{"_id":"68951733ef51ac757f0127c5","slug":"letters-with-fake-signatures-of-councillors-sent-to-the-public-health-department-to-stop-the-tender-rohtak-news-c-17-roh1020-704991-2025-08-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: टेंडर रोकने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग को भेजे पार्षदों के फर्जी हस्ताक्षर वाले पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: टेंडर रोकने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग को भेजे पार्षदों के फर्जी हस्ताक्षर वाले पत्र
Fri, 08 Aug 2025 02:44 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Fri, 08 Aug 2025 02:44 AM IST
विज्ञापन
महम में अधिकारियों के साथ बैठक करते शहरवासी। संवाद
महम। जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से जूई फीडर से जलघर द्वितीय तक नाले का टेंडर लगाने के लिए बुलाई गई बैठक वीरवार को हंगामे की भेंट चढ़ गई। पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने शहरवासियों की बैठक बुलाई थी। यहां कुछ पार्षदों ने उनकी मुहर व हस्ताक्षर कर विभाग को यह टेंडर रद्द करने की मांग किए जाने का आरोप लगाया।
पार्षदों का कहना था कि कुछ लोग शहर का विकास नहीं होने देना चाहते। यह बड़ी साजिश है। विभाग को किस तरह पानी लाना है, वह विभाग के इंजीनियर अच्छी तरह जानते हैं। आम आदमी उनको कैसे गाइड कर सकता है। इस बात को लेकर शहरवासियों में आपस में ही हंगामा होता रहा।
शहरवासी राकेश भारद्वाज ने कहा कि एक नेता के इशारे पर कुछ लोग शहर का विकास रोक रहे हैं। हमारे पास फर्जी हस्ताक्षरों वाले पत्र की कॉपी है। इसे जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पहले दिया गया। जब पार्षदों ने इस पर आवाज उठाई तो वापस ले लिया गया। इसकी सारी कॉपी व सबूत हमारे पास हैं।
विज्ञापन
इसकी शिकायत सीएम, डीसी, एसपी व सांसद रामचंद्र जांगड़ा को भेजकर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। यह 85 करोड़ रुपये का टेंडर होना है। कुछ लोग अपने लोगों को टेंडर दिलाना चाहते हैं इसलिए विभाग के अधिकारियों पर दबाव बनाना चाहते हैं।
राजेश जिंदल ने कहा कि विभाग के अधिकारी टेंडर लगाने की जल्दी में हैं जबकि विभाग ने सिंचाई विभाग, एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी से पहले एनओसी लेनी चाहिए। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया करनी चाहिए। इसी तरह निंदाना व भैणी महाराजपुर में विभाग ने टेंडर जारी कर दिया लेकिन एनओसी के बगैर कार्य अधूरा पड़ा है।
उन्होंने कहा कि द्वितीय जलघर के होद जमीन से ऊपर उठाकर बनाने चाहिए। वहां पहले ही भूमिगत जलस्तर ऊपर है। ऐसे में टैंकों की तलहटी सही से नहीं बन सकेगी। पहले वालों की तरह रिसाव जारी रहेगा।
इस मौके पर ज नस्वास्थ्य विभाग के एक्सइएन संदीप, एसडीओ सुरजीत मलिक, महंत सतीश दास, राकेश भारद्वाज, महेश भारद्वाज, पार्षद बोबी गोयल, विनोद गोयल, अनिल चावरिया, विकास श्योराण, राजेश सोनी, भीष्म दुआ मौजूद रहे।
पूर्व प्रधान फतेह सिंह ने कहा कि फर्जी पत्र की बात बेमानी है। ऐसा कोई मामला नहीं है। कुछ लाेग बेवजह मामले को तूल दे रहे हैं। पानी की समस्या काफी पुरानी है। शहर को पेयजल मिलना चाहिए।
जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ सुरजीत मलिक का कहना है कि शहर के लोगों को टेंडर की प्रक्रिया बताने के लिए बुलाया गया है। उनको बता दिया गया है। अब किसी को एतराज नहीं है। टेंडर अगले सप्ताह करा दिया जाएगा। जिस भी विभाग से एनओसी लेनी है, वह टेंडर के बाद होती है। उन विभागों में पैसा जमा हराना होता है। नियमानुसार सब कुछ ठीक किया जाएगा।
विज्ञापन
पार्षदों का कहना था कि कुछ लोग शहर का विकास नहीं होने देना चाहते। यह बड़ी साजिश है। विभाग को किस तरह पानी लाना है, वह विभाग के इंजीनियर अच्छी तरह जानते हैं। आम आदमी उनको कैसे गाइड कर सकता है। इस बात को लेकर शहरवासियों में आपस में ही हंगामा होता रहा।
विज्ञापन
शहरवासी राकेश भारद्वाज ने कहा कि एक नेता के इशारे पर कुछ लोग शहर का विकास रोक रहे हैं। हमारे पास फर्जी हस्ताक्षरों वाले पत्र की कॉपी है। इसे जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पहले दिया गया। जब पार्षदों ने इस पर आवाज उठाई तो वापस ले लिया गया। इसकी सारी कॉपी व सबूत हमारे पास हैं।
विज्ञापन
इसकी शिकायत सीएम, डीसी, एसपी व सांसद रामचंद्र जांगड़ा को भेजकर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। यह 85 करोड़ रुपये का टेंडर होना है। कुछ लोग अपने लोगों को टेंडर दिलाना चाहते हैं इसलिए विभाग के अधिकारियों पर दबाव बनाना चाहते हैं।
राजेश जिंदल ने कहा कि विभाग के अधिकारी टेंडर लगाने की जल्दी में हैं जबकि विभाग ने सिंचाई विभाग, एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी से पहले एनओसी लेनी चाहिए। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया करनी चाहिए। इसी तरह निंदाना व भैणी महाराजपुर में विभाग ने टेंडर जारी कर दिया लेकिन एनओसी के बगैर कार्य अधूरा पड़ा है।
उन्होंने कहा कि द्वितीय जलघर के होद जमीन से ऊपर उठाकर बनाने चाहिए। वहां पहले ही भूमिगत जलस्तर ऊपर है। ऐसे में टैंकों की तलहटी सही से नहीं बन सकेगी। पहले वालों की तरह रिसाव जारी रहेगा।
इस मौके पर ज नस्वास्थ्य विभाग के एक्सइएन संदीप, एसडीओ सुरजीत मलिक, महंत सतीश दास, राकेश भारद्वाज, महेश भारद्वाज, पार्षद बोबी गोयल, विनोद गोयल, अनिल चावरिया, विकास श्योराण, राजेश सोनी, भीष्म दुआ मौजूद रहे।
पूर्व प्रधान फतेह सिंह ने कहा कि फर्जी पत्र की बात बेमानी है। ऐसा कोई मामला नहीं है। कुछ लाेग बेवजह मामले को तूल दे रहे हैं। पानी की समस्या काफी पुरानी है। शहर को पेयजल मिलना चाहिए।
जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ सुरजीत मलिक का कहना है कि शहर के लोगों को टेंडर की प्रक्रिया बताने के लिए बुलाया गया है। उनको बता दिया गया है। अब किसी को एतराज नहीं है। टेंडर अगले सप्ताह करा दिया जाएगा। जिस भी विभाग से एनओसी लेनी है, वह टेंडर के बाद होती है। उन विभागों में पैसा जमा हराना होता है। नियमानुसार सब कुछ ठीक किया जाएगा।