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एमडीयू की उत्तर पुस्तिकाओं में फिर मिली गड़बड़ी, एसोसिएट प्रोफेसर डिबार
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sat, 05 Dec 2015 02:23 AM IST
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एमडीयू में उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर एक बार फिर से लापरवाही
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का मामला सामने आया है। इस बार प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते
हुए एजुकेशन डिपार्टमेंट के एसोसिएट प्रोफेसर जितेंद्र कुमार को दो साल के
लिए डिबार कर दिया है।
यूनिवर्सिटी अधिकारियों के मुताबिक, एजुकेशन डिपार्टमेंट के एसोसिएट प्रोफेसर जितेंद्र कुमार को सेशन 2015 पीएचडी (कोर्स वर्क) की उत्तर पुस्तिकाएं मूल्यांकन के लिए दी गई थीं।
उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में लापरवाही बरती गई और बताया जाता है कि एक उत्तर पुस्तिका बिना जांच के ही सबमिट कर दी गई। यह मामला प्रशासनिक अधिकारियों के संज्ञान में आ गया। वीसी सुधीर राजपाल ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए एसोसिएट प्रोफेसर को दो साल के लिए डिबार करने के आदेश जारी कर दिए।
यूनिवर्सिटी की तरफ से यह आदेश वेबसाइट पर भी डाल दिया गया है। इस अवधि के दौरान एसोसिएट प्रोफेसर जितेंद्र परीक्षाओं से संबंधित कोई भी कार्य नहीं करेंगे। गौरतलब है कि इन्हीं एसोसिएट प्रोफेसर पर कुछ माह पूर्व नाबालिग बच्ची से जबरन घर का कार्य कराने के आरोप लगे थे।
यह बोले छात्र संगठन
इनसो प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप देशवाल का कहना है कि यूनिवर्सिटी की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में लगातार लापरवाही बरती जा रही है। संगठन ने पहले भी ऐसे मुद्दे उठाए हैं।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई कर दूसरों के लिए सबक दिया है। हालांकि प्रशासन को इनके खिलाफ ओर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए थी।
यूनिवर्सिटी अधिकारियों के मुताबिक, एजुकेशन डिपार्टमेंट के एसोसिएट प्रोफेसर जितेंद्र कुमार को सेशन 2015 पीएचडी (कोर्स वर्क) की उत्तर पुस्तिकाएं मूल्यांकन के लिए दी गई थीं।
उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में लापरवाही बरती गई और बताया जाता है कि एक उत्तर पुस्तिका बिना जांच के ही सबमिट कर दी गई। यह मामला प्रशासनिक अधिकारियों के संज्ञान में आ गया। वीसी सुधीर राजपाल ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए एसोसिएट प्रोफेसर को दो साल के लिए डिबार करने के आदेश जारी कर दिए।
यूनिवर्सिटी की तरफ से यह आदेश वेबसाइट पर भी डाल दिया गया है। इस अवधि के दौरान एसोसिएट प्रोफेसर जितेंद्र परीक्षाओं से संबंधित कोई भी कार्य नहीं करेंगे। गौरतलब है कि इन्हीं एसोसिएट प्रोफेसर पर कुछ माह पूर्व नाबालिग बच्ची से जबरन घर का कार्य कराने के आरोप लगे थे।
यह बोले छात्र संगठन
इनसो प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप देशवाल का कहना है कि यूनिवर्सिटी की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में लगातार लापरवाही बरती जा रही है। संगठन ने पहले भी ऐसे मुद्दे उठाए हैं।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई कर दूसरों के लिए सबक दिया है। हालांकि प्रशासन को इनके खिलाफ ओर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए थी।