{"_id":"57e00d7f4f1c1b190aa83521","slug":"lab-technician-protest-haryana-rohtak-medical-protest-medical-service","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रयोगशाला तकनीशियनों की हड़ताल के पहले ही दिन चरमराई स्वास्थ्य सेवाएं ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रयोगशाला तकनीशियनों की हड़ताल के पहले ही दिन चरमराई स्वास्थ्य सेवाएं
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Tue, 20 Sep 2016 02:38 AM IST
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विभिन्न मांगों को लेकर लैब टेक्नीशियन ने शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल
- फोटो : amar ujala
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इलाज के लिए सोमवार को पीजीआई और सिविल अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लैब तकनीशियनों की अनिश्चितकालीन हड़ताल की वजह से जांच नहीं हो पाई। इस कारण अधिकतर मरीजों को निजी लैब में जांच करानी पड़ी। सिविल अस्पताल में प्राइवेट लैब और एएनएम स्टूडेंट की मदद से कुछ देर सैंपल लिए गए, लेकिन इससे मरीजों को राहत नहीं मिली। जबकि पीजीआई में केवल इमरजेंसी के मरीजों की ही जांच की गई। प्रयोगशाला तकनीशियनों की हड़ताल की जानकारी होने पर डाक्टरों ने अधिकतर मरीजों की जांच नहीं लिखी। वहीं, ओटी कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से पीजीआई में 50 से अधिक आपरेशन नहीं हो पाए। चूंकि सरकार से कर्मचारियों की वार्ता विफल हो गई है ऐसे में मरीजों को आने वाले दिनों में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। वेतन विसंगतियों को लेकर शुरू हुई प्रयोगशाला तकनीशियनों की प्रदेशव्यापी हड़ताल के पहले ही दिन स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गईं।
पीजीआईएमएस में चिकित्सा प्रयोगशाला तकनीशियन सोसायटी और आपरेशन थियेटर (ओटी) कर्मचारियों ने सुबह ही हड़ताल शुरू कर दी। सभी इकट्ठा होकर विजय पार्क आ गए। इस दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सरकार और पीजीआईएमएस प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी हड़ताल जारी रहेगी। तकनीशियनों की हड़ताल के चलते पीजीआईएमएस में मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जांच के लिए आने वाले अधिकतर मरीजों को बाहर से ही वापस भेज दिया गया, जबकि पूर्व में हो चुकी जांच की रिपोर्ट लेने आए मरीज भटकते रहे। हालांकि, कुछ अन्य कर्मचारियों को वैकल्पिक व्यवस्था के लिए इमरजेंसी में ड्यूटी पर लगाया गया था, लेकिन इससे राहत नहीं मिली।
चंडीगढ़ में हुई वार्ता रही विफल
पीजीआईएमएस में चिकित्सा प्रयोगशाला तकनीशियन सोसायटी के प्रधान पदम सिंह ने बताया कि हड़ताल शुरू होते ही सुबह उनके पास चंडीगढ़ से चिकित्सा एवं अनुसंधान विभाग के एक अधिकारी का फोन आया और वार्ता के लिए बुलाया। दोपहर में प्रधान पदम सिंह और हरियाणा स्टेट लैबोरेट्री टेक्नीशियन एसोसिएशन (जनरल) के प्रधान विक्रम सिंह समेत अन्य संगठनों के पदाधिकारी चंडीगढ़ पहुंचे। