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कंप्यूटर से भी तेज दिमाग चलता है ‘खुशी’ का
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sat, 19 Dec 2015 02:29 AM IST
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7 साल की खुशी डागर का दिमाग कंप्यूटर से भी तेज चलता है। खेलने-कूदने की उम्र में वह मिनटों में बड़ी से बड़ी संख्या को सरपट हल कर देेते है। और सिर्फ 15 सेकेंड में हरियाणा के सभी जिलों के नाम भी बता देती है।
खुशी की इस विलक्षण प्रतिभा को देखते हुए डी-पार्क स्थित लक्ष्य इंस्टीट्यूट ने 3 साल के बच्चों के लिए स्पेशल क्लास लगाने का निर्णय लिया है। यह बात इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर रणबीर सिंह ने कही। वह शुक्रवार को अपने इंस्टीट्यूट में हुई पत्रकार वार्ता में बोल रहे थे।
इसके लिए उनके अभिभावकों का एक सेमिनार भी कराया जाएगा। वहीं, खुशी के दादा फौजी रामनिवास डागर ने बताया कि वह पिछले चार साल से अपनी पोती को ट्रेनिंग दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह सप्ताह में एक बार खेल-खेल में खुशी से गणित के पहाड़े, क्यूब, जिले आदि संबंधी गेम खेलते थे। खुशी को निरंतर अभ्यास कराने की वजह से ही आज उसका दिमाग एक कंप्यूटर से भी तेज चलता है।
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अभिभावक अनपढ़, बेटी जीनियस
दादा रामनिवास ने बताया कि उनका बेटा विरेंद्र और बहू पूनम अनपढ़ है। उन्होंने भी बहुत मुश्किल से 10वीं कक्षा पास की थी। वहीं, फौज की नौकरी करते हुए 12वीं तक की पढ़ाई की। अब पोती को जीनियस बनाने में लगे है।
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खुशी की इस विलक्षण प्रतिभा को देखते हुए डी-पार्क स्थित लक्ष्य इंस्टीट्यूट ने 3 साल के बच्चों के लिए स्पेशल क्लास लगाने का निर्णय लिया है। यह बात इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर रणबीर सिंह ने कही। वह शुक्रवार को अपने इंस्टीट्यूट में हुई पत्रकार वार्ता में बोल रहे थे।
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इसके लिए उनके अभिभावकों का एक सेमिनार भी कराया जाएगा। वहीं, खुशी के दादा फौजी रामनिवास डागर ने बताया कि वह पिछले चार साल से अपनी पोती को ट्रेनिंग दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह सप्ताह में एक बार खेल-खेल में खुशी से गणित के पहाड़े, क्यूब, जिले आदि संबंधी गेम खेलते थे। खुशी को निरंतर अभ्यास कराने की वजह से ही आज उसका दिमाग एक कंप्यूटर से भी तेज चलता है।
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अभिभावक अनपढ़, बेटी जीनियस
दादा रामनिवास ने बताया कि उनका बेटा विरेंद्र और बहू पूनम अनपढ़ है। उन्होंने भी बहुत मुश्किल से 10वीं कक्षा पास की थी। वहीं, फौज की नौकरी करते हुए 12वीं तक की पढ़ाई की। अब पोती को जीनियस बनाने में लगे है।