग मिला।
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अमृत ग्रैंड फिनाले के निर्णायक मंडल में शेफ गुंजन गोयला, प्रो. सीतिकांत मिश्रा, प्रो. संदीप कुलश्रेष्ठ, प्रो. संपद कुमार स्वैन और शेफ अंकिता लोढ़ा जैसे प्रसिद्ध पाककला और बाजरा विशेषज्ञ शामिल थे। पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि प्रो. टीजी सीताराम अध्यक्ष एआईसीटीई, विशिष्ट अतिथि शर्मिला जैन ओसवाल (जिन्हें भारत की बाजरा महिला के रूप में जाना जाता है) और प्रोफेसर राजीव कुमार उपस्थित थे। प्रो. दहिया ने एमडीयू के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह को उनके निरंतर प्रोत्साहन और प्रेरणा के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा प्रो. राजबीर सिंह के नेतृत्व में विश्वविद्यालय और संस्थान नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं।
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यह प्रतियोगिता देशभर के छात्रों के लिए एक मंच था, जहां उन्होंने बाजरे से बने स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन पेश किए। एमडीयू की टीमों ने अपनी रचनात्मकता और पाक कौशल से सभी को प्रभावित किया। स्पर्धा में 1,298 टीमों ने भाग लिया, जिन्होंने तीन मुख्य श्रेणियों- स्टार्टर्स (नाश्ता और स्नैक्स), मेन कोर्स (दोपहर का भोजन और रात का खाना) और डेसर्ट और कन्फेक्शनरी में व्यंजनों का प्रदर्शन किया। प्रत्येक श्रेणी में बाजरे की संरचना के आधार पर तीन उप-श्रेणियां शामिल थीं।
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एएमआरयूटी पहल का उद्देश्य बाजरे जैसे प्राचीन अनाज को फिर से लोकप्रिय बनाना है। बाजरा पोषक तत्वों से भरपूर होता है और कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है। एआईसीटीई ने इस प्रतियोगिता के माध्यम से युवाओं को बाजरे के बारे में जागरूक करने और उन्हें बाजरे से बने नए व्यंजन बनाने के लिए प्रेरित किया। एमडीयू के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि यह जीत विश्वविद्यालय के लिए गौरव का क्षण है। एमडीयू की टीम में प्रो. आशीष दहिया, प्रो. संदीप मलिक, डॉ. गौरव त्यागी, छात्र शेफ हिमानी (डेफ शेफ), अर्पित और नवनीत शामिल थे, जिन्हें साहिल सहारन और सांकेतिक भाषा दुभाषिया रणदीप का सहयोग मिला।
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अमृत ग्रैंड फिनाले के निर्णायक मंडल में शेफ गुंजन गोयला, प्रो. सीतिकांत मिश्रा, प्रो. संदीप कुलश्रेष्ठ, प्रो. संपद कुमार स्वैन और शेफ अंकिता लोढ़ा जैसे प्रसिद्ध पाककला और बाजरा विशेषज्ञ शामिल थे। पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि प्रो. टीजी सीताराम अध्यक्ष एआईसीटीई, विशिष्ट अतिथि शर्मिला जैन ओसवाल (जिन्हें भारत की बाजरा महिला के रूप में जाना जाता है) और प्रोफेसर राजीव कुमार उपस्थित थे। प्रो. दहिया ने एमडीयू के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह को उनके निरंतर प्रोत्साहन और प्रेरणा के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा प्रो. राजबीर सिंह के नेतृत्व में विश्वविद्यालय और संस्थान नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं।