{"_id":"66270eee1f44a6156704248b","slug":"made-researchers-aware-of-the-challenges-in-the-field-of-research-rohtak-news-c-17-roh1020-407723-2024-04-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: शोध के क्षेत्र की चुनौतियों से शोधार्थियों को कराया अवगत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: शोध के क्षेत्र की चुनौतियों से शोधार्थियों को कराया अवगत
विज्ञापन
रोहतक। शोधार्थी आउटकम बेस्ड रिसर्च करें। शोध विषय महत्वपूर्ण है। इसका चयन समझदारी से करें। यह कहना है महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एएस मान का। वह सोमवार को स्वराज सदन में फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट एंड कामर्स की ओर से चौ. रणबीर सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल एंड इकोनॉमिक चेंज के तत्वावधान में आयोजित-रिसर्च मैथडोलॉजी विषय पर कार्यशाला का शुभारंभ कर रहे थे।
डीन ने शोध में विशिष्ट क्षेत्र की चर्चा करते हुए शोधार्थियों से विशिष्ट क्षेत्र के अध्ययन पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर देने की अपील की। उन्होंने अध्ययन क्षेत्र व समसामयिक परिवेश में प्रौद्योगिकी के महत्व को अहम बताया। शोध के उभरते परिदृश्य पर को रेखांकित करते हुए शोध के क्षेत्र की चुनौतियों से शोधार्थियों को अवगत कराया।
डीन ने शोधार्थियों को कॅरिअर अवसरों एवं कंसलटेंसी के बारे में भी जानकारी दी। कार्यशाला के आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं दीं। शोध निदेशक प्रो. अरुण नंदा ने कार्यशाला को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने शोध के क्षेत्र में एमडीयू की ओर से की जाने वाली नूतन पहलों की जानकारी दी। फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट एंड काॅमर्स के डीन एवं कार्यशाला कंवीनर प्रो. ऋषि चौधरी ने प्रारंभ में स्वागत भाषण दिया।
विज्ञापन
कार्यशाला कोऑर्डिनेटर एवं काॅमर्स विभाग के अध्यक्ष प्रो. कुलदीप सिंह ने कार्यशाला की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कार्यशाला में शोधार्थियों को शोध के विभिन्न पहलुओं बारे व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। कार्यशाला कोआर्डिनेटर एवं इमसॉर निदेशक प्रो. सत्यवान बरोदा ने आभार जताया। प्राध्यापक डाॅ. प्रियंका यादव ने मंच संचालन किया। कार्यशाला को-कोऑर्डिनेटर डाॅ. नीतू निंबरान और डाॅ. मनोज सिंधु ने कार्यक्रम का समन्वयन किया। इस मौके पर फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट एंड काॅमर्स के विभागों के अध्यक्ष, प्राध्यापक एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
डीन ने शोध में विशिष्ट क्षेत्र की चर्चा करते हुए शोधार्थियों से विशिष्ट क्षेत्र के अध्ययन पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर देने की अपील की। उन्होंने अध्ययन क्षेत्र व समसामयिक परिवेश में प्रौद्योगिकी के महत्व को अहम बताया। शोध के उभरते परिदृश्य पर को रेखांकित करते हुए शोध के क्षेत्र की चुनौतियों से शोधार्थियों को अवगत कराया।
विज्ञापन
डीन ने शोधार्थियों को कॅरिअर अवसरों एवं कंसलटेंसी के बारे में भी जानकारी दी। कार्यशाला के आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं दीं। शोध निदेशक प्रो. अरुण नंदा ने कार्यशाला को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने शोध के क्षेत्र में एमडीयू की ओर से की जाने वाली नूतन पहलों की जानकारी दी। फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट एंड काॅमर्स के डीन एवं कार्यशाला कंवीनर प्रो. ऋषि चौधरी ने प्रारंभ में स्वागत भाषण दिया।
विज्ञापन
कार्यशाला कोऑर्डिनेटर एवं काॅमर्स विभाग के अध्यक्ष प्रो. कुलदीप सिंह ने कार्यशाला की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कार्यशाला में शोधार्थियों को शोध के विभिन्न पहलुओं बारे व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। कार्यशाला कोआर्डिनेटर एवं इमसॉर निदेशक प्रो. सत्यवान बरोदा ने आभार जताया। प्राध्यापक डाॅ. प्रियंका यादव ने मंच संचालन किया। कार्यशाला को-कोऑर्डिनेटर डाॅ. नीतू निंबरान और डाॅ. मनोज सिंधु ने कार्यक्रम का समन्वयन किया। इस मौके पर फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट एंड काॅमर्स के विभागों के अध्यक्ष, प्राध्यापक एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।