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महम चबूतरे पर जुटी खापें, बोले, आरक्षण नहीं तो भाजपा को वोट नहीं, अब रामलीला मैदान में देंगे जवाब
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक/ महम
Updated Wed, 14 Sep 2016 02:14 AM IST
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मंगलवार को सर्वखाप पंचायत द्वारा महम चौबीसी के चबूतरे पर आयोजित सम्मान समारोह
- फोटो : amar ujala
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जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरपाल सिंह मलिक ने कहा कि आरक्षण संवैधानिक अधिकार है। जाट समाज आरक्षण के लिए लंबे समय से संघर्षरत है। समाज को आरक्षण प्राप्त करने में सफलता भी मिली। बावजूद इसके राजनीतिक द्वेष की वजह से आरक्षण छीन लिया गया। मलिक मंगलवार को सर्वखाप पंचायत द्वारा महम चौबीसी के चबूतरे पर आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि आरक्षण के लिए एक बार फिर से लंबी लड़ाई लड़ी जाएगी। संविधान की 9वीं सूची के तहत आरक्षण मिलना बेहद जटिल है। जबकि पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट पर जाटों को आरक्षण दिया जा सकता है और यह आसान माध्यम है। लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार जाटों को आरक्षण नहीं देना चाहती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जाटों का हरस्तर पर आरक्षण देने का वादा किया था। बावजूद इसके अभी तक कोई कार्य नहीं हुआ। प्रधानमंत्री जाट समाज के साथ वादाखिलाफी कर रहे हैं। ऐसे में समाज सर्वप्रथम यूपी और पंजाब सहित अन्य राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में भाजपा को जवाब देंगे। इसके लिए योजनाबद्ध कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके तहत दिल्ली के रामलीला मैदान पर जाट एकता की मिसाल कायम की जाएगी। रामलीला मैदान में देश भर से जाट समाज एकत्रित होगा और ताकत दिखाएगा। आरक्षण की लड़ाई अबकी बार रोड की अपेक्षा सीधे दिल्ली के मैदान में होगी। समारोह के अध्यक्ष तुलसी ग्रेवाल ने कहा कि सरकार जाटों को बांटने का काम रही है। आरक्षण के नाम पर भाजपा सरकार द्वारा जाटों को बरगलाया जा रहा है। आरक्षण के लिए सीधे तौर पर सत्ता के भागीदार बनें। वोट की चोट से भाजपा को दरकिनार करके वादाखिलाफी का बदला लें। जाट समाज में फूट डालने का प्रयास कर रहे लोगों को प्रधान तुलसी ग्रेवाल ने साफ चेताया कि जो कौम का नहीं, वो किसी काम का नहीं। जाटों को संगठित करने के लिए जाट न्याय यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा मय्यड़-हिसार से शुरू होकर देश के विभिन्न राज्यों से होते हुए दिल्ली के रामलीला मैदान में दिसंबर में पूरी होगी। हरियाणा जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष कमांडेंट हवा सिंह सांगवान ने कहा कि कोर्ट की रोक के चलते कोई भी जाटों को आरक्षण नहीं दे सकता। इसलिए पहले कोर्ट से आरक्षण की लड़ाई में जीत प्राप्त की जाए। समाज संगठित हो और एकसाथ लड़ाई लड़े। प्रदेश का जाट समाज भावुक व ईमानदार है। लोग ठगी का शिकार हो रहें है। जाट आरक्षण संघर्ष समिति की महिला विंग की प्रमुख संतोष दहिया ने कहा कि सरकार जाट समाज को आतंकवादी करार देकर अपमानित करने का काम कर रही है। भाजपा के एक सांसद पूरी कौम को बार-बार गाली दे रहे हैं। भाजपा उक्त सांसद पर कोई लगाम नहीं लगा रही। ऐसे व्यक्ति एवं पार्टी को जाट समाज सबक सिखाने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि जाट समाज दिनों दिन भूमिहीन होता जा रहा है। इसके चलते आरक्षण दिया जाना चाहिए। सम्मान समारोह में उत्तरी भारत के राज्यों से आई विभिन्न खापों के पदाधिकारियों ने संबोधित किया।
