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Bond Policy: आज 12 बजे तक ओपीडी में काम नहीं करेंगे रेजिडेंट डॉक्टर, सुबह 10 बजे निदेशक से मिला मुलाकात का समय
Fri, 18 Nov 2022 10:34 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Fri, 18 Nov 2022 10:34 PM IST
सार
स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. अनीता सक्सेना से देर रात हुई बातचीत में मुलाकात का समय मिला। निदेशक से बातचीत के बाद ही तय होगा पंचकूला कूच या पूरी तरह स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होंगी या नहीं।
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विद्यार्थियों ने किया विरोध।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पीजीआई के रेडिजेंट डॉक्टर बॉन्ड पॉलिसी का विरोध कर रहे एमबीबीएस विद्यार्थियों के समर्थन में उतर आए हैं। सरकार को दिया अल्टीमेट पूरा होने के बावजूद किसी तरह का संदेश नहीं मिलने से आहत आरडीए (रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन) शनिवार को सुबह 9 से 12 बजे तक ओपीडी में काम नहीं करने का फैसला लिया है।
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साथ ही सुबह 10 बजे प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों का दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पीजीआई निदेशक डॉ. एसएस लोहचब से मिलेगा। शुक्रवार देर रात स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. अनीता सक्सेना से हुई बातचीत में मिले मुलाकात के समय के बाद विद्यार्थियों ने यह फैसला लिया है। अब निदेशक से बातचीत के बाद ही विद्यार्थियों के पंचकूला कूच या पूरी तरह स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित करने की स्थिति स्पष्ट होगी।
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पीजीआई के निदेशक कार्यालय के बाहर 18 दिन से धरना-प्रदर्शन कर रहे एमबीबीएस के विद्यार्थी शुक्रवार को भी धरने पर रहे। शुक्रवार दोपहर एक बजे सरकार को दिया गया अल्टीमेट का समय पूरा हो गया। इसके बाद भी वे सरकार की ओर से किसी तरह की बातचीत या अन्य संदेश का इंतजार करते रहे।
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ऐसे में विद्यार्थियों ने अपनी बैठक कर 19 नवंबर को पंचकूला कूच करने व आरडीए के समर्थन के साथ पीजीआई की ओपीडी में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित करने पर चर्चा की। इस पर सख्त फैसला लेने से पहले देर रात एक बार फिर विद्यार्थियों ने कुलपति से बातचीत का प्रयास किया।
इस दौरान कुलपति से उनके एक दल की बातचीत हुई। इसमें शनिवार सुबह दस बजे निदेशक से मुलाकात का समय तय हुआ। इसके चलते आरडीए ने शनिवार दोपहर 12 बजे तक विरोध स्वरूप काम नहीं करने का फैसला लिया। इसके बाद का फैसला निदेशक से बातचीत के बाद लिया जाएगा। यदि सरकार ने सुनवाई नहीं की तो आरडीए स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से प्रभावित कर सकती है।
इससे पूर्व दिन में विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. अनीता सक्सेना से समय मांगा था, मगर नहीं मिला था। प्रदर्शनकारी एमबीबीएस विद्यार्थियों की सुनवाई नहीं होते देख आरडीए ने उनके समर्थन में उतरने का फैसला लिया। अब सबकी नजरें शनिवार को निदेशक से होने वाली बातचीत पर है। यहीं अगली रणनीति या स्थिति का भी फैसला होने की संभावना है।
समर्थन जुटाने शहर में निकले विद्यार्थी
धरना स्थल से शुक्रवार सुबह विद्यार्थियों की टोलियां शहर के विभिन्न हिस्सों के लिए रवाना हुई। इन टोलियों ने पीजीआई में छात्र चौक, मेडिकल कॉम्प्लेक्स, ओपीडी, मेडिकल मोड़, छोटूराम चौक, लघु सचिवालय, रेलवे स्टेशन, मानसरोवर पार्क, किला रोड समेत अनेक जगहों पर हाथों में पोस्टर लेकर लोगों को बॉन्ड पॉलिसी व अपने विरोध से अवगत कराया। विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के जरिये भी अपनी आवाज उठाते हुए अपने संघर्ष के लिए समर्थन जुटाने का प्रयास किया।
मानव शृंखला बनाकर जताएंगे विरोध
नागरिक मंच ने विद्यार्थियों का साथ देने के तहत 21 नवंबर को मानव शृंखला का आयोजन करने की घोषणा की है। मंच की ओर से जारी सूचना के तहत दोपहर बाद साढ़े तीन से शाम साढ़े पांच बजे तक एमबीबीएस विद्यार्थियों के समर्थन में डी-पार्क पर मानव शृंखला बनाई जाएगी। इसमें ज्यादा से ज्यादा लोगों से पहुंचने की अपील की गई है।
आरडीए प्रदर्शनकारी एमबीबीएस विद्यार्थियों के समर्थन में है। शनिवार को सुबह 9 से 12 बजे तक ओपीडी में काम बंद रखा जाएगा। कुुलपति ने सुबह निदेशक से मुलाकात का समय दिलाने का आश्वासन दिया है। यहां बातचीत में किसी तरह का समाधान नहीं निकलने पर स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से बाधित करने के अलावा कोई रास्ता नहीं रहेगा। -डॉ. अंकित गुलिया, अध्यक्ष, आरडीए।