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य सेवा डॉ. महापात्रा कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा एवं अनुसंधान धनपत सिंह, महानिदेशक स्वास्थ्य सेवा डॉ. कमला सिंह और निदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग से डीके बेहरा के साथ बातचीत हुई। इस दौरान डॉ. महापात्रा ने ट्रांसफर का हवाला देते हुए कोई भी वादा करने से मना कर दिया। इसके अलावा अन्य अधिकारी भी संतोषजनक आश्वासन नहीं दे सके। ऐसे में घंटों चली वार्ता में कोई समाधान नहीं हो सका। पदम सिंह का आरोप है कि अधिकारियों ने उन पर दबाव बनाने की कोशिश की। इस पर एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि समाधान होने के बाद ही हड़ताल खत्म करेंगे। वार्ता के दौरान रमेश कुमार, सुरेंद्र कुमार, जेपी सिंह और अनिल आदि भी मौजूद रहे।
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केवल इमरजेंसी में आए सैंपलों की जांच
पीजीआईएमएस में की गई वैकल्पिक व्यवस्था में केवल इमरजेंसी में आए सैंपलों की जांच की गई। बायोलॉजी लैब की इंचार्ज डॉ. किरण ने बताया कि मरीजों की परेशानी को देखते हुए अतिरिक्त स्टाफ की व्यवस्था की गई थी। लैब में जो भी सैंपल आए उनकी जांच की गई है। उधर, ब्लड बैंक और गायनी में केवल इमरजेंसी केसों की जांच हो सकी। पीजीआई में दस हजार से अधिक जांच प्रतिदिन होती है, लेकिन हड़ताल की वजह चुनिंदा जांच की गई गई।
मुश्किल से मिली डेट, नहीं हो पाये आपरेशन
ओटी कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से सोमवार को पीजीआई में एक भी आपरेशन नहीं हो सका। जबकि यहां औसतन हर रोज 50 से ज्यादा सर्जरी होती है। मुश्किल से मिली आपरेशन की डेट के बाद सर्जरी नहीं होने से मरीज और उनके तीमारदारों को खासी परेशानी हुई। सर्जरी विभाग में 15 मरीज और आर्थो विभाग में करीब 10 मरीजों के ऑपरेशन होने थे। डॉक्टरों ने सभी ऑपरेशन टाल दिए। ऐसे मरीजों को बाद की तारीख दी गई है। इसके अलावा हड़ताल शुरू होते ही डॉक्टरों ने किसी भी प्रकार की जांच लिखनी ही बंद कर दी थी।
निजी लैब की रही बल्ले-बल्ले
पीजीआईएमएस और सिविल अस्पताल में लैब तकनीशियनों की हड़ताल के चलते निजी लैब संचालकों की बल्ले-बल्ले रहे। दिल्ली रोड स्थित कई निजी लैब पर सुबह से ही मरीजों की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी। रिकार्ड के अनुसार, एक लैब पर जहां 500 से 600 जांच होती थी, हड़ताल के कारण यह आंकड़ा एक हजार के पार पहुंच गया। मरीजों से मनमाफिक दाम वसूले गए।
लैब तकनीशियनों की आज भी रहेगी हड़ताल
पीजीआईएमएस में लैब टेक्नीशियन और ओटी की हड़ताल मंगलवार को रहेगी। ऐसे में दोनों स्थानों पर जाने वाले मरीजों को फिर परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
ऐसा रहा सिविल अस्पताल का हाल
हड़ताल के कारण मरीज जांच के लिए इधर-उधर भटकते रहे। कुछ मरीजों ने निजी लैब पर जांच कराई। मरीजों के ब्लड नमूने को इकट्ठा करने के लिए एएनएम की स्टूडेंट्स और निजी लैब तकनीशियनों को बुलाया गया था। इन्होंने 12 बजे तक ब्लड के नमूने लिए। अस्पताल के लैब में गंभीर केस वालों की ही जांच की गई, जिसमें मलेरिया, कंप्लीट हीमोग्लोबिन, एचबी, बीटी, सीटी, यूरीन आदि जांचें शामिल हैं।
बोले मरीज
- प्रेम नगर की रहने वाली दीपा ने बताया कि वह अपने बच्चे की जांच कराने के लिए आई थी, लेकिन हड़ताल के कारण निजी लैब में जांच करानी पड़ी।