समारोह में फैसले पर हरपाल मलिक व तुलसी ग्रेवाल ने बताया :-
- देशभर में जाट न्याय यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा मय्यड़ से शुरू होगी।
- दिसंबर के पहले सप्ताह में दिल्ली के रामलीला मैदान में होगी रैली, जाट न्याय यात्रा का समापन भी।
- 28 सितंबर को दिल्ली में खाप पदाधिकारी एवं जाट आरक्षण संघर्ष समिति सदस्यों की मीटिंग होगी।
- 25 अक्टूबर को मथुरा में होगी रैली।
- 10 नवंबर को हिसार में रैली।
- 25 नवंबर को मेरठ में रैली।
- आरक्षण नहीं तो भाजपा को वोट नहीं।
- फरवरी में हुए जाट आरक्षण आंदोलन में गिरफ्तार लोगों की पैरवी करेगी खाप पंचायत। सब खर्च भी वहन किया जाएगा।
जाट आरक्षण आंदोलन में मारे गए उक्त व्यक्तियों के परिजनों को किया गया सम्मानित
- दिलबाग खत्री की मां प्रेमो देवी।
- सुमित कुमार के भाई संदीप कुमार।
- संजीव कुमार के पिता महासिंह।
- राजेश खोखर की पत्नी मुकेश देवी।
- अजय मलिक की पत्नी मीनू देवी।
- रविंद्र नांदल के पारिवारिक सदस्य।
- प्रदीप राठी की मां कृष्णा देवी।
- जयवीर देशवाल के पिता धारे सिंह।
- रामचंद्र लोहचब के पुत्र लक्ष्य।
- प्रवीण कुमार के पिता सुभाष।
- जयदीप नांदल के पिता सत्यवीर सिंह।
- प्रदीप राणा के पिता रामकिशन।
- कृष्ण फौगाट के पिता नत्थू राम।
- संदीप जाखड़ के पिता सुंदरपाल।
- अर्जुन के पिता सुमेर सिंह।
- अनिल के पिता सत्ते जांगड़ा।
- विजय कड़वासरा की पत्नी लक्ष्मी देवी।
- संदीप कड़वासरा के पिता जोगी राम।
- सुमित दहिया का परिवार।
- जाट आरक्षण आंदोलन में घालय हुए व्यक्तियों या परिजनों को दिए 25-25 हजार रुपये के चैक।
पहलवान साक्षी व विनेश के परिवार ने बनाई दूरी
चबूतरे पर पहलवान साक्षी मलिक और विनेश फौगाट को भी सम्मानित करने की चर्चाएं थी। लेकिन पहलवान साक्षी मलिक व विनेश और धावक धर्मवीर नैन के परिवार से कोई सदस्य सम्मान कार्यक्रम में शामिल नहीं हुआ।
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महम न्यूज। महम के चबूतरे हुए स?मान समारोह में शामिल खाप प्रतिनिधि व अन्य।
-जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों को स?मानित करते खाप प्रमुख।
ये हुए शामिल
भले राम नरवाल, जगवीर मलिक, मा. देवराज, महेंद्र नांदल, वेद प्रकाश हुड्डा, राजवीर राज्याण, राजेंद्र सिंह कुंडू, मलिक राज मलिक, कुलदीप मलिक, रणधीर सरोहा, जय सिंह अहलावत, अशोक दहिया, नरेंद्र अहलावत, संजय राठी, इंद्र सिंह सातरोल, मांगे राम पूर्व सरपंच, रामकुमार मलिक, जयवीर नांदल, भूप सिंह दलाल, उमेद सिंह देशवाल, चांद राम, नंबरदार कली राम, हरेंद्र पलहवान, रामकरण हुड्डा, इंद्र सिंह, टेक राम कंडेला, उपेंद्र, रमेश दलाल, रामकिशन, जयवीर सिंह, धर्मपाल सिंह, रणसिंह, धर्मपाल हुड्डा, रण सिंह, राज सिंह, बलजीत सिंह, सुमेर दहिया, दलजीत, ओमप्रकाश कादियान, डा. सुरेश नांदल, नरसिंह सांगवान, प्रो. चरण सिंह, रामचंद्र, शिवधन, सतवीर गहलावत, भगत सिंह दलाल, रणवीर शौकीन, पप्पू गोच्छी, मान सिंह दलाल, राज बाल्याण, राजवीर, सुरेश राठी, कमांडेंट सुखवीर सिंधु, धर्मपाल छौत, दलजीत पंघाल और मा. जगवीर मलिक।
