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अनुसूचित जाति के लिए मत्स्य पालन क्षेत्र में दिए जा रहे अनेक लाभ : उपायुक्त

Sun, 23 Jun 2024 10:26 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 23 Jun 2024 10:26 PM IST
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Many benefits are being given to Scheduled Castes in fisheries sector: Deputy Commissioner
रोहतक। उपायुक्त अजय कुमार ने कहा कि अनुसूचित जाति के लोग मत्स्य पालन से अपना रोजगार बढ़ा सकते हैं। इसके लिए सरकार की ओर से उन्हें अनेक प्रकार के अनुदान व लाभ दिए जा रहे हैं। संबंधित व्यक्ति सरकार की योजना का पूरा लाभ उठाएं।
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अनुसूचित जाति के लोगों के लिए मछली पालन के लिए प्रथम वर्ष पट्टा राशि पर विभाग की ओर से प्रत्येक लाभार्थी को 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अथवा पट्टे की वास्तविक राशि का 50 प्रतिशत (जो भी कम हो) अनुदान के रूप में प्रदान किया जाएगा। यह अनुदान केवल पंचायती तालाबों व सरकारी जलाश्यों पर मान्य होगा। यह राशि केवल प्रथम वर्ष की पट्ठा राशि पर प्रदान की जाएगी। अनुदान की अधिकतम सीमा 4 हेक्टेयर पर दो लाख रुपये प्रति लाभार्थी होगी।
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उपायुक्त ने बताया कि मछली पालन के लिए द्वितीय एवं आगामी वर्षों की पट्टा राशि पर विभाग प्रत्येक लाभार्थी को 40 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अथवा पट्टे की वास्तविक राशि का 40 प्रतिशत (जो भी कम हो) अनुदान के रूप में प्रदान करेगा। यह अनुदान केवल पंचायती तालाबों/सरकारी जलाश्यों पर मान्य होगा। इस मद के तहत द्वितीय वर्ष से पांचवें वर्ष तक पट्टा राशि पर अनुदान प्रदान किया जाएगा व अनुदान की अधिकतम सीमा 4 हेक्टेयर पर एक लाख साठ हजार रुपये प्रति लाभार्थी होगी।
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मछली पकड़ने के ठेके पर अनुदान के तहत विभाग द्वारा जिला के अधिसूचित पानी (नदी, नहर तथा ड्रेन) में मछली पकड़ने के अधिकारों की नीलामी प्रतिवर्ष की जाती है। अधिसूचित पानी में मछली पकड़ने के अधिकारों की प्राप्ति पर अनुसूचित जाति के व्यक्ति को स्वीकृत बोली की 50 प्रतिशत की दर से वित्तीय सहायता मिलेगी। इसकी अधिकतम सीमा 5 लाख रुपये है। खाद-खुराक पर अनुदान के अंतर्गत मत्स्य पालक को खाद-खुराक पर कुल लागत रुपये एक लाख 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर का 60 प्रतिशत या धनराशि 90 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर (जो भी कम हो) अनुदान रूप में प्रदान किया जाएगा। इसकी अधिकतम सीमा 4 हेक्टेयर पर 3 लाख 60 हजार रुपये प्रति लाभार्थी होगी।

जिला मत्स्य अधिकारी आशा अहलावत ने बताया कि अनुसूचित जाति के व्यक्ति इस योजना का लाभ लेने के लिए अपने आवेदन शीघ्र स्थानीय लघु सचिवालय स्थित कमरा संख्या 302 में जिला मत्स्य अधिकारी के कार्यालय तथा विभाग के महम, सांपला, कलानौर व लाखनमाजरा में स्थित कार्यालय में जमा करवाएं।
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