- गुरनाना पुरा निवासी ओमप्रक ाश ने बताया कि उन्हें आरएफटी, एलएफटी की जांच करानी थी, लेकिन जांच नहीं हो सकी। इस कारण परेशानियों का सामना करना पड़ा।
- जनता कालोनी निवासी साधुराम ने बताया कि वह कई दिनोें से बुखार से पीड़ित हैं। सिविल अस्पताल से इलाज करा रहे हैं। पहले डॉक्टर ने जांच करायी थी, लेकिन आराम नहीं हुआ। आज फिर जांच को लिखा था, लेकिन अस्पताल में जांच नहीं हुई इसलिए बाहर से जांच करानी पड़ी।
हड़ताल के कारण पीजीआईएमएस में इमरजेंसी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने दिया गया। स्टाफ नर्स और अन्य स्टाफ की ड्यूटी लगा दी गई है, जिन्होंने इमरजेंसी को सुचारू रूप से चलाया। इस कारण इमरजेंसी के मरीजों को कोई परेशानी नहीं हुई।
- डॉ. अशोक चौहान, एमएस पीजीआईएमएस
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पीजीआईएमएस में चिकित्सा प्रयोगशाला तकनीशियन सोसायटी और आपरेशन थियेटर (ओटी) कर्मचारियों ने सुबह ही हड़ताल शुरू कर दी। सभी इकट्ठा होकर विजय पार्क आ गए। इस दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सरकार और पीजीआईएमएस प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी हड़ताल जारी रहेगी। तकनीशियनों की हड़ताल के चलते पीजीआईएमएस में मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जांच के लिए आने वाले अधिकतर मरीजों को बाहर से ही वापस भेज दिया गया, जबकि पूर्व में हो चुकी जांच की रिपोर्ट लेने आए मरीज भटकते रहे। हालांकि, कुछ अन्य कर्मचारियों को वैकल्पिक व्यवस्था के लिए इमरजेंसी में ड्यूटी पर लगाया गया था, लेकिन इससे राहत नहीं मिली।
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चंडीगढ़ में हुई वार्ता रही विफल
पीजीआईएमएस में चिकित्सा प्रयोगशाला तकनीशियन सोसायटी के प्रधान पदम सिंह ने बताया कि हड़ताल शुरू होते ही सुबह उनके पास चंडीगढ़ से चिकित्सा एवं अनुसंधान विभाग के एक अधिकारी का फोन आया और वार्ता के लिए बुलाया। दोपहर में प्रधान पदम सिंह और हरियाणा स्टेट लैबोरेट्री टेक्नीशियन एसोसिएशन (जनरल) के प्रधान विक्रम सिंह समेत अन्य संगठनों के पदाधिकारी चंडीगढ़ पहुंचे। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य सेवा डॉ. महापात्रा कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा एवं अनुसंधान धनपत सिंह, महानिदेशक स्वास्थ्य सेवा डॉ. कमला सिंह और निदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग से डीके बेहरा के साथ बातचीत हुई। इस दौरान डॉ. महापात्रा ने ट्रांसफर का हवाला देते हुए कोई भी वादा करने से मना कर दिया। इसके अलावा अन्य अधिकारी भी संतोषजनक आश्वासन नहीं दे सके। ऐसे में घंटों चली वार्ता में कोई समाधान नहीं हो सका। पदम सिंह का आरोप है कि अधिकारियों ने उन पर दबाव बनाने की कोशिश की। इस पर एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि समाधान होने के बाद ही हड़ताल खत्म करेंगे। वार्ता के दौरान रमेश कुमार, सुरेंद्र कुमार, जेपी सिंह और अनिल आदि भी मौजूद रहे।
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केवल इमरजेंसी में आए सैंपलों की जांच