कमांडेंट सांगवान का हुआ विरोध
कमांडेंट हवा सिंह सांगवान को विरोध का सामना करना पड़ा। कमाडेंट सांगवान ने कहा कि कोर्ट के फैसले के बिना आरक्षण नहीं मिल सकता तो इस पर लोग भड़क गए। लोगों ने उनका विरोध शुरू कर दिया। इसके नतीजतन सांगवान ने अपना भाषण खत्म किया और बैठ गए।
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उन्होंने कहा कि आरक्षण के लिए एक बार फिर से लंबी लड़ाई लड़ी जाएगी। संविधान की 9वीं सूची के तहत आरक्षण मिलना बेहद जटिल है। जबकि पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट पर जाटों को आरक्षण दिया जा सकता है और यह आसान माध्यम है। लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार जाटों को आरक्षण नहीं देना चाहती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जाटों का हरस्तर पर आरक्षण देने का वादा किया था। बावजूद इसके अभी तक कोई कार्य नहीं हुआ। प्रधानमंत्री जाट समाज के साथ वादाखिलाफी कर रहे हैं। ऐसे में समाज सर्वप्रथम यूपी और पंजाब सहित अन्य राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में भाजपा को जवाब देंगे। इसके लिए योजनाबद्ध कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके तहत दिल्ली के रामलीला मैदान पर जाट एकता की मिसाल कायम की जाएगी। रामलीला मैदान में देश भर से जाट समाज एकत्रित होगा और ताकत दिखाएगा। आरक्षण की लड़ाई अबकी बार रोड की अपेक्षा सीधे दिल्ली के मैदान में होगी। समारोह के अध्यक्ष तुलसी ग्रेवाल ने कहा कि सरकार जाटों को बांटने का काम रही है। आरक्षण के नाम पर भाजपा सरकार द्वारा जाटों को बरगलाया जा रहा है। आरक्षण के लिए सीधे तौर पर सत्ता के भागीदार बनें। वोट की चोट से भाजपा को दरकिनार करके वादाखिलाफी का बदला लें। जाट समाज में फूट डालने का प्रयास कर रहे लोगों को प्रधान तुलसी ग्रेवाल ने साफ चेताया कि जो कौम का नहीं, वो किसी काम का नहीं। जाटों को संगठित करने के लिए जाट न्याय यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा मय्यड़-हिसार से शुरू होकर देश के विभिन्न राज्यों से होते हुए दिल्ली के रामलीला मैदान में दिसंबर में पूरी होगी। हरियाणा जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष कमांडेंट हवा सिंह सांगवान ने कहा कि कोर्ट की रोक के चलते कोई भी जाटों को आरक्षण नहीं दे सकता। इसलिए पहले कोर्ट से आरक्षण की लड़ाई में जीत प्राप्त की जाए। समाज संगठित हो और एकसाथ लड़ाई लड़े। प्रदेश का जाट समाज भावुक व ईमानदार है। लोग ठगी का शिकार हो रहें है। जाट आरक्षण संघर्ष समिति की महिला विंग की प्रमुख संतोष दहिया ने कहा कि सरकार जाट समाज को आतंकवादी करार देकर अपमानित करने का काम कर रही है। भाजपा के एक सांसद पूरी कौम को बार-बार गाली दे रहे हैं। भाजपा उक्त सांसद पर कोई लगाम नहीं लगा रही। ऐसे व्यक्ति एवं पार्टी को जाट समाज सबक सिखाने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि जाट समाज दिनों दिन भूमिहीन होता जा रहा है। इसके चलते आरक्षण दिया जाना चाहिए। सम्मान समारोह में उत्तरी भारत के राज्यों से आई विभिन्न खापों के पदाधिकारियों ने संबोधित किया।
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समारोह में फैसले पर हरपाल मलिक व तुलसी ग्रेवाल ने बताया :-
