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Haryana: रोहतक में एमडीयू अंत:वस्त्र केस की नए सिरे से होगी जांच, डीएसपी ने दी थी आरोपियों को क्लीनचिट
Sat, 06 Jun 2026 10:21 AM IST
Naveen
माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक (हरियाणा)
माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक (हरियाणा)
Published by: Naveen
Updated Sat, 06 Jun 2026 10:21 AM IST
सार
आरोप था कि सुपरवाइजर ने एक महिला कर्मचारी से इसकी जांच के निर्देश दिए थे। एक महिला कर्मचारी ने महिलाओं के अंत:वस्त्र भी जांचे थे। यहां तक आरोप है कि उनके पैड की फोटो भी ली गई थी। इससे कैंपस में हंगामा हो गया था। छात्र संगठनों ने इसको लेकर विरोध जताया और कार्रवाई की मांग की थी।
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एमडीयू रोहतक।
- फोटो : संवाद
विस्तार
एमडीयू के अंत:वस्त्र केस में आरोपियों को क्लीनचिट देने वाली डीएसपी की जांच रिपोर्ट ठंडे बस्ते में चली गई है। एएसपी ने नए सिरे से जांच की सिफारिश की है जिस पर पूरे मामले की दोबारा जांच होगी। इसके लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया जाएगा। एसपी गौरव राजपुरोहित ने यह निर्णय लिया है। जल्द आरोपी और पीड़ित पक्ष को जांच में शामिल किया जाएगा।
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राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष एमडीयू में 25 से 27 अक्तूबर 2025 तक दौरे पर आए थे। इसको देखते हुए कैंप में सफाई के लिए तीन महिला सफाईकर्मियों को काम करने के लिए कहा गया था। महिलाओं ने अपने मासिक धर्म का हवाला देते हुए राहत की मांग की थी।
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आरोप था कि सुपरवाइजर ने एक महिला कर्मचारी से इसकी जांच के निर्देश दिए थे। एक महिला कर्मचारी ने महिलाओं के अंत:वस्त्र भी जांचे थे। यहां तक आरोप है कि उनके पैड की फोटो भी ली गई थी। इससे कैंपस में हंगामा हो गया था। छात्र संगठनों ने इसको लेकर विरोध जताया और कार्रवाई की मांग की थी।
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मामला बढ़ा तो महिला आयोग से लेकर सफाई कर्मचारी आयोग तक ने संज्ञान लिया था। विपक्ष ने भी सरकार को घेरने का प्रयास किया था। पुलिस ने विवि के सहायक कुलसचिव श्याम सुंदर, एचकेआरएन के अनुबंधित कर्मचारी सेनेटरी सुपरवाइजर वितेंद्र व विनोद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
इसके बाद विवि ने वितेंद्र व विनोद को बर्खास्त और श्याम सुंदर को निलंबित कर दिया था। तत्कालीन एसपी ने तत्कालीन डीएसपी मुख्यालय रवि खुंडिया को जांच सौंपी थी। डीएसपी के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने इसी साल जनवरी में तीनों आरोपियों को अपनी जांच में क्लीनचिट दे दी थी।
विवि के सहायक सचिव श्यामसुंदर को बहाल कर दिया गया था। इसका पीड़ित पक्ष ने कड़ा विरोध जता नए सिरे से जांच की मांग की थी। एसपी गौरव राजपुरोहित ने एएसपी आयुष यादव से रिपोर्ट मांगी थी कि क्या पूरे मामले की दोबारा जांच की जानी चाहिए या नहीं।
अधिकारी के अनुसार
एमडीयू के अंत:वस्त्र केस को लेकर एएसपी की जांच रिपोर्ट आ गई है। तय किया है कि पूरे मामले की नए सिरे से धरातल से जांच की जाएगी। इसके लिए जल्द एसआईटी का गठन किया जाएगा। आरोपी व पीड़ित पक्ष के नए सिरे से बयान दर्ज होंगे। -गौरव राजपुरोहित, पुलिस अधीक्षक रोहतक।