पीजीआईएमएस में की गई वैकल्पिक व्यवस्था में केवल इमरजेंसी में आए सैंपलों की जांच की गई। बायोलॉजी लैब की इंचार्ज डॉ. किरण ने बताया कि मरीजों की परेशानी को देखते हुए अतिरिक्त स्टाफ की व्यवस्था की गई थी। लैब में जो भी सैंपल आए उनकी जांच की गई है। उधर, ब्लड बैंक और गायनी में केवल इमरजेंसी केसों की जांच हो सकी। पीजीआई में दस हजार से अधिक जांच प्रतिदिन होती है, लेकिन हड़ताल की वजह चुनिंदा जांच की गई गई।
मुश्किल से मिली डेट, नहीं हो पाये आपरेशन
ओटी कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से सोमवार को पीजीआई में एक भी आपरेशन नहीं हो सका। जबकि यहां औसतन हर रोज 50 से ज्यादा सर्जरी होती है। मुश्किल से मिली आपरेशन की डेट के बाद सर्जरी नहीं होने से मरीज और उनके तीमारदारों को खासी परेशानी हुई। सर्जरी विभाग में 15 मरीज और आर्थो विभाग में करीब 10 मरीजों के ऑपरेशन होने थे। डॉक्टरों ने सभी ऑपरेशन टाल दिए। ऐसे मरीजों को बाद की तारीख दी गई है। इसके अलावा हड़ताल शुरू होते ही डॉक्टरों ने किसी भी प्रकार की जांच लिखनी ही बंद कर दी थी।
निजी लैब की रही बल्ले-बल्ले
पीजीआईएमएस और सिविल अस्पताल में लैब तकनीशियनों की हड़ताल के चलते निजी लैब संचालकों की बल्ले-बल्ले रहे। दिल्ली रोड स्थित कई निजी लैब पर सुबह से ही मरीजों की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी। रिकार्ड के अनुसार, एक लैब पर जहां 500 से 600 जांच होती थी, हड़ताल के कारण यह आंकड़ा एक हजार के पार पहुंच गया। मरीजों से मनमाफिक दाम वसूले गए।
लैब तकनीशियनों की आज भी रहेगी हड़ताल
पीजीआईएमएस में लैब टेक्नीशियन और ओटी की हड़ताल मंगलवार को रहेगी। ऐसे में दोनों स्थानों पर जाने वाले मरीजों को फिर परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
ऐसा रहा सिविल अस्पताल का हाल
हड़ताल के कारण मरीज जांच के लिए इधर-उधर भटकते रहे। कुछ मरीजों ने निजी लैब पर जांच कराई। मरीजों के ब्लड नमूने को इकट्ठा करने के लिए एएनएम की स्टूडेंट्स और निजी लैब तकनीशियनों को बुलाया गया था। इन्होंने 12 बजे तक ब्लड के नमूने लिए। अस्पताल के लैब में गंभीर केस वालों की ही जांच की गई, जिसमें मलेरिया, कंप्लीट हीमोग्लोबिन, एचबी, बीटी, सीटी, यूरीन आदि जांचें शामिल हैं।
बोले मरीज
- प्रेम नगर की रहने वाली दीपा ने बताया कि वह अपने बच्चे की जांच कराने के लिए आई थी, लेकिन हड़ताल के कारण निजी लैब में जांच करानी पड़ी।
- गुरनाना पुरा निवासी ओमप्रक ाश ने बताया कि उन्हें आरएफटी, एलएफटी की जांच करानी थी, लेकिन जांच नहीं हो सकी। इस कारण परेशानियों का सामना करना पड़ा।
- जनता कालोनी निवासी साधुराम ने बताया कि वह कई दिनोें से बुखार से पीड़ित हैं। सिविल अस्पताल से इलाज करा रहे हैं। पहले डॉक्टर ने जांच करायी थी, लेकिन आराम नहीं हुआ। आज फिर जांच को लिखा था, लेकिन अस्पताल में जांच नहीं हुई इसलिए बाहर से जांच करानी पड़ी।
हड़ताल के कारण पीजीआईएमएस में इमरजेंसी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने दिया गया। स्टाफ नर्स और अन्य स्टाफ की ड्यूटी लगा दी गई है, जिन्होंने इमरजेंसी को सुचारू रूप से चलाया। इस कारण इमरजेंसी के मरीजों को कोई परेशानी नहीं हुई।
- डॉ. अशोक चौहान, एमएस पीजीआईएमएस