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लख्मीचंद की रचनाएं आज के युग में सार्थक हो रही हैं : दिनेश कौशिक

Thu, 07 Nov 2024 10:19 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक Updated Thu, 07 Nov 2024 10:19 PM IST
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Lakhmichand's works are becoming meaningful in today's era: Dinesh Kaushik
-फोटो 56 : कार्यक्रम में हरियाणवीं सांग प्रस्तुत करते कलाकार। संवाद
बहादुरगढ़। लक्ष्मी रूप बीर का हौ स, घर भरवाना चाहिए ... याहे कसूर स फूल सिंह का ब्याह करवाना चाहिए। इन पंक्तियों से सूर्य कवि पंडित लख्मीचंद धर्मशाला में समिति की ओर से करवाए जा रहे हरियाणवी सांग के अवसर पर प्रसिद्ध सांगी पंडित विष्णुदत्त ने वीरवार को फूल सिंह और नौटंकी का किस्सा सुनाया। साथ ही सावित्री के सांग का मंचन किया। इस मौके पर भाजपा प्रत्याशी रहे दिनेश कौशिक मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित हुए।
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कौशिक ने कहा कि पंडित लख्मीचंद ने ऐसी रचनाएं की जो आज के युग में सार्थक हो रही हैं। पंडित विष्णुदत ने किस्से के माध्यम से बताया कि राजकुमारी सावित्री सत्यवान से शादी करने का मन बना लेती है। सांग में दिखाया गया कि पतिव्रता नारी सावित्री ने कैसे अपने पति के प्राण बचाए। इस मौके पर धर्मशाला समिति के संरक्षक पालेराम शर्मा, प्रधान प्रवीण शर्मा, महासचिव सतीश शर्मा, उप प्रधान बलराम गौतम, सचिव हरिओम, कोषाध्यक्ष रमेश, पंडित मामनराम, मंजीत, बिल्लू पंडित, खाटूश्याम भक्त हरिओम, रमेश कौशिक, मास्टर रमेश, पवन, सतबीर समेत अन्य उपस्थित रहे।

-फोटो 56 : कार्यक्रम में हरियाणवीं सांग प्रस्तुत करते कलाकार। संवाद

-फोटो 56 : कार्यक्रम में हरियाणवीं सांग प्रस्तुत करते कलाकार। संवाद

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