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Hindi News ›   Haryana ›   Manjubala of Rohtak Haryana became judge in UP, secured first place in Exam

उपलब्धि: रोहतक की बहू बनी UP में जज, राष्ट्रीय स्तर पर हासिल किया परीक्षा में पहला स्थान, पढ़िए सफलता की कहानी

Wed, 14 Sep 2022 09:57 AM IST
भूपेंद्र सिंह विजेंद्र कौशिक, अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
विजेंद्र कौशिक, अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Wed, 14 Sep 2022 09:57 AM IST
सार

2020 में यूपी हाई ज्यूडिशियल सर्विस की परीक्षा दी थी। सोमवार को प्रयागराज हाईकोर्ट से परीक्षा परिणाम जारी हुआ। मंजूबाला ने कहा कि मेरी कामयाबी के पीछे पति की अहम भूमिका है। बच्चों को संभालने के लिए सीनियर बैंक मैनेजर की नौकरी छोड़ दी थी।

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Manjubala of Rohtak Haryana became judge in UP, secured first place in Exam
यूपी हाई ज्यूडिशियल सर्विस में राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान हासिल करने वाली मंजूबाला भालोटिया। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश हाई ज्यूडिशियल सर्विस में हरियाणा के रोहतक की बहू मंजूबाला भालोटिया ने पूरे देश के अंदर पहला रैंक हासिल किया है, जो सीधी भर्ती के तहत अतिरिक्त एवं जिला सत्र न्यायाधीश (एडीजे) के पद पर नियुक्त होंगी। परीक्षा परिणाम सोमवार को प्रयागराज हाईकोर्ट से जारी किया गया है। मंजूबाला मूलरूप से राजस्थान स्थित जयपुर के कारोबारी परिवार से हैं, जिसने 2009 में रोहतक के भंभेवा गांव के युवक सुमित अहलावत से शादी कर ली थी। 
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मंजूबाला ने बताया कि जयपुर में बेटियों को पढ़ाया तो जाता है, लेकिन नौकरी से ज्यादा कारोबार व खेतीबाड़ी को ज्यादा महत्व दिया जाता है। 2003 में उसने अजमेर के सेफिया कॉलेज से इकोनॉमिक्स आनर्स की। वहां से पढ़ने के लिए लंदन चली गई, जहां 2005 में लीड्स बिजनेस स्कूल से एमबीए किया।
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2009 में उसकी मुलाकात जयपुर में सुमित अहलावत से हुई, जो एमबीए करने के बाद एक सेमिनार में भाग लेने गए थे। दोनों ने शादी करने का निर्णय लिया। 2010 में लॉ की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद 2012 में नेट क्वालिफाई किया। पति मुंबई के एक निजी बैंक की नोएडा ब्रांच में सीनियर मैनेेजर थे, जबकि ससुर शमशेर अहलावत नेकीराम कॉलेज रोहतक और सास आशा अहलावत राजकीय महिला कॉलेज रोहतक में प्राचार्य थी।
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वह घर पर रहकर बेटी को संभालती थी। इसी बीच घर पर कोई आता तो यह कहता कि बेटी, लंदन पढ़कर आई है, कहीं नौकरी क्यों नहीं करती। यह बात उसे महसूस हो गई। उसकी नेकीराम कॉलेज में सहायक प्रोफेसर की नौकरी लग गई, लेकिन हरियाणा की देसी भाषा को लेकर उसे दिक्कत आई। उसे महसूस हुआ कि वह अपनी नौकरी से न्याय नहीं कर पा रही। इसलिए 2016 में लॉ की परीक्षाओं की तैयारी शुरू की।

2017 में उप जिला न्यायवादी (एडीए) लग गई। उसे जींद में पोस्टिंग मिली। 2020 में उसने यूपी हाई ज्यूडिशियल की परीक्षा दी। जुलाई 2022 में परीक्षा का परिणाम आया। 1 व 2 अगस्त को प्रयागराज में साक्षात्कार हुए। अब 12 सितंबर को परीक्षा का फाइनल परिणाम आया है, जिसमें उसने पहला स्थान प्राप्त किया है। 

मेरी तैयारी के लिए पति ने छोड़ दी नौकरी
मंजूबाला ने बताया कि उसकी कामयाबी के पीछे पति सुमित अहलावत का अहम योगदान है। वे नोएडा के एक निजी बैंक में सीनियर मैनेजर थे। उसने देखा कि बेटी के बाद बेटा होने के कारण मैं पढ़ाई नहीं कर पा रही हूं, तो उसने अपनी नौकरी छोड़ दी। बोले, आप परीक्षा की तैयारी करो, मैं बच्चों को संभालूंगा।

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