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Rohtak News: जन्माष्टमी से बाजारों में बढ़ी रौनक
Sun, 25 Aug 2024 04:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sun, 25 Aug 2024 04:17 AM IST
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झज्जर। जन्माष्टमी को लेकर लोग बाजारों में खरीदारी कर रहे हैं। इससे शहर के बाजार में चहल-पहल नजर आ रही है। लोग लड्डू गोपाल के कपड़े, शृंगार का सामान, मुकुट, बांसुरी आदि खरीद रहे हैं। बाजारों में कान्हा के रेडीमेड कपड़ों के साथ ही डिजाइनर मुकुट भी मिल रहे हैं।
इसी तरह राधाजी का चंद्रिका वाला मुकुट, हाथ कमल फूल, लहंगा-चुनरी की भी बिक्री हो रही है। शृंगार के सामान में हार, कुंडल, कड़े, तिलक की भी मांग है। दुकानदारों का कहना है कि जन्माष्टमी पर हल्के रंग के वस्त्रों की मांग ज्यादा है, जिसमें रेशम, क्रिस्टल ग्लास, गोटा वर्क शामिल है। वहीं बाजार में कान्हा के लिए कई तरह के झूले आए हुए है।
सागवन की लकड़ी से बने हुए झूलों की भी खूब मांग है, लेकिन फूलों वाला झूला आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। सागवन की लकड़ी के झूठे 250 रुपये से शुरू होकर एक हजार रुपये तक मिल रहे हैं। जन्माष्टमी पर दुकानों पर कान्हा की ड्रेस देखी जा सकती है। नन्हे बच्चों से लेकर पांच से सात साल तक के बच्चों के लिए कान्हा की ड्रेस मार्केट में आई है। लोग जरूरत के अनुसार खरीद भी कर रहे हैं।
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जन्माष्टमी पर्व का विशेष महत्व : मीनू शर्मा
26 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव होगा। शहर के सभी मंदिरों की साफ सफाई हो रही है। झूले सजाएं जा रहे हैं। श्री दुर्गा मंदिर के पंडित मीनू शर्मा ने बताया कि हिंदू धर्म में जन्माष्टमी पर्व का विशेष महत्व है। जन्माष्टमी को किसी त्योहार के रूप में नहीं, बल्कि उत्सव के रूप में मनाया जाता है।
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इसी तरह राधाजी का चंद्रिका वाला मुकुट, हाथ कमल फूल, लहंगा-चुनरी की भी बिक्री हो रही है। शृंगार के सामान में हार, कुंडल, कड़े, तिलक की भी मांग है। दुकानदारों का कहना है कि जन्माष्टमी पर हल्के रंग के वस्त्रों की मांग ज्यादा है, जिसमें रेशम, क्रिस्टल ग्लास, गोटा वर्क शामिल है। वहीं बाजार में कान्हा के लिए कई तरह के झूले आए हुए है।
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सागवन की लकड़ी से बने हुए झूलों की भी खूब मांग है, लेकिन फूलों वाला झूला आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। सागवन की लकड़ी के झूठे 250 रुपये से शुरू होकर एक हजार रुपये तक मिल रहे हैं। जन्माष्टमी पर दुकानों पर कान्हा की ड्रेस देखी जा सकती है। नन्हे बच्चों से लेकर पांच से सात साल तक के बच्चों के लिए कान्हा की ड्रेस मार्केट में आई है। लोग जरूरत के अनुसार खरीद भी कर रहे हैं।
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26 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव होगा। शहर के सभी मंदिरों की साफ सफाई हो रही है। झूले सजाएं जा रहे हैं। श्री दुर्गा मंदिर के पंडित मीनू शर्मा ने बताया कि हिंदू धर्म में जन्माष्टमी पर्व का विशेष महत्व है। जन्माष्टमी को किसी त्योहार के रूप में नहीं, बल्कि उत्सव के रूप में मनाया जाता है।