- देशभर में जाट न्याय यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा मय्यड़ से शुरू होगी।
- दिसंबर के पहले सप्ताह में दिल्ली के रामलीला मैदान में होगी रैली, जाट न्याय यात्रा का समापन भी।
- 28 सितंबर को दिल्ली में खाप पदाधिकारी एवं जाट आरक्षण संघर्ष समिति सदस्यों की मीटिंग होगी।
- 25 अक्टूबर को मथुरा में होगी रैली।
- 10 नवंबर को हिसार में रैली।
- 25 नवंबर को मेरठ में रैली।
- आरक्षण नहीं तो भाजपा को वोट नहीं।
- फरवरी में हुए जाट आरक्षण आंदोलन में गिरफ्तार लोगों की पैरवी करेगी खाप पंचायत। सब खर्च भी वहन किया जाएगा।
जाट आरक्षण आंदोलन में मारे गए उक्त व्यक्तियों के परिजनों को किया गया सम्मानित
- दिलबाग खत्री की मां प्रेमो देवी।
- सुमित कुमार के भाई संदीप कुमार।
- संजीव कुमार के पिता महासिंह।
- राजेश खोखर की पत्नी मुकेश देवी।
- अजय मलिक की पत्नी मीनू देवी।
- रविंद्र नांदल के पारिवारिक सदस्य।
- प्रदीप राठी की मां कृष्णा देवी।
- जयवीर देशवाल के पिता धारे सिंह।
- रामचंद्र लोहचब के पुत्र लक्ष्य।
- प्रवीण कुमार के पिता सुभाष।
- जयदीप नांदल के पिता सत्यवीर सिंह।
- प्रदीप राणा के पिता रामकिशन।
- कृष्ण फौगाट के पिता नत्थू राम।
- संदीप जाखड़ के पिता सुंदरपाल।
- अर्जुन के पिता सुमेर सिंह।
- अनिल के पिता सत्ते जांगड़ा।
- विजय कड़वासरा की पत्नी लक्ष्मी देवी।
- संदीप कड़वासरा के पिता जोगी राम।
- सुमित दहिया का परिवार।
- जाट आरक्षण आंदोलन में घालय हुए व्यक्तियों या परिजनों को दिए 25-25 हजार रुपये के चैक।
पहलवान साक्षी व विनेश के परिवार ने बनाई दूरी
चबूतरे पर पहलवान साक्षी मलिक और विनेश फौगाट को भी सम्मानित करने की चर्चाएं थी। लेकिन पहलवान साक्षी मलिक व विनेश और धावक धर्मवीर नैन के परिवार से कोई सदस्य सम्मान कार्यक्रम में शामिल नहीं हुआ।
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महम न्यूज। महम के चबूतरे हुए स?मान समारोह में शामिल खाप प्रतिनिधि व अन्य।
-जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों को स?मानित करते खाप प्रमुख।
ये हुए शामिल
भले राम नरवाल, जगवीर मलिक, मा. देवराज, महेंद्र नांदल, वेद प्रकाश हुड्डा, राजवीर राज्याण, राजेंद्र सिंह कुंडू, मलिक राज मलिक, कुलदीप मलिक, रणधीर सरोहा, जय सिंह अहलावत, अशोक दहिया, नरेंद्र अहलावत, संजय राठी, इंद्र सिंह सातरोल, मांगे राम पूर्व सरपंच, रामकुमार मलिक, जयवीर नांदल, भूप सिंह दलाल, उमेद सिंह देशवाल, चांद राम, नंबरदार कली राम, हरेंद्र पलहवान, रामकरण हुड्डा, इंद्र सिंह, टेक राम कंडेला, उपेंद्र, रमेश दलाल, रामकिशन, जयवीर सिंह, धर्मपाल सिंह, रणसिंह, धर्मपाल हुड्डा, रण सिंह, राज सिंह, बलजीत सिंह, सुमेर दहिया, दलजीत, ओमप्रकाश कादियान, डा. सुरेश नांदल, नरसिंह सांगवान, प्रो. चरण सिंह, रामचंद्र, शिवधन, सतवीर गहलावत, भगत सिंह दलाल, रणवीर शौकीन, पप्पू गोच्छी, मान सिंह दलाल, राज बाल्याण, राजवीर, सुरेश राठी, कमांडेंट सुखवीर सिंधु, धर्मपाल छौत, दलजीत पंघाल और मा. जगवीर मलिक।
कमांडेंट सांगवान का हुआ विरोध
कमांडेंट हवा सिंह सांगवान को विरोध का सामना करना पड़ा। कमाडेंट सांगवान ने कहा कि कोर्ट के फैसले के बिना आरक्षण नहीं मिल सकता तो इस पर लोग भड़क गए। लोगों ने उनका विरोध शुरू कर दिया। इसके नतीजतन सांगवान ने अपना भाषण खत्म किया और बैठ गए।